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रहस्यमय बुखार से दो की मौत
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अयोध्या। बीकापुर ब्लॉक क्षेत्र में जानलेवा बुखार का प्रकोप जारी है। अब तक यहां बुखार के चलते सात लोगों की मौत हो चुकी है। अलग-अलग गांव में तमाम लोग बुखार से पीड़ित बताए गए हैं। रविवार शाम एक बालक और सिंचाई विभाग के एक कर्मी की बुखार से मौत हो गई। इससे दहशत का माहौल है, जबकि स्वास्थ्य महकमा हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
चौरे बाजार क्षेत्र के पाली पूरब निवासी खुशीलाल निषाद का पुत्र सर्वेश कुमार (05) सप्ताह भर से बुखार से पीड़ित था। इसका इलाज जिला मुख्यालय अयोध्या के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा था। शनिवार को उसे हास्पिटल से परिजन घर लाए थे।
ग्राम प्रधान रविंद्र यादव ने बताया कि देर शाम घर पर अचानक तबियत बिगड़ने से बालक की मौत हो गई। दूसरी घटना माझा सोनौरा में हुई। गांव के ग्राम प्रधान भगवान बक्स सिंह के पुत्र और सिंचाई विभाग के कर्मचारी राजेश सिंह (55) कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था।
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रविवार देर शाम तबियत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने लखनऊ के लिए रिफर किया। मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही राजेश सिंह ने दम तोड़ दिया। सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। मृतक राजेश सिंह के दो पुत्र हैं।
सीएचसी बीकापुर के अधीक्षक डॉ आरएम शुक्ल ने बताया कि जहां बुखार से मौत होने की सूचना मिलती है। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर दवा का छिड़काव और लोगों को स्वच्छता अपनाने और एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।
दवा का वितरण करने के साथ खून का नमूना लेकर स्लाइड भी बनाई जाती है। बुखार से पीड़ित लोगों को नीम हकीम और झोलाछाप चिकित्सकों से दवा उपचार न कराने के लिए बताया जाता है।
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चौरे बाजार क्षेत्र के पाली पूरब निवासी खुशीलाल निषाद का पुत्र सर्वेश कुमार (05) सप्ताह भर से बुखार से पीड़ित था। इसका इलाज जिला मुख्यालय अयोध्या के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा था। शनिवार को उसे हास्पिटल से परिजन घर लाए थे।
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ग्राम प्रधान रविंद्र यादव ने बताया कि देर शाम घर पर अचानक तबियत बिगड़ने से बालक की मौत हो गई। दूसरी घटना माझा सोनौरा में हुई। गांव के ग्राम प्रधान भगवान बक्स सिंह के पुत्र और सिंचाई विभाग के कर्मचारी राजेश सिंह (55) कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था।
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रविवार देर शाम तबियत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने लखनऊ के लिए रिफर किया। मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही राजेश सिंह ने दम तोड़ दिया। सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। मृतक राजेश सिंह के दो पुत्र हैं।
सीएचसी बीकापुर के अधीक्षक डॉ आरएम शुक्ल ने बताया कि जहां बुखार से मौत होने की सूचना मिलती है। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर दवा का छिड़काव और लोगों को स्वच्छता अपनाने और एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।
दवा का वितरण करने के साथ खून का नमूना लेकर स्लाइड भी बनाई जाती है। बुखार से पीड़ित लोगों को नीम हकीम और झोलाछाप चिकित्सकों से दवा उपचार न कराने के लिए बताया जाता है।