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रामभक्तों के विश्वास की विजय है राममंदिर निर्माण : ज्ञानानंद

Fri, 25 Mar 2022 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:45 PM IST
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The victory of the faith of Ram devotees is the construction of Ram temple: Gyananand
अयोध्या। अयोध्या की मणिराम दास की छावनी में जीओ गीता व कृष्ण कृपा परिवार द्वारा आयोजित सत्संग के दूसरे दिन का शुभारंभ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रवचन सत्र को संबोधित करते हुए गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि विश्वास और अहंकार के बीच टकराव हुआ तो विजय हमेशा विश्वास की होती है। राम भक्तों के विश्वास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण राम भक्तों के विश्वास की ही विजय है।
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उन्होंने कहा कि भगवद्गीता व अवध धाम में अनेक समानताएं है। गीता में राम और राम में गीता का उल्लेख करते हुए बोले कि भारत की जनता का विश्वास अतुल्य है। अयोध्या के भरत त्याग की मूर्ति और शकुंतला के पुत्र भरत कर्मयोग के प्रतीक थे और जड़ भरत भी श्रद्धा भाव की प्रतिमूर्ति थे।
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उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर का सिंहासन दो भाइयों के बीच महाभारत का कारण बना। दूसरी ओर अवध का सिंहासन भरत के प्रेम व त्याग का प्रतीक है। भारत में संकट के बीच अनेक अवतारों पर दिव्यता प्रकट होती है। ऐसा ही कुछ महाभारत में हुआ। इस युद्ध के बीच विश्व को भगवद्गीता की प्राप्ति हुई।
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उन्होंने कहा कि गीता अलौकिक प्ररेणा देती है, भक्ति कर्म व ज्ञान की पराकाष्ठा है। अवतार परंपरा भारत का एक अमूल्य गौरव है जोकि दुनिया में कहीं देखने को नहीं मिलता। सनातन परंपरा में जब-जब आवश्यकता पड़ी, तब-तब भगवान प्रकट होते हैं। यही बात रामायण में भी कही गई है। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण दोनों एक ही तत्व हैं।
अयोध्या को बैकुंठ की संज्ञा देते हुए गीता मनीषी ने राम जन्म भूमि को बड़ा बताते हुए कहा कि भगवान राम ने जिस धरा पर जन्म लिया वह सबसे श्रेष्ठ है। जिन-जिन भक्तों ने भगवान पर अटूट विश्वास प्रकट किया, उनकी कभी हानि नहीं हुई। कहा कि भगवद्गीता के उपदेश की दिव्यता अयोध्या भूमि से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि गीता उपदेश व अयोध्या धाम में काफी समानता है। इस अवसर पर महंत कमल नयन दास, महंत सुरेशदास, जगु श्रीधराचार्य, प्रदीप मित्तल, भगीरथ पचेरीवाला व अरुण अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे।

इस अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने वृंदावन व दिल्ली सहित दूर-दूर से आए हजारों भक्तों को राममंदिर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 तक भव्य गर्भगृह में भक्तों को रामलला का दर्शन प्राप्त होने लगेगा। अभी नींव के दूसरे चरण के क्रम में चबूतरे के निर्माण का कार्य चल रहा है। यह कार्य जून माह तक पूरा हो जाने की संभावना है।
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