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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The head removed two hospitals, surgeons suspended

दो अस्पतालों के मुखिया हटाए, सर्जन सस्पेंड

Sun, 20 Sep 2015 11:14 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 20 Sep 2015 11:14 PM IST
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न वहां मरीजों के जांच की व्यवस्था थी न दवाओं से लेकर ऑपरेशन और इलाज के इंतजाम थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने एक सर्जन को सस्पेंड कर दिया जबकि सीएमएस समेत दो डॉक्टरों को अस्पताल छोड़ने के निर्देश दिए।
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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के औचक निरीक्षाण में रविवार को यहां स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की पोल खुल गई। यहां से जिला अस्पताल आए मंत्री ने वार्ड में मरीज की दवाएं बाहर से खरीदी देखी तो बिफर पड़े।
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प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसी तिवारी को मौके पर हटाए जाने के निर्देश दिए। हालांकि महिला अस्पताल में मंत्री को सब कुछ ओके नजर आया।

स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने सबसे पहले रविवार दोपहर 12 बजे दर्शननगर स्थित मंडलीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के साथ स्वास्थ्य महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. विजय लक्ष्मी मौजूद रहीं। हाल में सात अगस्त को शुरू हुए इस अस्पताल में जगह-जगह खामियां देख मंत्री का पारा चढ़ गया।
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अस्पताल में भर्ती विपिन (24) के परिवारीजन ने बाहर से जांच लिखे जाने का आरोप लगाया, मंत्री ने पैथालॉजी रिपोर्ट देखी, फिर सीएमएस डॉ एके सिंह व पर्ची लिखने वाले संबंधित डॉ. वेदप्रकाश सिंह को फटकार लगाई। 

हालांकि इस बारे में डॉ. वेद प्रकाश का कहना है कि इस मरीज को जिला अस्पताल जांच के लिए रेफर किया था, प्राइवेट में जांच कराने के लिए नहीं कहा था। नाराज मंत्री ने डॉ. वेदप्रकाश को मंडलीय चिकित्सालय से फौरी तौर पर हटाने को कहा।

ऊपर वार्ड में पहुंचे तो हर मरीज के पास निजी एक पैथालॉजी की जांच रिपोर्ट मिली। इस पर मंत्री ने सर्जन डॉ. वसी अब्बास रिजवी से पूछा कि सारी जांचें बाहर से क्यों कराई जा रही हैं, इसका वे जवाब न दे सके। बाद में मंत्री जैसे ही ऑपरेशन थिएटर में पहुंचे, वहां ऑपरेशन टेबल पर धूल जमी मिली।

रिकॉर्ड जांचा तो अस्पताल खुलने के बाद से अब तक महज 11 ऑपरेशन पाए गए। इनमें 10 माइनर और एक मेजर ऑपरेशन था। मंत्री ने इतने बड़े अस्पताल में कम ऑपरेशन करने और बाहर से दवाएं लिखने के आरोप में सर्जन वसी अब्बास को सस्पेंड करने का आदेश दिया।

मंत्री ने तत्काल सीएमएस डॉ एके सिंह को भी हटाने का निर्देश दिया। यहां से सीधे स्वास्थ्य मंत्री का काफिला जिला अस्पताल पहुंचा, जहां सर्जरी वार्ड में दो मरीजों के पास एक- एक इंजेंक्शन बाहर से लिखा पाया गया।


मौके बिफरे मंत्री ने प्रमुख अधीक्षक से कहा कि आप नियमित रूप से अस्पताल में नहीं रहते हैं, इसी नतीजा है कि अस्पताल में अव्यवस्था है। मंत्री ने जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एसी तिवारी को फौरी तौर पर हटाए जाने का निर्देश दिया।
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