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तांबे की 35360 पट्टियों की पहली खेप पहुंची अयोध्या

Thu, 31 Mar 2022 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 11:42 PM IST
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The first consignment of 35360 copper strips reached Ayodhya
अयोध्या-राममंदिर के जारी निर्माण कार्य की फाइल फोटो।-संवाद - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर की खूबसूरती व मजबूती के लिए हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की इकाई इंडियन कॉपर काम्प्लेक्स (आइसीसी) कारखाना में निर्मित तांबे की 35,360 पत्तियों पहली खेप अयोध्या पहुंच गई है।
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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित घाटशिला के मउ भंडार स्थित कारखाने से 13.90 टन तांबे से बनी पत्तियों को रामजन्मभूमि में रखा गया है। इनका उपयोग राममंदिर के पत्थरों को जोड़ने में किया जाएगा। इसकी टेस्टिंग शुरू हो गई है।
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रामजन्मभूमि में अभी नींव के दूसरे चरण का काम चल रहा है। जिसके तहत राममंदिर की नींव के ऊपर 21 फीट ऊंची प्लिंथ बनाई जा रही है। सात लेयर में बनने वाली प्लिंथ की एक लेयर तैयार हो चुकी है।
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दूसरी लेयर का काम तेजी से चल रहा है। प्लिंथ का काम पूरा होते ही गर्भगृह को आकार देने का काम शुरू हो जाएगा। भूतल के पत्थरों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए तांबे की पट्टियों का प्रयोग किया जाना है।
इसके लिए झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित घाटशिला के मउ भंडार के कारखाने में 3.90 टन तांबे से बनी 35,360 पत्तियों की पहली खेप बुधवार रात अयोध्या पहुंची है।
इन पट्टियों को 221 बक्से में रखा गया है। प्रत्येक बक्से में 160 पीस पट्टियां हैं। एक पीस तांबा की पट्टियों का वजन 360 ग्राम है। पट्टियों की लंबाई 256 मिलीमीटर, चौड़ाई 32 मिलीमीटर व मोटाई छह मिलीमीटर है।
ट्रस्ट सूत्रों ने बताया कि तांबे की पट्टियों से पत्थरों को जोड़ने की टेस्टिंग भी इंजीनियरों ने परिसर में शुरू कर दी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक तांबे की पट्टियों को मंदिर के बाहरी आवरण में लगाया जाएगा।
चूंकि श्रीराम मंदिर में लोहे या स्टील का उपयोग नहीं किया जाएगा, इसलिए तांबे की पट्टियों का प्रयोग पत्थरों को जोड़ने में किया जाना है। मंदिर निर्माण के कार्य में 70 हजार तांबे की पट्टियां लगेंगी।

इसमें 27 टन तांबे की पत्ती और तीन टन तांबे के बोल्ट लगेंगे। बोल्ट मुंबई के तलोजा स्थित एचसीएल प्लांट से आएगा। तांबे की पट्टियों को जोड़ने के लिए बोल्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
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