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बाप की अवैध शराब ने ली बेटे की जान
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:12 PM IST
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पिता द्वारा बेची जा रही अवैध कच्ची शराब के पीने से उसके युवा पुत्र की मौत हो गई। गुरुवार को परिवारीजन जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो ग्रामीणों का आक्रोश भड़क गया और मार्ग जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में पड़ताल की जा रही है।
हैदरगंज थाना क्षेत्र के ग्रामसभा भैरवपुर टिकरा के बाबा नगर निवासी शत्रुघ्न निषाद (32) पुत्र रामकृपाल निषाद ने बुधवार को दोपहर करीब दो बजे छक कर शराब पी। वह बदहवाश हो गया और पास स्थित प्राथमिक विद्यालय में जाकर शोर मचाता रहा।
प्यास लगने पर उसने बगल स्थित तालाब का पानी भी पी लिया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पिता को दी लेकिन पिता ने रोज की तरह सुनकर नजरंदाज कर दिया। थोड़ी देर बाद छोटी बहन मोहिनी भाई के लिए पानी लेकर गई लेकिन शत्रुघ्न पानी नहीं पी सका।
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सूचना पर जब पिता पुत्र के पास पहुंचा तो उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। बुधवार देर शाम करीब सात बजे ठेला पर शत्रुघभन को लादकर अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। गुरुवार सुबह परिवारीजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो गांव के लोगों ने बल्ली लगाकर मार्ग जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और ग्रामीणों को शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिता अवैध शराब का धंधा करता है, इससे सभी तंग हैं, लेकिन पुलिस मिली रहती है।
थानाध्यक्ष आरपी रावत ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। ग्रामीणों ने बताया कि परचून की दुकान की आड़ में रामकृपाल कच्ची शराब का अवैध कारोबार करता है। कई बार वह जेल भी जा चुका है।
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हैदरगंज थाना क्षेत्र के ग्रामसभा भैरवपुर टिकरा के बाबा नगर निवासी शत्रुघ्न निषाद (32) पुत्र रामकृपाल निषाद ने बुधवार को दोपहर करीब दो बजे छक कर शराब पी। वह बदहवाश हो गया और पास स्थित प्राथमिक विद्यालय में जाकर शोर मचाता रहा।
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प्यास लगने पर उसने बगल स्थित तालाब का पानी भी पी लिया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पिता को दी लेकिन पिता ने रोज की तरह सुनकर नजरंदाज कर दिया। थोड़ी देर बाद छोटी बहन मोहिनी भाई के लिए पानी लेकर गई लेकिन शत्रुघ्न पानी नहीं पी सका।
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सूचना पर जब पिता पुत्र के पास पहुंचा तो उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। बुधवार देर शाम करीब सात बजे ठेला पर शत्रुघभन को लादकर अस्पताल ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। गुरुवार सुबह परिवारीजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो गांव के लोगों ने बल्ली लगाकर मार्ग जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और ग्रामीणों को शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिता अवैध शराब का धंधा करता है, इससे सभी तंग हैं, लेकिन पुलिस मिली रहती है।
थानाध्यक्ष आरपी रावत ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। ग्रामीणों ने बताया कि परचून की दुकान की आड़ में रामकृपाल कच्ची शराब का अवैध कारोबार करता है। कई बार वह जेल भी जा चुका है।