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शिक्षिका से छुटकारा पाने के लिए किशोर प्रेमी ने की थी हत्या
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अयोध्या। चुनौती बने श्रीराम पुरम कॉलोनी में एक जून को हुई शिक्षिका हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा रविवार को पुलिस ने कर दिया। पुलिस के अनुसार मोहल्ले में रहने वाले शिक्षिका के किशोर प्रेमी ने ही छुटकारा पाने के लिए उसे मौत के घाट उतारा था।
हत्या को लूट की तरफ मोड़ने के लिए जेवरात व नकदी भी उठा ले गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त नुकीला हथियार, चोरी किए गए जेवरात व नगदी बरामद की है। हत्या आरोपी की मां एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ी हैं।
पुलिस लाइन सभागार में वारदात का खुलासा करते हुए डीआईजी अमरेंद्र प्रताप सिंह व एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि श्रीराम पुरम कॉलोनी में मृतका के पिता के घर के पास रहने वाले 17 वर्षीय किशोर के तीन साल से शिक्षिका सुप्रिया वर्मा से संबंध थे।
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दोनों परिजनों की गैर मौजूदगी में एक-दूसरे के घर पर मुलाकात भी करते थे। इधर, प्रेमी के कई अन्य लड़कियों से भी संबंध हो गये थे। वह शिक्षिका से संबंध तोड़ना चाहता था लेकिन शिक्षिका संबंध बनाए रखने के लिए दबाव बना रही थी।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि वारदात वाले दिन जब पति व शिक्षिका की मां शिक्षिका को उसके निर्माणाधीन मकान में छोड़कर बैंक जाने के लिए निकले तभी पहले से ही घात लगाए बैठा नाबालिग प्रेमी उसके कमरे में घुस गया।
वो हत्या करने के इरादे से भाले की शक्ल में एक नुकीला हथियार लेकर आया था। संबंध तोड़ने की जिद पर दोनों में बहस हो गई। इस बीच प्रेमी ने शिक्षिका को धक्का दिया और वह जमीन पर गिर गई।
इसके बाद साथ में लाए लोहे की उसी नुकीले हथियार से उसने शिक्षिका के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिये। जिससे उसकी मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि हत्या को लूट की शक्ल देने के लिए आरोपी ने घर की दो आलमारी खंगाली।
एक आलमारी में कोई सामान नहीं मिला। दूसरी आलमारी में नकदी व जेवरात रखे गए थे। बड़ी चालाकी से उसने कुछ जेवरात ले लिये और कुछ जेवरात बिस्तर व आसपास बिखेर दिये।
आलमारी में रखे 50 हजार रुपये और कुछ जेवरात लेकर वह चला गया। पहने हुए कपड़े, जेवरात व हत्या में प्रयुक्त नुकीला हथियार उसने अपने घर में ही गड्ढा खोदकर दबा दिये और बड़ी ही चालाकी से पुलिस को घुमाता रहा।
तमाम साक्ष्यों को जुटाकर पुलिस ने रविवार सुबह करीब आरोपी प्रेमी को अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के महोबरा ओवरब्रिज के नीचे से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर शिक्षिका के घर से ले जाए गए दो जोड़ी पावजेब, एक कमरबंद, तीन जोड़ी पायल, 29 बिछिया, सोने की चार चेन, तीन पीस अंगूठी, कान की बाली, टॉप्स, टीका, नथिया, 25 हजार नकदी, भालानुमा नुकीला हथियार, वारदात के समय पहनी गई टी शर्ट, लूट के पैसे से खरीदा गये जूते, कपड़े व दो जोड़ी पायल बरामद हुई हैं।
एक जून को पूर्वाह्न करीब 11 बजे शिक्षिका सुप्रिया वर्मा अपने पति के साथ श्रीराम पुरम कॉलोनी में अपने पिता सुरेश वर्मा के निर्माणाधीन मकान पहुंची। शिक्षिका की मां को लेकर उसका पति बैंक ऑफ बड़ौदा में एटीएम कार्ड लाने गया और शिक्षिका को निर्माणाधीन मकान के नीचे के कमरे में छोड़कर चला गया।
22 मिनट बाद जब वह दोनों लौटे तो शिक्षिका जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी। शिक्षिका के गले, पीठ व शरीर के अन्य जगहों पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। अचेतावस्था में उसे राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शिक्षिका व किशोर के बीच 2019 से संबंध थे। दोनों की बातचीत हमेशा आमने-सामने ही होती है। दोनों इतने सतर्क थे कि तीन साल में एक बार भी मोबाइल से बात नहीं की। इस कारण ही सीडीआर से पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल रही थी।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि घटना के दिन सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो उनमें दिखे सभी लोगों की शिनाख्त हो गई और जांच में सभी निर्दोष पाए गए। जबकि, एक हट्टा-कट्टा युवक धारीदार टी शर्ट पहने हुए दिखाई पड़ा।
जिसका चेहरा नहीं दिख रहा था। टी शर्ट को आधार मानकर पुलिस ने टी शर्ट क्रय करने वाले व्यक्ति की खोजबीन शुरू की तो शहर के दुकानदारों से पता चला कि यह टी शर्ट ऑनलाइन खरीदी गई होगी।
पुलिस ने सभी ऑनलाइन मार्केटिंग की साइटों से संपर्क साधा तो एक ऑनलाइन साइट से यह टी शर्ट बेचने की बात पता चली। पुलिस ने सभी खरीददारों की सूची निकलवाई तो एक नाम मृतका के कॉलोनी का मिला।
पुलिस ने उसी आधार पर छानबीन की और आरोपी तक पहुंच गई। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय का शनिवार को ही गैर जनपद तबादला हो गया है, लेकिन एक माह पूर्व दिनदहाड़े हुई इस वारदात का खुलासा न होने से जनपदवासियों के जेहन में एक सवाल गूंज रहा था।
ऐसे में जिले से रिलीव होने से पहले ही एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने इस रहस्यमय वारदात का खुलासा करके अपनी काबिलियत व बेहतर सूझबूझ का एक बार फिर से लोहा मनवाया। उन्होंने टीम को इसी तरह सूझबूझ से आगे भी कार्य करने के लिए निर्देशित किया।
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हत्या को लूट की तरफ मोड़ने के लिए जेवरात व नकदी भी उठा ले गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त नुकीला हथियार, चोरी किए गए जेवरात व नगदी बरामद की है। हत्या आरोपी की मां एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ी हैं।
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पुलिस लाइन सभागार में वारदात का खुलासा करते हुए डीआईजी अमरेंद्र प्रताप सिंह व एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि श्रीराम पुरम कॉलोनी में मृतका के पिता के घर के पास रहने वाले 17 वर्षीय किशोर के तीन साल से शिक्षिका सुप्रिया वर्मा से संबंध थे।
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दोनों परिजनों की गैर मौजूदगी में एक-दूसरे के घर पर मुलाकात भी करते थे। इधर, प्रेमी के कई अन्य लड़कियों से भी संबंध हो गये थे। वह शिक्षिका से संबंध तोड़ना चाहता था लेकिन शिक्षिका संबंध बनाए रखने के लिए दबाव बना रही थी।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि वारदात वाले दिन जब पति व शिक्षिका की मां शिक्षिका को उसके निर्माणाधीन मकान में छोड़कर बैंक जाने के लिए निकले तभी पहले से ही घात लगाए बैठा नाबालिग प्रेमी उसके कमरे में घुस गया।
वो हत्या करने के इरादे से भाले की शक्ल में एक नुकीला हथियार लेकर आया था। संबंध तोड़ने की जिद पर दोनों में बहस हो गई। इस बीच प्रेमी ने शिक्षिका को धक्का दिया और वह जमीन पर गिर गई।
इसके बाद साथ में लाए लोहे की उसी नुकीले हथियार से उसने शिक्षिका के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिये। जिससे उसकी मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि हत्या को लूट की शक्ल देने के लिए आरोपी ने घर की दो आलमारी खंगाली।
एक आलमारी में कोई सामान नहीं मिला। दूसरी आलमारी में नकदी व जेवरात रखे गए थे। बड़ी चालाकी से उसने कुछ जेवरात ले लिये और कुछ जेवरात बिस्तर व आसपास बिखेर दिये।
आलमारी में रखे 50 हजार रुपये और कुछ जेवरात लेकर वह चला गया। पहने हुए कपड़े, जेवरात व हत्या में प्रयुक्त नुकीला हथियार उसने अपने घर में ही गड्ढा खोदकर दबा दिये और बड़ी ही चालाकी से पुलिस को घुमाता रहा।
तमाम साक्ष्यों को जुटाकर पुलिस ने रविवार सुबह करीब आरोपी प्रेमी को अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के महोबरा ओवरब्रिज के नीचे से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर शिक्षिका के घर से ले जाए गए दो जोड़ी पावजेब, एक कमरबंद, तीन जोड़ी पायल, 29 बिछिया, सोने की चार चेन, तीन पीस अंगूठी, कान की बाली, टॉप्स, टीका, नथिया, 25 हजार नकदी, भालानुमा नुकीला हथियार, वारदात के समय पहनी गई टी शर्ट, लूट के पैसे से खरीदा गये जूते, कपड़े व दो जोड़ी पायल बरामद हुई हैं।
एक जून को पूर्वाह्न करीब 11 बजे शिक्षिका सुप्रिया वर्मा अपने पति के साथ श्रीराम पुरम कॉलोनी में अपने पिता सुरेश वर्मा के निर्माणाधीन मकान पहुंची। शिक्षिका की मां को लेकर उसका पति बैंक ऑफ बड़ौदा में एटीएम कार्ड लाने गया और शिक्षिका को निर्माणाधीन मकान के नीचे के कमरे में छोड़कर चला गया।
22 मिनट बाद जब वह दोनों लौटे तो शिक्षिका जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी। शिक्षिका के गले, पीठ व शरीर के अन्य जगहों पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। अचेतावस्था में उसे राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शिक्षिका व किशोर के बीच 2019 से संबंध थे। दोनों की बातचीत हमेशा आमने-सामने ही होती है। दोनों इतने सतर्क थे कि तीन साल में एक बार भी मोबाइल से बात नहीं की। इस कारण ही सीडीआर से पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल रही थी।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि घटना के दिन सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो उनमें दिखे सभी लोगों की शिनाख्त हो गई और जांच में सभी निर्दोष पाए गए। जबकि, एक हट्टा-कट्टा युवक धारीदार टी शर्ट पहने हुए दिखाई पड़ा।
जिसका चेहरा नहीं दिख रहा था। टी शर्ट को आधार मानकर पुलिस ने टी शर्ट क्रय करने वाले व्यक्ति की खोजबीन शुरू की तो शहर के दुकानदारों से पता चला कि यह टी शर्ट ऑनलाइन खरीदी गई होगी।
पुलिस ने सभी ऑनलाइन मार्केटिंग की साइटों से संपर्क साधा तो एक ऑनलाइन साइट से यह टी शर्ट बेचने की बात पता चली। पुलिस ने सभी खरीददारों की सूची निकलवाई तो एक नाम मृतका के कॉलोनी का मिला।
पुलिस ने उसी आधार पर छानबीन की और आरोपी तक पहुंच गई। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय का शनिवार को ही गैर जनपद तबादला हो गया है, लेकिन एक माह पूर्व दिनदहाड़े हुई इस वारदात का खुलासा न होने से जनपदवासियों के जेहन में एक सवाल गूंज रहा था।
ऐसे में जिले से रिलीव होने से पहले ही एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने इस रहस्यमय वारदात का खुलासा करके अपनी काबिलियत व बेहतर सूझबूझ का एक बार फिर से लोहा मनवाया। उन्होंने टीम को इसी तरह सूझबूझ से आगे भी कार्य करने के लिए निर्देशित किया।