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Ayodhya News: कानपुर से कोलकाता तक है मवई में बने ताजियों की मांग
Wed, 26 Jul 2023 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 26 Jul 2023 11:50 PM IST
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रूदौली, अयोध्या। मोहर्रम को लेकर रुदौली तहसील में ताजिया निर्माण का काम भी तेज हो गया है। क्षेत्र के मवई गांव में बने ताजिये अपनी कला और बेजोड़ कारीगरी के लिए दूर-दूर तक मशहूर हैं। कानपुर से लेकर कोलकाता तक में मवई गांव के बने ताजियों की मांग है। यहां लगभग 40 से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी इसी कारोबार पर निर्भर है। इस समय ये परिवार तीन हजार से अधिक ताजियों का निर्माण करने में जुटे हैं।
ताजिया बनाने में मशहूर मवई के मोहम्मद उर्फ कल्लू ताजिया वाले ने बताया कि इस बार छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 50 ताजिये बना रहे हैं। वहीं कारीगर सरवर व शमशेर ने बताया कि मवई के कारीगरों द्वारा नक्काशी कर जो पेपर कटिंग की जाती है, वह दूर-दूर तक मशहूर है। फरहान खां बताते हैं कि मवई गांव में ताजिया बनाने का कार्य कई दशकों से चल रहा है। इसमें अजीम, मुन्ना, इशहाक, इस्तियाक, शब्बीर समेत करीब 40 परिवार के लोग ताजिया बनाते हैं। शारिक खां बताते हैं कि यहीं के बने ताजिये आसपास जिलों के अलावा कानपुर, कोलकाता, रायबरेली, चंडीगढ़, बरेली, उन्नाव, कन्नौज, लखीमपुर तक के लोग ले जाते हैं।
35 हजार तक है ताजियों की कीमत
मवई के मशहूर ताजिया कारीगर कल्लू ने बताया कि इस बार मवई के कारीगरों ने तीन हजार से लेकर 35 हजार रुपये तक के ताजिये तैयार किए हैं। दूर-दूर से लोग यहां आकर ताजिये ले जा रहे हैं। बताया कि एक बेहतर ताजिरा को बनाने में लगभग 40 दिन लग जाते हैं। इसमें परिवार के करीब 6-7 लोग काम करते हैं।
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ताजिया बनाने में मशहूर मवई के मोहम्मद उर्फ कल्लू ताजिया वाले ने बताया कि इस बार छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 50 ताजिये बना रहे हैं। वहीं कारीगर सरवर व शमशेर ने बताया कि मवई के कारीगरों द्वारा नक्काशी कर जो पेपर कटिंग की जाती है, वह दूर-दूर तक मशहूर है। फरहान खां बताते हैं कि मवई गांव में ताजिया बनाने का कार्य कई दशकों से चल रहा है। इसमें अजीम, मुन्ना, इशहाक, इस्तियाक, शब्बीर समेत करीब 40 परिवार के लोग ताजिया बनाते हैं। शारिक खां बताते हैं कि यहीं के बने ताजिये आसपास जिलों के अलावा कानपुर, कोलकाता, रायबरेली, चंडीगढ़, बरेली, उन्नाव, कन्नौज, लखीमपुर तक के लोग ले जाते हैं।
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35 हजार तक है ताजियों की कीमत
मवई के मशहूर ताजिया कारीगर कल्लू ने बताया कि इस बार मवई के कारीगरों ने तीन हजार से लेकर 35 हजार रुपये तक के ताजिये तैयार किए हैं। दूर-दूर से लोग यहां आकर ताजिये ले जा रहे हैं। बताया कि एक बेहतर ताजिरा को बनाने में लगभग 40 दिन लग जाते हैं। इसमें परिवार के करीब 6-7 लोग काम करते हैं।
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