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राममंदिर निर्माण को होगा सीताराम महायज्ञ
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण की बाधाओं के निवारण की कामना को लेकर सिद्ध संतों की उपासना स्थली रही फटिकशिला आश्रम में 17 फरवरी से श्री सीताराम नाम जाप महायज्ञ का आयोजन होगा। इसमें 1500 नाम जापकों द्वारा 54 कीर्तन कुंजों में राममंत्र का अनवरत जाप किया जाएगा। अनुष्ठान का समापन 26 फरवरी को होगा। इससे पूर्व सोमवार को रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने महायज्ञ के लिए धर्म ध्वजा का पूजन किया।
तपस्वी संत नारायण दास उर्फ बगही बाबा की 103वीं जयंती व महंत रामाज्ञा दास की स्मृति में 17 से 26 फरवरी तक फटिक शिला में श्री सीताराम नाम जाप महायज्ञ का आयोजन मंदिर के महंत शुकेदव दास की अध्यक्षता में होगा। उन्होंने बताया कि महायज्ञ में 54 कीर्तन कुंजों में 1500 जापकों द्वारा अनवरत सीताराम नाम का जाप किया जाएगा। कहा कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
शीघ्र राममंदिर निर्माण व इसकी बाधाओं के निवारण की कामना से श्री सीताराम नाम महायज्ञ किया जाएगा। पांच हवन कुंडों में आचार्यों द्वारा प्रतिदिन वैदिक मंत्रों से आहुति डाली जाएगी। श्रीरामचरित मानस पाठ सहित संगीतमय श्रीरामकथा व विद्वानों का आध्यात्मिक प्रवचन भी महायज्ञ की धार्मिक आभा को बढ़ाएगा। इससे पूर्व सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से धर्म ध्वजा पूजन किया गया। इसमें मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, श्रीमहंत धर्मदास, महंत गौरीशंकर दास, संत आनंद शास्त्री, कमलेश सिंह, दयाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
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फटिक शिला आश्रम के महंत व श्री सीताराम नाम महायज्ञ के संयोजक सुखदेव दास ने बताया कि महायज्ञ में आश्रम की शिष्य परंपरा से जुड़े देश-विदेश के करीब एक लाख भक्त पधारेंगे। बताया कि हॉलैंड, नेपाल सहित बिहार, मध्य प्रदेश, मुंबई, दिल्ली, कानपुर, मथुरा-वृंदावन आदि जिलों से भक्तों का आगमन होगा। आयोजन के लिए विशाल यज्ञ मंडप तैयार कराया जा रहा है। बताया कि आश्रम में 23 वर्षों बाद श्री सीताराम नाम जाप महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। इससे पहले राममंदिर निर्माण के लिए वर्ष 1992 व 1997 में भी श्री सीताराम नाम महायज्ञ का आयोजन बगही बाबा के सानिध्य में हुआ था।
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तपस्वी संत नारायण दास उर्फ बगही बाबा की 103वीं जयंती व महंत रामाज्ञा दास की स्मृति में 17 से 26 फरवरी तक फटिक शिला में श्री सीताराम नाम जाप महायज्ञ का आयोजन मंदिर के महंत शुकेदव दास की अध्यक्षता में होगा। उन्होंने बताया कि महायज्ञ में 54 कीर्तन कुंजों में 1500 जापकों द्वारा अनवरत सीताराम नाम का जाप किया जाएगा। कहा कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
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शीघ्र राममंदिर निर्माण व इसकी बाधाओं के निवारण की कामना से श्री सीताराम नाम महायज्ञ किया जाएगा। पांच हवन कुंडों में आचार्यों द्वारा प्रतिदिन वैदिक मंत्रों से आहुति डाली जाएगी। श्रीरामचरित मानस पाठ सहित संगीतमय श्रीरामकथा व विद्वानों का आध्यात्मिक प्रवचन भी महायज्ञ की धार्मिक आभा को बढ़ाएगा। इससे पूर्व सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से धर्म ध्वजा पूजन किया गया। इसमें मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, श्रीमहंत धर्मदास, महंत गौरीशंकर दास, संत आनंद शास्त्री, कमलेश सिंह, दयाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
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फटिक शिला आश्रम के महंत व श्री सीताराम नाम महायज्ञ के संयोजक सुखदेव दास ने बताया कि महायज्ञ में आश्रम की शिष्य परंपरा से जुड़े देश-विदेश के करीब एक लाख भक्त पधारेंगे। बताया कि हॉलैंड, नेपाल सहित बिहार, मध्य प्रदेश, मुंबई, दिल्ली, कानपुर, मथुरा-वृंदावन आदि जिलों से भक्तों का आगमन होगा। आयोजन के लिए विशाल यज्ञ मंडप तैयार कराया जा रहा है। बताया कि आश्रम में 23 वर्षों बाद श्री सीताराम नाम जाप महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। इससे पहले राममंदिर निर्माण के लिए वर्ष 1992 व 1997 में भी श्री सीताराम नाम महायज्ञ का आयोजन बगही बाबा के सानिध्य में हुआ था।