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अवध के 22 जिलों में होगा श्रीराम महोत्सव
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अयोध्या। संगठन को उच्चशिखर पर आसीन करने में कार्यकर्ताओं की गतिषीलता आवश्यक है। हम अगर अपने कर्त्तव्यों के प्रति निष्ठावान जागरूक हैं तो ईश्वर भी हमारे लक्ष्य की सिद्धी में सहायक बन जायेगा। विहिप की स्थापना ही सामाजिक जीवन मूल्यों को संरक्षण प्रदान करने हेतु हुई है। समाज को एक सूत्र मे निरूपित करने हेतु अनेक प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन होता आया है।
इस बार विहिप देश के दो लाख पचहत्तर हजार गांवों मे 25 मार्च से हनुमान जयंती 8 अप्रैल तक श्रीराम महोत्सव का आयोजन होगा। अवध प्रांत में यह लगभग छह हजार से अधिक गांवों व मुहल्लों में आयोजित करने की तैयारी समाज के सहयोग से होगी। यह बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कारसेवकपुरम में दो दिवसीय अवध प्रांत की बैठक के समापन समारोह को संबोधित करते हुए रविवार को कही।
चंपत राय ने कहा कि कार्यक्षेत्र के प्रति निष्ठावान और जागरूकता के साथ ही समाज में अपने अच्छे व्यवहार से ही कार्यकर्ता संगठन को उच्च शिखर पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान समाज को एक सूत्र में निरूपित करने के लिए अनेक प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान और जनजागरण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाज को सदैव विश्वास रहा कि एक न एक दिन भगवान राम लला अपने दिव्य मंदिर मे विराजमान होंगे।
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आठ नवंबर 1989 में श्रीराम जन्मभूमि निर्माण हेतु देश के दो लाख 75 हजार गांवों में श्रीराम शिलापूजन के कार्यक्रम किये गये थे। इस बार विहिप और संत-धर्माचार्यों ने उन लाखों स्थानों पर चैत्र प्रतिपदा 25 मार्च से हनुमान जयंती आठ अप्रैल तक श्रीराम महोत्सव मनाने का उद्घोष किया है। देशभर के विभिन्न प्रांत कार्यक्रम की तैयारी में लगातार सक्रिय हैं। प्रत्येक प्रांतों में बैठकों का क्रम जारी है। कार्यकर्ता और समाज के समन्वय से यह धार्मिक अनुष्ठान व्यापक स्वरूप प्राप्त करेगा।
इस दौरान बैठक में विभिन्न सत्रों मे छह महीने की योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान करने की रूप रेखा तैयार की गई। बैठक में अवध प्रांत के 22 जिलों के जिलास्तरीय व प्रांतीय टोली के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इससे पूर्व प्रत्येक जिलों ने श्रीराम महोत्सव के आयोजन को लेकर अपने आंकड़े प्रस्तुत किए।
विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश ने बताया कि प्रांत मे छह हजार से अधिक स्थानों पर महोत्सव का आयोजन होगा। जिसमें श्रीराम चरित्र मानसपाठ, शोभा यात्राएं, साधु-संतों के प्रवचन भगवान श्रीराम की मूर्ति या चित्रों की स्थापना करके वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजन-अर्चन किया जाएगा।
बैठक में प्रांतीय संगठन मंत्री राजेश, सहमंत्री गोविंद शाह, सहसंयोजक महेश तिवारी, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, चौरासी कोसी परिक्रमा प्रभारी सुरेंद्र सिंह, बजरंग दल नेता राकेश वर्मा, ब्रजेंद्र सिंह चौहान, विभागमंत्री धीरेश्वर वर्मा, वीरेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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इस बार विहिप देश के दो लाख पचहत्तर हजार गांवों मे 25 मार्च से हनुमान जयंती 8 अप्रैल तक श्रीराम महोत्सव का आयोजन होगा। अवध प्रांत में यह लगभग छह हजार से अधिक गांवों व मुहल्लों में आयोजित करने की तैयारी समाज के सहयोग से होगी। यह बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कारसेवकपुरम में दो दिवसीय अवध प्रांत की बैठक के समापन समारोह को संबोधित करते हुए रविवार को कही।
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चंपत राय ने कहा कि कार्यक्षेत्र के प्रति निष्ठावान और जागरूकता के साथ ही समाज में अपने अच्छे व्यवहार से ही कार्यकर्ता संगठन को उच्च शिखर पर स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान समाज को एक सूत्र में निरूपित करने के लिए अनेक प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान और जनजागरण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाज को सदैव विश्वास रहा कि एक न एक दिन भगवान राम लला अपने दिव्य मंदिर मे विराजमान होंगे।
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आठ नवंबर 1989 में श्रीराम जन्मभूमि निर्माण हेतु देश के दो लाख 75 हजार गांवों में श्रीराम शिलापूजन के कार्यक्रम किये गये थे। इस बार विहिप और संत-धर्माचार्यों ने उन लाखों स्थानों पर चैत्र प्रतिपदा 25 मार्च से हनुमान जयंती आठ अप्रैल तक श्रीराम महोत्सव मनाने का उद्घोष किया है। देशभर के विभिन्न प्रांत कार्यक्रम की तैयारी में लगातार सक्रिय हैं। प्रत्येक प्रांतों में बैठकों का क्रम जारी है। कार्यकर्ता और समाज के समन्वय से यह धार्मिक अनुष्ठान व्यापक स्वरूप प्राप्त करेगा।
इस दौरान बैठक में विभिन्न सत्रों मे छह महीने की योजनाओं को मूर्त रूप प्रदान करने की रूप रेखा तैयार की गई। बैठक में अवध प्रांत के 22 जिलों के जिलास्तरीय व प्रांतीय टोली के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इससे पूर्व प्रत्येक जिलों ने श्रीराम महोत्सव के आयोजन को लेकर अपने आंकड़े प्रस्तुत किए।
विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश ने बताया कि प्रांत मे छह हजार से अधिक स्थानों पर महोत्सव का आयोजन होगा। जिसमें श्रीराम चरित्र मानसपाठ, शोभा यात्राएं, साधु-संतों के प्रवचन भगवान श्रीराम की मूर्ति या चित्रों की स्थापना करके वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजन-अर्चन किया जाएगा।
बैठक में प्रांतीय संगठन मंत्री राजेश, सहमंत्री गोविंद शाह, सहसंयोजक महेश तिवारी, विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, चौरासी कोसी परिक्रमा प्रभारी सुरेंद्र सिंह, बजरंग दल नेता राकेश वर्मा, ब्रजेंद्र सिंह चौहान, विभागमंत्री धीरेश्वर वर्मा, वीरेंद्र आदि उपस्थित रहे।