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श्रीरामजन्मभूमि परिसर को युद्घस्तर पर सजाने की तैयारी
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में भूमि पूजन की तैयारी का जायजा लेने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे परिसर को भव्य बनाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच अगस्त को आने से पहले पूरे परिसर के समतलीकरण से लेकर अनावश्यक वॉच टॉवर हटाए जाएंगे। मुख्य मार्ग से रामजन्मभूमि तक पक्की नई सड़क बनेगी। साथ ही बारिश को देखते हुए कार्यक्रम के तीन दिन पहले ही वॉटर प्रूफ टेंट के साथ पूरे परिसर को भव्य लाइटिंग और तोरण द्वार के साथ भगवा पताका से सजाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले शनिवार को मुख्य कार्यक्रम स्थल श्रीरामजन्मभूमि का निरीक्षण किया। मौके पर गर्भगृह के आसपास ही समतलीकरण हुआ था। मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर में समतलीकरण के निर्देश दिए साथ ही बारिश को देखते हुए जलजमाव न हो इसका खास ध्यान रखने को कहा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मुख्यमंत्री को पूरे परिसर की स्थिति से परिचित कराया। बाद में उन्होंने कंट्रोल रूम में कुछ मिनट तैयारी की समीक्षा भी की। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जन्मभूमि तक सड़क बनाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे परिसर की साफ-सफाई करके चमकाने को कहा। उन्होंने परिसर का नक्शा भी देखा और आवश्यक निर्देश दिए। प्रमुख सचिव गृह को सुरक्षा को लेकर खास तैयारी करने को कहा।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने रामलला के अस्थाई मंदिर के लिए तीन और चांदी के सिंहासन शनिवार को अर्पित किए। इसके पहले उन्होंने एक भव्य सिंहासन रामलला के लिए दिया था, लेकिन इस पर तीन अन्य भाईयों के विग्रह विराजमान नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के लिए तीन नए सिंहासन दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों भाइयों को नए चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर पूजन अर्चन किया। इसके पहले भी सीएम ने रामलला समेत सभी विग्रह को अस्थाई मंदिर में विराजमान कराया था। राममंदिर के एक पुजारी ने बताया कि पूजा अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना महामारी के कारण राममंदिर निर्माण में कोई दिक्कत न आए इसके लिए प्रार्थना की।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीरामजन्मभूमि पर पूजन अर्चन के बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंग बली के दरबार में माथा टेका। उन्होंने पूजन, अर्चन, आरती कर आशीर्वाद लिया। बाद में वे संतों से भी मिले। उन्होंने महंत संतरामदास, महंत धर्मदास, पुजारी राजूदास, पार्षद रमेश दास से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे वो भी पूरे कार्यक्रम को अच्छे से देख पाएंगे। इसलिए मायूस होने की आवश्यक्ता नहीं है। मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में संतों से स्पष्ट कहा कि कोरोना महामारी के कारण अगर कोई भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए तो वे बुरा न मानें। कार्यक्रम के दौरान इसका प्रसारण एलईडी टीवी के माध्यम से लाइव दिखाया जाएगा।
साधु-संतों के साथ योगी आदित्यनाथ की बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान कोरोना महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से ध्यान रखा गया। कारसेवकपुरम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साधू संतों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को निर्धारित कार्यक्रम में 200 लोगों की ही उपस्थिति रहेगी। ऐसे में अगर कोई शामिल न हो पाए तो इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं। इस दौरान प्रमुख संतों में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, ज.गु. श्रीधराचार्य, ज.गु.वासुदेवाचार्य, महंत कमलनयन दास, महंत सुरेश दास, महंत कन्हैया दास रामायणी, महंत रामदास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत करूणानिधान शरण, महंत सियाकिशोरी शरण, महंत शशिकांत दास, महंत गिरीश दास समेत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ अनिल मिश्र, विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र, विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, विहिप के अशोक तिवारी, सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, गोसाईगंज विधायक इंद्रप्रताप तिवारी, बीकापुर विधायक शोभा सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र सहित अन्य मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले शनिवार को मुख्य कार्यक्रम स्थल श्रीरामजन्मभूमि का निरीक्षण किया। मौके पर गर्भगृह के आसपास ही समतलीकरण हुआ था। मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर में समतलीकरण के निर्देश दिए साथ ही बारिश को देखते हुए जलजमाव न हो इसका खास ध्यान रखने को कहा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मुख्यमंत्री को पूरे परिसर की स्थिति से परिचित कराया। बाद में उन्होंने कंट्रोल रूम में कुछ मिनट तैयारी की समीक्षा भी की। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जन्मभूमि तक सड़क बनाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे परिसर की साफ-सफाई करके चमकाने को कहा। उन्होंने परिसर का नक्शा भी देखा और आवश्यक निर्देश दिए। प्रमुख सचिव गृह को सुरक्षा को लेकर खास तैयारी करने को कहा।
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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने रामलला के अस्थाई मंदिर के लिए तीन और चांदी के सिंहासन शनिवार को अर्पित किए। इसके पहले उन्होंने एक भव्य सिंहासन रामलला के लिए दिया था, लेकिन इस पर तीन अन्य भाईयों के विग्रह विराजमान नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के लिए तीन नए सिंहासन दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों भाइयों को नए चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर पूजन अर्चन किया। इसके पहले भी सीएम ने रामलला समेत सभी विग्रह को अस्थाई मंदिर में विराजमान कराया था। राममंदिर के एक पुजारी ने बताया कि पूजा अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना महामारी के कारण राममंदिर निर्माण में कोई दिक्कत न आए इसके लिए प्रार्थना की।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीरामजन्मभूमि पर पूजन अर्चन के बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंग बली के दरबार में माथा टेका। उन्होंने पूजन, अर्चन, आरती कर आशीर्वाद लिया। बाद में वे संतों से भी मिले। उन्होंने महंत संतरामदास, महंत धर्मदास, पुजारी राजूदास, पार्षद रमेश दास से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे वो भी पूरे कार्यक्रम को अच्छे से देख पाएंगे। इसलिए मायूस होने की आवश्यक्ता नहीं है। मुख्यमंत्री योगी ने बैठक में संतों से स्पष्ट कहा कि कोरोना महामारी के कारण अगर कोई भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए तो वे बुरा न मानें। कार्यक्रम के दौरान इसका प्रसारण एलईडी टीवी के माध्यम से लाइव दिखाया जाएगा।
साधु-संतों के साथ योगी आदित्यनाथ की बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान कोरोना महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से ध्यान रखा गया। कारसेवकपुरम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साधू संतों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को निर्धारित कार्यक्रम में 200 लोगों की ही उपस्थिति रहेगी। ऐसे में अगर कोई शामिल न हो पाए तो इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाएं। इस दौरान प्रमुख संतों में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य, ज.गु. श्रीधराचार्य, ज.गु.वासुदेवाचार्य, महंत कमलनयन दास, महंत सुरेश दास, महंत कन्हैया दास रामायणी, महंत रामदास, अधिकारी राजकुमार दास, महंत करूणानिधान शरण, महंत सियाकिशोरी शरण, महंत शशिकांत दास, महंत गिरीश दास समेत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ अनिल मिश्र, विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र, विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, विहिप के अशोक तिवारी, सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, गोसाईगंज विधायक इंद्रप्रताप तिवारी, बीकापुर विधायक शोभा सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र सहित अन्य मौजूद रहे।