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आठवीं तक के 2.24 लाख बच्चों को एमडीएम के मिलेंगे 6.37 करोड़ रुपये
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अयोध्या। कोरोना संक्रमण की वजह से अब तक बंद चल रहे सरकारी स्कूलों में पंजीकृत आठवीं तक के बच्चों के खाते में दूसरे चरण में 6.37 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। यह धनराशि 49 दिन के मध्याह्न भोजन के राशन व इसे पकाने के लिए मिलने वाली कंवर्जन कॉस्ट के रूप में बच्चों को दी जाएगी। शासन से फरमान जारी होते ही धनराशि भेजने की कार्रवाई शुरू हो गई है।
जिले में करीब 2098 प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल, 24 राजकीय, 50 सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक बीते सत्र में 2,24,662 बच्चे मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित हैं। इनमें प्राइमरी के 150065 व जूनियर के 74597 बच्चे शामिल हैं। इन्हें दोपहर में पका-पकाया भोजन मेन्यू के अनुसार प्राप्त होता रहा है।
इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण 24 मार्च से ही विद्यालय बंद चल रहे हैं। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई तब भी आठवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल नहीं खुले। ऐसे में इस अवधि में इन बच्चों को मध्याह्न भोजन का लाभ भी नहीं मिल सका। सरकार ने इस योजना पर प्रति बच्चे खर्च होने वाली धनराशि को बच्चों के ही खाते में भेजने का निर्णय लिया।
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प्रथम चरण में इन बच्चों को 24 मार्च से 30 जून 2020 तक के 76 दिन के अनाज और कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि करीब 10 करोड़ रुपये खातों में भेज दी गई थी। अब दूसरे चरण में जुलाई, अगस्त के 49 दिन के राशन व कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि फिर भेजने की तैयारी है।
जिला समन्वयक एमडीएम विनय त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के एक बच्चे को 49 दिन के लिए 243 रुपये और जूनियर में प्रति विद्यार्थी 365 रुपये एनईएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से उनके माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे। बताया कि समस्त प्रक्रियाएं जिला स्तर से पूर्ण की जा चुकी हैं। बैंक स्तर पर भुगतान का कार्य चल रहा है।
जिले में एमडीएम योजना से जुड़े करीब 2.24 लाख छात्र-छात्राओं के खाते में दूसरे चरण में 49 दिन का एमडीएम की धनराशि भेजी जा रही है। करीब 6.37 करोड़ रुपये बच्चों के खाते में जाएंगे। समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करके भुगतान किया जा रहा है। -संतोष कुमार देव पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या
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जिले में करीब 2098 प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल, 24 राजकीय, 50 सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक बीते सत्र में 2,24,662 बच्चे मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित हैं। इनमें प्राइमरी के 150065 व जूनियर के 74597 बच्चे शामिल हैं। इन्हें दोपहर में पका-पकाया भोजन मेन्यू के अनुसार प्राप्त होता रहा है।
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इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण 24 मार्च से ही विद्यालय बंद चल रहे हैं। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई तब भी आठवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल नहीं खुले। ऐसे में इस अवधि में इन बच्चों को मध्याह्न भोजन का लाभ भी नहीं मिल सका। सरकार ने इस योजना पर प्रति बच्चे खर्च होने वाली धनराशि को बच्चों के ही खाते में भेजने का निर्णय लिया।
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प्रथम चरण में इन बच्चों को 24 मार्च से 30 जून 2020 तक के 76 दिन के अनाज और कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि करीब 10 करोड़ रुपये खातों में भेज दी गई थी। अब दूसरे चरण में जुलाई, अगस्त के 49 दिन के राशन व कंवर्जन कॉस्ट की धनराशि फिर भेजने की तैयारी है।
जिला समन्वयक एमडीएम विनय त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के एक बच्चे को 49 दिन के लिए 243 रुपये और जूनियर में प्रति विद्यार्थी 365 रुपये एनईएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से उनके माता-पिता/अभिभावक के बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे। बताया कि समस्त प्रक्रियाएं जिला स्तर से पूर्ण की जा चुकी हैं। बैंक स्तर पर भुगतान का कार्य चल रहा है।
जिले में एमडीएम योजना से जुड़े करीब 2.24 लाख छात्र-छात्राओं के खाते में दूसरे चरण में 49 दिन का एमडीएम की धनराशि भेजी जा रही है। करीब 6.37 करोड़ रुपये बच्चों के खाते में जाएंगे। समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करके भुगतान किया जा रहा है। -संतोष कुमार देव पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या