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मवेशियों के शव निकाल सरयू को प्रदूषण मुक्त कर रहे युवा

Thu, 12 Sep 2019 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 10:51 PM IST
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save saru project
अयोध्या में सरयू से मृत मवेशी को निकालते युवा। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। सरयू में फेंके जा रहे मृत मवेशियों के शवों से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए युवाओं की टीम ने एक मुहिम शुरू की है।
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ऋतेश मिश्र की अगुवाई में युवाओं की टोली रोजाना सरयू में फेंके गए मवेशियों को बाहर निकालकर उनका अंतिम संस्कार कराती है। इसके पीछे युवाओं का मकसद सरयू के जल को निर्मल बनाना है।
युवाओं की मानें तो रोजाना करीब 24 से अधिक मवेशियों के शव अलग-अलग जगहों से सरयू में फेंके जाते हैं। इससे नदी की सेहत बिगड़ती जा रही है। सरयू को बचाने के लिए युवाओं के इस भागीरथी प्रयास की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।
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सरयू की सेहत नालों से ही नहीं बल्कि नदी में मवेशियों के फेंके जा रहे शव से भी खराब हो रही है। सरयू तट के आसपास रहने वाले लोगों की मानें तो नदी में प्रतिदिन करीब दो दर्जन मवेशियों के शव बहते हुए आ जाते हैं।
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लगातार मवेशियों के शव गिरने से सड़ांध होेने के कारण नदी का पानी भी आचमन करने लायक नहीं रह गया है। महाराजा इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र नयाघाट निवासी ऋतेश मिश्र ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर नदी को फिर से जीवन देने का बीड़ा उठाया।
ऋतेश की टीम में तुलसीनगर के अवधेश मौर्या, उर्दूबाजार निवासी ओम भास्कर, उर्दूबाजार निवासी छात्र सुनील, तुलसीउद्यान निवासी राजमणि, स्वर्गद्वार निवासी अमन, राम की पैड़ी निवासी दिनेश मिश्र शामिल हैं।
ये सभी युवा प्रतिदिन सरयू में फेंके जाने वाले मवेशियों को निकालकर उनका अंतिम संस्कार कराते हैं। युवा बताते हैं कि मवेशियों के शवों के कारण पानी प्रदूषित होता है। सड़ांध से उधर से निकलना भी दूभर हो जाता था।
अब तक तीन हजार मवेशियों का कर चुके अंतिम संस्कार
ऋतेश मिश्र सरयू को मवेशियों के शव से बचाने का भगीरथ प्रयास कर रहे हैं। उनके पिता का साया तो वर्षों पूर्व उठ गया पर सरयू की सेवा का संस्कार ऋतेश को विरासत में मिला।
वे भगवान शंकर के अनन्य भक्त भी हैं। कुछ वर्षों पूर्व उनका ध्यान इस समस्या की ओर गया। शुरू के कुछ वर्षों तक उन्होंने कुछ सहयोगियों के साथ मृत मवेशियों को सरयू से निकालकर श्मशानघाट से लगी भूमि पर दफन कराना शुरू किया गया। बाद में नगर निगम और प्रशासन से जेसीबी का सहयोग मिलने लगा।
ऋतेश बताते हैं कि प्रतिदिन 8 से 10 मवेशियों के शव निकालकर उनका अंतिम संस्कार कराते हैं। कहते हैं कि सरयू में मवेशियों के शव फेंके जाने पर रोक लगनी चाहिए।
डिप्टी सीएम कर चुके हैं सम्मानित
सरयू को प्रदूषण से बचाने के लिए महती प्रयास कर रहे ऋतेश मिश्र को प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा भी सम्मानित कर चुके हैं। सरयू महोत्सव में पहुंचे डिप्टी सीएम ने ऋतेश मिश्र को उनकी गो सेवा के लिए सम्मानित भी किया था।
अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि ऋतेश की टीम ने जो मुहिम चला रखी है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। नगर निगम से उन्हें हर संभव मदद की जाती है। वैसे सरयू को प्रदूषण मुक्त करने के जिए राजघाट पर पंपिंग सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। शीघ्र ही सरयू में गिरने वाले नालों को बंद करा दिया जाएगा।

सरयू जल के प्रदूषण की नियमित जांच की जाती है। सरयू जल अभी पवित्र है, पीने लायक है। सरयू में प्रदूषण स्तर की जांच की जाती है। सरयू में मवेशियों के शव फेंकना ठीक नहीं है, इससे सरयू में प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है।
स्वामीनाथ राम, जिला प्रदूषण अधिकारी
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