{"_id":"5d7fc26d8ebc3e015966418f","slug":"saryu-reached-21-cm-above-the-red-mark-faizabad-news-lko481891724","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाल निशान से 21 सेमी ऊपर पहुंची सरयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाल निशान से 21 सेमी ऊपर पहुंची सरयू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश व बैरोजों से छोड़े गए नेपाली नदियों के पानी से सरयू एक बार फिर उफान पर है। सोमवार की शाम सरयू का जलस्तर लाल निशान 92.73 मीटर से 21 सेमी ऊपर 92.94 मीटर रिकार्ड किया गया।
एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से सरयू के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। उधर, सरयू के घटते-बढ़ते जलस्तर के कारण तटीय इलाकों में कटान का भी खतरा बढ़ गया है। कछारवासी पलायन को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन भी बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है, बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है।
रविवार से शुरू हुआ सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम सोमवार को भी जारी रहा। शनिवार को तीनों बैराजों से 2.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके चलते सरयू में एक बार फिर उफान तेज हो गया। शनिवार की शाम तक खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू पानी छोड़े जाने के बाद रौद्र रूप में आ गयी। देखते ही देखते 12 घंटे के भीतर 12 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञापन
सोमवार की शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.94 मीटर रिकार्ड किया गया जो कि लाल निशान से 21 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के सहायक अभियंता संजय कुशवाहा ने बताया कि सरयू के जलस्तर में प्रतिघंटे एक सेमी की रफ्तार से वृद्धि हो रही है, वृद्धि अभी जारी रहेगी।
वहीं लाल निशान पार करते ही नदी कछार के बड़े भूभाग को अपने आगोश में समेटने लगी है। बाढ़ के बढ़ते पानी से भयभीत परिवार अपने मवेशियों के साथ ही राशन आदि सामानों को उपरहार के सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जुगत में जुट गए हैं। शहर सोहावल तहसील में बाढ़ की स्थिति सामान्य है।
उपजिलाधिकारी विपिन सिंह ने बताया इस वर्ष बाढ़ की अभी कोई स्थिति नहीं है। संवदेनशील मांझा कला में रास्ते तक पानी पहुंचा है लेकिन, आबादी वाले इलाके से दूर है। यहां आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कर दी गई है राजस्व कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है। रूदौली के बाढ़ प्रभावित कैथी मांझा में रास्ते तक पानी पहुंच गया है लोगों के आवागमन के लिए दो नावें लगाई गई हैं हालांकि आबादी वाले इलाकों में अभी पानी नहीं पहुंचा है, यहां भी बाढ़ की कोई स्थिति अभी नहीं है।
वहीं, प्रशासन भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर अलर्ट पर है। हालांकि बाढ़ खंड विभाग का कहना है कि बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं कटान का कोई खतरा नहीं है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व टीमें सारे जरूरी संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं। बंधा की निगरानी की जा रही है। सोहावल में एक हजार तिरपाल आरक्षित रखी गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों की व्यवस्था की गई है। साथ ही राहम सामग्री भी तैयार कराई जा चुकी है। लेखपाल व राजस्व कर्मियों को लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी का निर्देश है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ल ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं कटान का कोई खतरा नहीं है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व टीमें सारे जरूरी संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं। राजस्व कर्मियों की टीम लगातार स्थिति की मानीटरिंग कर रही है हर स्थिति से निपटने की हमारी पूरी तैयारी है।
विज्ञापन
एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से सरयू के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। उधर, सरयू के घटते-बढ़ते जलस्तर के कारण तटीय इलाकों में कटान का भी खतरा बढ़ गया है। कछारवासी पलायन को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन भी बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है, बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है।
विज्ञापन
रविवार से शुरू हुआ सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम सोमवार को भी जारी रहा। शनिवार को तीनों बैराजों से 2.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके चलते सरयू में एक बार फिर उफान तेज हो गया। शनिवार की शाम तक खतरे के निशान से नीचे बह रही सरयू पानी छोड़े जाने के बाद रौद्र रूप में आ गयी। देखते ही देखते 12 घंटे के भीतर 12 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञापन
सोमवार की शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.94 मीटर रिकार्ड किया गया जो कि लाल निशान से 21 सेमी ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के सहायक अभियंता संजय कुशवाहा ने बताया कि सरयू के जलस्तर में प्रतिघंटे एक सेमी की रफ्तार से वृद्धि हो रही है, वृद्धि अभी जारी रहेगी।
वहीं लाल निशान पार करते ही नदी कछार के बड़े भूभाग को अपने आगोश में समेटने लगी है। बाढ़ के बढ़ते पानी से भयभीत परिवार अपने मवेशियों के साथ ही राशन आदि सामानों को उपरहार के सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जुगत में जुट गए हैं। शहर सोहावल तहसील में बाढ़ की स्थिति सामान्य है।
उपजिलाधिकारी विपिन सिंह ने बताया इस वर्ष बाढ़ की अभी कोई स्थिति नहीं है। संवदेनशील मांझा कला में रास्ते तक पानी पहुंचा है लेकिन, आबादी वाले इलाके से दूर है। यहां आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कर दी गई है राजस्व कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है। रूदौली के बाढ़ प्रभावित कैथी मांझा में रास्ते तक पानी पहुंच गया है लोगों के आवागमन के लिए दो नावें लगाई गई हैं हालांकि आबादी वाले इलाकों में अभी पानी नहीं पहुंचा है, यहां भी बाढ़ की कोई स्थिति अभी नहीं है।
वहीं, प्रशासन भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर अलर्ट पर है। हालांकि बाढ़ खंड विभाग का कहना है कि बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं कटान का कोई खतरा नहीं है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व टीमें सारे जरूरी संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं। बंधा की निगरानी की जा रही है। सोहावल में एक हजार तिरपाल आरक्षित रखी गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों की व्यवस्था की गई है। साथ ही राहम सामग्री भी तैयार कराई जा चुकी है। लेखपाल व राजस्व कर्मियों को लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी का निर्देश है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व जीएल शुक्ल ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं कटान का कोई खतरा नहीं है। बाढ़ चौकियों पर राजस्व टीमें सारे जरूरी संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं। राजस्व कर्मियों की टीम लगातार स्थिति की मानीटरिंग कर रही है हर स्थिति से निपटने की हमारी पूरी तैयारी है।