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लाल निशान के पार सरयू
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अयोध्या। पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते सरयू नदी उफनाई हुई है। उधर, सरयू में उफान थमने के साथ ही अब कटान का खतरा बढ़ गया है।
तटीय इलाकों में पलायन का दौर लगातार जारी है लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बुधवार शाम सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर पर आकर थम गया। सरयू अभी भी लाल निशान से 12 सेमी. ऊपर है। बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना है।
सरयू के रौद्र रूप के चलते तटीय इलाकों में हलचल बढ़ गई है। नदी की जलधारा कछार के गांवों को अपने आगोश में लेनी लगी है। बाढ़ से भयभीत गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की कवायद में जुट गए हैं।
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प्रशासनिक मशीनरी भी हरकत में आ गई है। लेखपालों को प्रभावित इलाकों में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार से शुरू हुआ सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम बुधवार की दोपहर तक जारी रहा।
शाम तक सरयू लाल निशान से 12 सेमी. ऊपर पहुंचकर थम गई। केंद्रीय जल आयोग के सहायक अभियंता संजय कुशवाहा ने बताया कि बुधवार शाम 5 बजे सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया है। उधर, कछार इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर हलचल है। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
शुजागंज। रुदौली तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एडीएम वित्त एवं राजस्व गोरेलाल शुक्ल ने निरीक्षण किया। रुदौली तहसील क्षेत्र के महंगू का पुरवा, कैथी माझा, बरई आदि का निरीक्षण कर लोगों से उनकी समस्याएं जानीं। क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में रास्ते तक पानी पहुंच गया है। इसलिए ग्रामीणों ने आवागमन के लिए नाव लगाने की बात कही जिस पर एडीएम ने तत्काल नाव की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार रुदौली शिवप्रसाद, राजस्व निरीक्षक अनुपम वर्मा, हल्का लेखपाल राजकुमार दूबे सहित अन्य मौजूद रहे।
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तटीय इलाकों में पलायन का दौर लगातार जारी है लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बुधवार शाम सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर पर आकर थम गया। सरयू अभी भी लाल निशान से 12 सेमी. ऊपर है। बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चौकन्ना है।
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सरयू के रौद्र रूप के चलते तटीय इलाकों में हलचल बढ़ गई है। नदी की जलधारा कछार के गांवों को अपने आगोश में लेनी लगी है। बाढ़ से भयभीत गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन की कवायद में जुट गए हैं।
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प्रशासनिक मशीनरी भी हरकत में आ गई है। लेखपालों को प्रभावित इलाकों में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार से शुरू हुआ सरयू के जलस्तर में वृद्धि का क्रम बुधवार की दोपहर तक जारी रहा।
शाम तक सरयू लाल निशान से 12 सेमी. ऊपर पहुंचकर थम गई। केंद्रीय जल आयोग के सहायक अभियंता संजय कुशवाहा ने बताया कि बुधवार शाम 5 बजे सरयू का जलस्तर 92.85 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया है। उधर, कछार इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर हलचल है। सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कटान का खतरा भी बढ़ गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
शुजागंज। रुदौली तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एडीएम वित्त एवं राजस्व गोरेलाल शुक्ल ने निरीक्षण किया। रुदौली तहसील क्षेत्र के महंगू का पुरवा, कैथी माझा, बरई आदि का निरीक्षण कर लोगों से उनकी समस्याएं जानीं। क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में रास्ते तक पानी पहुंच गया है। इसलिए ग्रामीणों ने आवागमन के लिए नाव लगाने की बात कही जिस पर एडीएम ने तत्काल नाव की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार रुदौली शिवप्रसाद, राजस्व निरीक्षक अनुपम वर्मा, हल्का लेखपाल राजकुमार दूबे सहित अन्य मौजूद रहे।