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सरदार पटेल ने 562 से ज्यादा रियासतों को एक कर बनाया अखंड भारत: राज्यपाल
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 562 से ज्यादा रियासतों को एक करके भारत को अखंड बनाया है। इसलिए हम सभी सरदार पटेल को लौह पुरुष बोलते है।
यह बातें राज्यपाल ने रविवार को अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मकता भवन, मल्टीपरपज लेक्चर हाल कॉम्प्लेक्स भवन व इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन के ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में कहीं।
राज्यपाल ने कहा कि गुजरात में सरदार पटेल का जन्म हुआ। अहमदाबाद में पार्षद का चुनाव हुआ और वे जीत नहीं पाए। फिर जब उपचुुनाव हुए उसमें सरदार पटेल जी चुने गए।
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कुलाधिपति ने बताया कि वर्तमान में मेयर बोला जाता है। लेकिन उस समय प्रमुख बोला जाता था वे अहमदाबाद के प्रमुख बने। उन्होंने बताया कि एक पार्षद शहर का कैसे विकास कर सकता है। उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
अयोध्या सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि जिस समय देश आजाद हुआ उस समय परिस्थिति बहुत विषम थी। ऐसे में सरदार पटेल जी ने पूरे देश को एकजुट करने का कार्य किया।
कहा कि उस समय देश और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी चाहते थे कि पटेल जी प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करें। परंतु उन्होंने सहज भाव से कहा कि पं. नेहरू इस समय की आवश्यकता हैं, उन्हें प्रधानमंत्री होना चाहिए।
स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने सर्वप्रथम विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां शारदा, स्वामी विवेकानंद व भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के तीन नवीन भवनों का शिलान्यास किया गया है। जिसमें सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मता भवन में पब्लिक पालिसी एंड गर्वनेन्स, अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध, सामरिक एवं रक्षा अध्ययन सहित अन्य ग्रामीण और प्रसार अध्ययन से सम्बंधित विषयों का पठन-पाठन किया जायेगा।
इस भवन के निर्माण की लागत 1098.44 लाख रुपये है। इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बीफॉर्मा व डीफॉर्मा विषयों का पठन-पाठन किया जायेगा। जिसके निर्माण की लागत 1359.44 लाख रुपये है।
वर्तमान में डीफॉर्मा में 60 सीट तथा बीफॉर्मा में 60 सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश किया जा चुका है। इस सत्र से पठन-पाठन प्रारम्भ हो गया है। मल्टीपरपज लेक्चर हाल कॉम्प्लेक्स भवन में बीए, बीकॉम, एलएलबी, बीएससी पाठ्यक्रमों का पठन-पाठन किया जायेगा।
इस भवन के निर्माण में 998.38 लाख व्यय होंगे। इस अवसर पर कुलसचिव उमानाथ, प्रो. अशोक शुक्ल, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. अनुपम श्रीवास्तव, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. आरके तिवारी, प्रो. आरके सिंह, प्रो. राजीव गौड़, प्रो. फारूख जमाल, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. केके वर्मा, प्रो. गंगा राम मिश्र, प्रो. रमापति मिश्र, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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यह बातें राज्यपाल ने रविवार को अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मकता भवन, मल्टीपरपज लेक्चर हाल कॉम्प्लेक्स भवन व इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन के ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में कहीं।
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राज्यपाल ने कहा कि गुजरात में सरदार पटेल का जन्म हुआ। अहमदाबाद में पार्षद का चुनाव हुआ और वे जीत नहीं पाए। फिर जब उपचुुनाव हुए उसमें सरदार पटेल जी चुने गए।
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कुलाधिपति ने बताया कि वर्तमान में मेयर बोला जाता है। लेकिन उस समय प्रमुख बोला जाता था वे अहमदाबाद के प्रमुख बने। उन्होंने बताया कि एक पार्षद शहर का कैसे विकास कर सकता है। उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
अयोध्या सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि जिस समय देश आजाद हुआ उस समय परिस्थिति बहुत विषम थी। ऐसे में सरदार पटेल जी ने पूरे देश को एकजुट करने का कार्य किया।
कहा कि उस समय देश और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी भी चाहते थे कि पटेल जी प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करें। परंतु उन्होंने सहज भाव से कहा कि पं. नेहरू इस समय की आवश्यकता हैं, उन्हें प्रधानमंत्री होना चाहिए।
स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने सर्वप्रथम विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां शारदा, स्वामी विवेकानंद व भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।
कुलपति ने बताया कि राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के तीन नवीन भवनों का शिलान्यास किया गया है। जिसमें सरदार पटेल राष्ट्रीय एकात्मता भवन में पब्लिक पालिसी एंड गर्वनेन्स, अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध, सामरिक एवं रक्षा अध्ययन सहित अन्य ग्रामीण और प्रसार अध्ययन से सम्बंधित विषयों का पठन-पाठन किया जायेगा।
इस भवन के निर्माण की लागत 1098.44 लाख रुपये है। इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बीफॉर्मा व डीफॉर्मा विषयों का पठन-पाठन किया जायेगा। जिसके निर्माण की लागत 1359.44 लाख रुपये है।
वर्तमान में डीफॉर्मा में 60 सीट तथा बीफॉर्मा में 60 सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश किया जा चुका है। इस सत्र से पठन-पाठन प्रारम्भ हो गया है। मल्टीपरपज लेक्चर हाल कॉम्प्लेक्स भवन में बीए, बीकॉम, एलएलबी, बीएससी पाठ्यक्रमों का पठन-पाठन किया जायेगा।
इस भवन के निर्माण में 998.38 लाख व्यय होंगे। इस अवसर पर कुलसचिव उमानाथ, प्रो. अशोक शुक्ल, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. अनुपम श्रीवास्तव, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. आरके तिवारी, प्रो. आरके सिंह, प्रो. राजीव गौड़, प्रो. फारूख जमाल, प्रो. शैलेंद्र कुमार, प्रो. केके वर्मा, प्रो. गंगा राम मिश्र, प्रो. रमापति मिश्र, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।