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Ayodhya News: सरयू लाल निशान पार, पानी से घिरे 12 गांव
Thu, 10 Aug 2023 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:39 AM IST
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अयोध्या। सरयू ने इस सत्र में दूसरी बार बुधवार को लाल निशान पार किया। जलस्तर खतरे के निशान से आठ सेमी. ऊपर पहुंच चुका है। जलस्तर में प्रतिघंटे आधा सेमी की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की जा रही है। उधर जलस्तर बढ़ने से सदर तहसील के 12 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन भी अलर्ट पर आ गया है और बंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
मंगलवार रात शारदा, गिरिजा व सरयू के बैराजों से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सरयू में उफान तेज हो गया है। बुधवार शाम सात बजे सरयू का जलस्तर 92़ 81 मीटर मापा गया जो खतरे के निशान 92़ 73 मीटर से आठ सेमी. अधिक है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा लगातार बाढ़ की स्थिति पर माॅनिटरिंग की जा रही है। सदर तहसील के पूराबाजार प्रतिनिधि के मुताबिक, मूडाडीहा, सलेमपुर, पीपरी संग्राम ,मडना माझा, मदरहिया, सेवरहवा, उरदहवा, गिलन्ट ,लोनियाना, अवव्लकिता, रामपुर पुवारी माझा, बलुइया सहित करीब 12 गांव पानी से घिर गए हैं। स्थानीय निवासियों ने पलायन शुरू कर दिया है। रामपुर पुवारी के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि बाढ़ पीड़ित गांवों के निचले हिस्सों में तेजी से पानी भर रहा है। अभी तक प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है। वहीं रुदौली के शुजागंज के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
बांस की सीढ़ी बनाकर पार कर रहे पुल
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार, बुधवार को गोंडा से अयोध्या को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह से बह गया। वहीं सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीण जानवरों सहित ढेमवा पुल पर ही शरण ले रहे हैं। स्थानीय निवासी पुल तक जाने के लिए नांव के सहारे बांस की सीढ़ी बनाकर पुल पर चढ़ कर आवागमन कर रहे हैं। बेउदा गांव निवासी राम स्वारथ ने बताया कि बल्ली के सहारे पुल पर चढ़ कर दूध बेचने स्थानीय बाजार जा रहे हैं, दूध नहीं बेचेंगें तो घर कैसे चलेगा, खतरा मोल लेना ही पड़ेगा।
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मंगलवार रात शारदा, गिरिजा व सरयू के बैराजों से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सरयू में उफान तेज हो गया है। बुधवार शाम सात बजे सरयू का जलस्तर 92़ 81 मीटर मापा गया जो खतरे के निशान 92़ 73 मीटर से आठ सेमी. अधिक है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा लगातार बाढ़ की स्थिति पर माॅनिटरिंग की जा रही है। सदर तहसील के पूराबाजार प्रतिनिधि के मुताबिक, मूडाडीहा, सलेमपुर, पीपरी संग्राम ,मडना माझा, मदरहिया, सेवरहवा, उरदहवा, गिलन्ट ,लोनियाना, अवव्लकिता, रामपुर पुवारी माझा, बलुइया सहित करीब 12 गांव पानी से घिर गए हैं। स्थानीय निवासियों ने पलायन शुरू कर दिया है। रामपुर पुवारी के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि बाढ़ पीड़ित गांवों के निचले हिस्सों में तेजी से पानी भर रहा है। अभी तक प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है। वहीं रुदौली के शुजागंज के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बुधवार को क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
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बांस की सीढ़ी बनाकर पार कर रहे पुल
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार, बुधवार को गोंडा से अयोध्या को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह से बह गया। वहीं सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीण जानवरों सहित ढेमवा पुल पर ही शरण ले रहे हैं। स्थानीय निवासी पुल तक जाने के लिए नांव के सहारे बांस की सीढ़ी बनाकर पुल पर चढ़ कर आवागमन कर रहे हैं। बेउदा गांव निवासी राम स्वारथ ने बताया कि बल्ली के सहारे पुल पर चढ़ कर दूध बेचने स्थानीय बाजार जा रहे हैं, दूध नहीं बेचेंगें तो घर कैसे चलेगा, खतरा मोल लेना ही पड़ेगा।
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