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सरयू की कटान में समाये पिपरी संग्राम व पूरेचेतन गांव
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2015 10:57 PM IST
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उफनाई सरयू का कहर तटीय क्षेत्रों से सटे इलाकों पर रहा। तेजी से बढ़ते जलस्तर ने कछार की सैकड़ों एकड़ फसलें जहां तबाह कर दीं। वहीं कई गांव नदी के पानी से घिर गए हैं।
सदर तहसील के पूराब्लॉक के मूड़ाडीहा, सलेमपुर, पूरे चेतन, उरदहवा आदि बाढ़ से घिरे गांवों के सैकड़ों परिवार बंधे व उपरहार में शरण लेने को मजबूर रहे। हालांकि कुछ दिनों से नदी का जलस्तर स्थिर होने के साथ ही घटने लगा।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू का जलस्तर दो दिनों से हो रही गिरावट जारी है। बुधवार की शाम 92.333 मीटर से घटते हुए गुरुवार को सुबह 92.100 मीटर दर्ज किया गया।
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सरयू के गिरते जलस्तर से नदी के तटीय इलाकों में कटान का खतरा अब गंभीर हो गया है। सदर तहसील के मूड़ाड़ीहा, पिपरी संग्रामपुर, पूरे चेतन, सलेमपुर, धनीराम का पुरवा, मडना मांझा, बलुइया मांझा सहित कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे।
बाढ़ का पानी घटने के साथ कटान तेज हो गई है। तटीय क्षेत्र के इलाके तेजी से हो रही कटान से नदी में समाते जा रहे हैं। नदी से सटे गांव पिपरी संग्राम व पूरे चेतन गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
निचले स्थानों पर पानी भरा होने के कारण फसलें सड़ रही है। पानी कम हुआ लेकिन बहाव में तेजी होने के कारण पूरा व मडना माझा में कटान तेज हो जाने से फसलें खेत सहित नदी में समा रहे हैं।
पूरा निवासी ओम प्रकाश सिंह, ईश्वर प्रसाद, आशा राम कोरी, गुरु प्रसाद सिंह, विजय नाथ सिंह, कप्तान सिंह ने बताया कि माझा में उनके खेत फसल सहित नदी में समा जा रहे हैं।
मडना के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश यादव ने बताया कि कृषि योग्य भूमि के कट जाने से छोटे किसानों के सामने भुखमरी की समस्या आ जाएगी।
वही पिपरी संग्राम निवासी सत्यनारायण निषाद ने बताया कि उनका घर नदी में समा गया है बंधे पर शरण लिए है अभी तक कोई सहायता नहीं मिला किसी तरह जीवनयापन चल रहा है।
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सदर तहसील के पूराब्लॉक के मूड़ाडीहा, सलेमपुर, पूरे चेतन, उरदहवा आदि बाढ़ से घिरे गांवों के सैकड़ों परिवार बंधे व उपरहार में शरण लेने को मजबूर रहे। हालांकि कुछ दिनों से नदी का जलस्तर स्थिर होने के साथ ही घटने लगा।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सरयू का जलस्तर दो दिनों से हो रही गिरावट जारी है। बुधवार की शाम 92.333 मीटर से घटते हुए गुरुवार को सुबह 92.100 मीटर दर्ज किया गया।
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सरयू के गिरते जलस्तर से नदी के तटीय इलाकों में कटान का खतरा अब गंभीर हो गया है। सदर तहसील के मूड़ाड़ीहा, पिपरी संग्रामपुर, पूरे चेतन, सलेमपुर, धनीराम का पुरवा, मडना मांझा, बलुइया मांझा सहित कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे।
बाढ़ का पानी घटने के साथ कटान तेज हो गई है। तटीय क्षेत्र के इलाके तेजी से हो रही कटान से नदी में समाते जा रहे हैं। नदी से सटे गांव पिपरी संग्राम व पूरे चेतन गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
निचले स्थानों पर पानी भरा होने के कारण फसलें सड़ रही है। पानी कम हुआ लेकिन बहाव में तेजी होने के कारण पूरा व मडना माझा में कटान तेज हो जाने से फसलें खेत सहित नदी में समा रहे हैं।
पूरा निवासी ओम प्रकाश सिंह, ईश्वर प्रसाद, आशा राम कोरी, गुरु प्रसाद सिंह, विजय नाथ सिंह, कप्तान सिंह ने बताया कि माझा में उनके खेत फसल सहित नदी में समा जा रहे हैं।
मडना के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश यादव ने बताया कि कृषि योग्य भूमि के कट जाने से छोटे किसानों के सामने भुखमरी की समस्या आ जाएगी।
वही पिपरी संग्राम निवासी सत्यनारायण निषाद ने बताया कि उनका घर नदी में समा गया है बंधे पर शरण लिए है अभी तक कोई सहायता नहीं मिला किसी तरह जीवनयापन चल रहा है।