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संघ प्रमुख ने रामलला का दर्शन कर जानी मंदिर निर्माण की प्रगति
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अयोध्या-रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर निर्माण कार्य का जायजा लेते संघ प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को रामलला के दर्शन कर मंदिर निर्माण की प्रगति देखी। वे अपराह्न करीब 3:30 बजे रामलला के दरबार पहुंचे।
सबसे पहले उन्होंने रामलला के समक्ष माथा टेका उनकी आरती उतारी। पुजारियों ने प्रसाद देकर रामनामी ओढ़ायी। इसके बाद वे मंदिर निर्माण स्थल पहुंचे और निर्माण की प्रगति देखी।
ट्रस्ट की ओर से उन्हें मंदिर निर्माण के पूरे ले आउट सहित भावी योजनाओं से अवगत कराया गया। संघ प्रमुख मोहन भागवत इससे पूर्व 5 अगस्त 2020 को राममंदिर के भूमिपूजन समारोह में अयोध्या पहुंचे थे।
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मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद वे पहली बार अयोध्या आए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राममंदिर की नींव ढलाई से लेकर रॉफ्ट ढालने की प्रक्रिया के बारे में उन्हें जानकारी दी।
कितने क्षेत्र फल में मंदिर बन रहा है। परकोटा कितने क्षेत्रफल में बनेगा। गर्भगृह स्थल कहां होगा। इन सारी चीजों से संघ प्रमुख को अवगत कराया गया। बताया गया कि नींव पर रॉफ्ट ढाली जा रही है।
अब तक आठ रॉफ्ट ढाली जा चुकी हैं। ये काम 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। मोहन भागवत ने रामलला के दर्शनमार्ग पर रखे गए मंदिर मॉडल को भी देखा। संघ प्रमुख निर्माण स्थल पर स्थित कार्यदायी संस्था के कार्यालय में भी बैठे।
उन्होंने कार्यदाई संस्था एलएंडटी व टाटा के इंजीनियरों से भी मुलाकात की। इंजीनियरों ने मंदिर निर्माण का पूरा ले-आउट व भावी योजनाओं के बारे में भी संघ प्रमुख को अवगत कराया। वे करीब 40 मिनट तक रामजन्मभूमि परिसर रहे इसके बाद लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।
इससे पूर्व रामजन्मभूमि परिसर पहुंचने पर मोहन भागवत की अगुवानी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, आदि द्वारा की गई। ट्रस्टी अयोध्या राजा बिमलेंद्र मोहन की ओर से राममंदिर का मॉडल भेंटकर संघ प्रमुख का सम्मान भी किया गया।
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सबसे पहले उन्होंने रामलला के समक्ष माथा टेका उनकी आरती उतारी। पुजारियों ने प्रसाद देकर रामनामी ओढ़ायी। इसके बाद वे मंदिर निर्माण स्थल पहुंचे और निर्माण की प्रगति देखी।
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ट्रस्ट की ओर से उन्हें मंदिर निर्माण के पूरे ले आउट सहित भावी योजनाओं से अवगत कराया गया। संघ प्रमुख मोहन भागवत इससे पूर्व 5 अगस्त 2020 को राममंदिर के भूमिपूजन समारोह में अयोध्या पहुंचे थे।
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मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद वे पहली बार अयोध्या आए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राममंदिर की नींव ढलाई से लेकर रॉफ्ट ढालने की प्रक्रिया के बारे में उन्हें जानकारी दी।
कितने क्षेत्र फल में मंदिर बन रहा है। परकोटा कितने क्षेत्रफल में बनेगा। गर्भगृह स्थल कहां होगा। इन सारी चीजों से संघ प्रमुख को अवगत कराया गया। बताया गया कि नींव पर रॉफ्ट ढाली जा रही है।
अब तक आठ रॉफ्ट ढाली जा चुकी हैं। ये काम 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। मोहन भागवत ने रामलला के दर्शनमार्ग पर रखे गए मंदिर मॉडल को भी देखा। संघ प्रमुख निर्माण स्थल पर स्थित कार्यदायी संस्था के कार्यालय में भी बैठे।
उन्होंने कार्यदाई संस्था एलएंडटी व टाटा के इंजीनियरों से भी मुलाकात की। इंजीनियरों ने मंदिर निर्माण का पूरा ले-आउट व भावी योजनाओं के बारे में भी संघ प्रमुख को अवगत कराया। वे करीब 40 मिनट तक रामजन्मभूमि परिसर रहे इसके बाद लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।
इससे पूर्व रामजन्मभूमि परिसर पहुंचने पर मोहन भागवत की अगुवानी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, आदि द्वारा की गई। ट्रस्टी अयोध्या राजा बिमलेंद्र मोहन की ओर से राममंदिर का मॉडल भेंटकर संघ प्रमुख का सम्मान भी किया गया।