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Ayodhya News: राममंदिर निर्माण का साक्षी बन भावविभोर दिखे संत
Mon, 06 Mar 2023 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 06 Mar 2023 12:10 AM IST
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आमंत्रण पर रविवार को संत-धर्माचार्यों ने राममंदिर निर्माण की प्रगति देखी। रामजन्मभूमि परिसर से प्रगति देखकर लौटे संतों के चेहरे पर संतोष का भाव था। आंखें खुशी से सजल नजर आ रही थीं।
जय श्रीराम का उद्घोष उनका उत्साह प्रदर्शित कर रहा था। संतों ने कहा कि राममंदिर निर्माण से सदियों का संघर्ष फलीभूत हो रहा है और राष्ट्र मंदिर का भी मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
रामजन्मभूमि परिसर में रविवार सुबह करीब 10 बजे 150 संत-धर्माचार्य पहुंचे। यह रामलला के दर्शन का समय था, इसलिए साधु-संतों को वीआईपी मार्ग से परिसर में प्रवेश कराया गया। यहां संतों ने मंदिर निर्माण के चल रहे कार्यों को देखा।
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निर्माणाधीन गर्भगृह में प्रवेश करते ही संत भावुक हो उठे। सभी ने उस स्थल पर सिर नवाया जहां रामलला विराजमान होंगे। इस पल को अविस्मरणीय बनाने के लिए संतों ने अपने मोबाइल में भी इस क्षण को कैद किया।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी संतों को मंदिर निर्माण के सभी कार्यों की जानकारी दी। प्रगति देखकर लौटे मंदिर आंदोलन के अहम किरदार पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि मंदिर आंदोलन में वे 25 बार जेल गए थे। विध्वंस लेकर सृजन तक का गवाह बनना भावुक कर देने वाला क्षण है।
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य बोले कि राममंदिर के साथ राष्ट्र मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। महंत रामदास भी उत्साहित नजर आ रहे थे। कहा कि मंदिर की प्रगति संतोषजनक है।
मंदिर आंदोलन का अहम केंद्र रहे आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी भावुक थे। बोले कि मंदिर आंदोलन के नायकों को आज सुखद अनुभूति हो रही होगी, उनका संघर्ष सफल जो हो रहा है।
महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य, महंत सुरेश दास, महंत धर्मदास, जगद्गुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य, ज्ञानी गुरुजीत सिंह, डॉ. राघवेश दास वेदांती सहित सभी संत राममंदिर निर्माण की प्रगति देखकर अभिभूत नजर आ रहे थे। मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, शरद शर्मा आदि ने संतों का अभिनंदन भी किया।
मंदिर निर्माण का कार्य समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है। सभी स्तंभों को खड़ा कर दिया गया है। अब इन पर बीम और छत लगाने का क्रम शुरू किया जाएगा। जनवरी 2024 में भगवान को विराजमान कराने के लिए जो भी तैयारियां हैं, वह समय से पूरी हो जाएंगी।
-चंपत राय, महासचिव श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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जय श्रीराम का उद्घोष उनका उत्साह प्रदर्शित कर रहा था। संतों ने कहा कि राममंदिर निर्माण से सदियों का संघर्ष फलीभूत हो रहा है और राष्ट्र मंदिर का भी मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
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रामजन्मभूमि परिसर में रविवार सुबह करीब 10 बजे 150 संत-धर्माचार्य पहुंचे। यह रामलला के दर्शन का समय था, इसलिए साधु-संतों को वीआईपी मार्ग से परिसर में प्रवेश कराया गया। यहां संतों ने मंदिर निर्माण के चल रहे कार्यों को देखा।
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निर्माणाधीन गर्भगृह में प्रवेश करते ही संत भावुक हो उठे। सभी ने उस स्थल पर सिर नवाया जहां रामलला विराजमान होंगे। इस पल को अविस्मरणीय बनाने के लिए संतों ने अपने मोबाइल में भी इस क्षण को कैद किया।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी संतों को मंदिर निर्माण के सभी कार्यों की जानकारी दी। प्रगति देखकर लौटे मंदिर आंदोलन के अहम किरदार पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि मंदिर आंदोलन में वे 25 बार जेल गए थे। विध्वंस लेकर सृजन तक का गवाह बनना भावुक कर देने वाला क्षण है।
जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य बोले कि राममंदिर के साथ राष्ट्र मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। महंत रामदास भी उत्साहित नजर आ रहे थे। कहा कि मंदिर की प्रगति संतोषजनक है।
मंदिर आंदोलन का अहम केंद्र रहे आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी भावुक थे। बोले कि मंदिर आंदोलन के नायकों को आज सुखद अनुभूति हो रही होगी, उनका संघर्ष सफल जो हो रहा है।
महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य, महंत सुरेश दास, महंत धर्मदास, जगद्गुरु रत्नेश प्रपन्नाचार्य, ज्ञानी गुरुजीत सिंह, डॉ. राघवेश दास वेदांती सहित सभी संत राममंदिर निर्माण की प्रगति देखकर अभिभूत नजर आ रहे थे। मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, शरद शर्मा आदि ने संतों का अभिनंदन भी किया।
मंदिर निर्माण का कार्य समय से पहले पूरा करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है। सभी स्तंभों को खड़ा कर दिया गया है। अब इन पर बीम और छत लगाने का क्रम शुरू किया जाएगा। जनवरी 2024 में भगवान को विराजमान कराने के लिए जो भी तैयारियां हैं, वह समय से पूरी हो जाएंगी।
-चंपत राय, महासचिव श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट