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160 करोड़ से संवारी जाएंगी शहर की सड़कें व गलियां
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अयोध्या। नगर निगम की खस्ताहाल सड़कों, गलियों व पार्कों के दिन बहुरने वाले हैं। शहर की सभी सड़कें, पार्क, नालियां व नालों को संवारा जाएगा। नगर निगम की निर्माण इकाई पखवाड़े भर से इसका डीपीआर तैयार कर रही थी।
लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से शहर की गलियों, सड़कों व पार्कों की सूरत बदलेगी। सोमवार को नगर आयुक्त के देखने के शासन को डीपीआर भेजा जाएगा। कार्य की स्वीकृति व बजट आवंटन के बाद काम शुरू होगा।
अयोध्या नगर निगम के गठन को चार वर्ष पूर्ण होने को हैं लेकिन शहर की सड़कों, गलियों, पार्कों व नाले-नालियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। रामनगरी में सड़कें जर्जर हैं तो टूटी नालियों के पानी सड़कों पर बह रहे हैं। इस सबका कारण यह है कि शहर के समग्र विकास की कोई योजना नगर निगम प्रशासन की ओर से तैयार नहीं की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों ने बहुत रुचि नहीं दिखाई।
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तीन वर्षों में एक बार भी नगर निगम की ओर शहर के समग्र विकास का डीपीआर तैयार कराकर शासन को नहीं भेजा गया। इससे शहर की सुंदरता की साख पर सवालिया निशान खड़ा होने के साथ अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले पखवाड़े यह बात मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंची थी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर आयुक्त को बुलाकर सभी सड़कों, गलियों, पार्कों व नाले-नालियों को संवारने का डीपीआर बनाकर पेश करने को कहा था।
नगर आयुक्त ने पिछले पखवाड़े नगर निगम के निर्माण विभाग को नगर निगम की समस्त सड़कों, गलियों नाले-नालियों को बनाने व सुदृढ़ करने के लिए सर्वे कर समग्र विकास योजना के तहत डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे।
निर्माण विभाग ने शनिवार शाम डीपीआर तैयार कर लिया है। लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से समस्त सड़कों व गलियों को संवारा जाएगा। सोमवार को यह डीपीआर शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से स्वीकृति व धन के आवंटन के बाद काम शुरू होगा।
अयोध्या नगर निगम में भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने की कवायदें शुरू हो गई हैं। इसमें ठेकेदार के पेमेंट के लिए नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। कार्य की गुणवत्ता को लेकर नगर आयुक्त विशाल सिंह ने निर्माण विभाग को निर्देश दिया है कि किसी भी बड़े काम का पेमेंट थर्ड पार्टी की जांच के बाद ही किया जाए। इसमें पचास लाख से ऊपर के कार्य शामिल हैं।
अधिशासी अभियंता एमएन झा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अयोध्या की सभी सड़कों, गलियों व नाले-नालियों को संवारने का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। सोमवार को नगर आयुक्त के देखने के बाद शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति व बजट आवंटन के बाद काम शुरू होगा।
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लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से शहर की गलियों, सड़कों व पार्कों की सूरत बदलेगी। सोमवार को नगर आयुक्त के देखने के शासन को डीपीआर भेजा जाएगा। कार्य की स्वीकृति व बजट आवंटन के बाद काम शुरू होगा।
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अयोध्या नगर निगम के गठन को चार वर्ष पूर्ण होने को हैं लेकिन शहर की सड़कों, गलियों, पार्कों व नाले-नालियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। रामनगरी में सड़कें जर्जर हैं तो टूटी नालियों के पानी सड़कों पर बह रहे हैं। इस सबका कारण यह है कि शहर के समग्र विकास की कोई योजना नगर निगम प्रशासन की ओर से तैयार नहीं की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों ने बहुत रुचि नहीं दिखाई।
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तीन वर्षों में एक बार भी नगर निगम की ओर शहर के समग्र विकास का डीपीआर तैयार कराकर शासन को नहीं भेजा गया। इससे शहर की सुंदरता की साख पर सवालिया निशान खड़ा होने के साथ अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले पखवाड़े यह बात मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंची थी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर आयुक्त को बुलाकर सभी सड़कों, गलियों, पार्कों व नाले-नालियों को संवारने का डीपीआर बनाकर पेश करने को कहा था।
नगर आयुक्त ने पिछले पखवाड़े नगर निगम के निर्माण विभाग को नगर निगम की समस्त सड़कों, गलियों नाले-नालियों को बनाने व सुदृढ़ करने के लिए सर्वे कर समग्र विकास योजना के तहत डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे।
निर्माण विभाग ने शनिवार शाम डीपीआर तैयार कर लिया है। लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से समस्त सड़कों व गलियों को संवारा जाएगा। सोमवार को यह डीपीआर शासन को भेज दिया जाएगा। शासन से स्वीकृति व धन के आवंटन के बाद काम शुरू होगा।
अयोध्या नगर निगम में भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने की कवायदें शुरू हो गई हैं। इसमें ठेकेदार के पेमेंट के लिए नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। कार्य की गुणवत्ता को लेकर नगर आयुक्त विशाल सिंह ने निर्माण विभाग को निर्देश दिया है कि किसी भी बड़े काम का पेमेंट थर्ड पार्टी की जांच के बाद ही किया जाए। इसमें पचास लाख से ऊपर के कार्य शामिल हैं।
अधिशासी अभियंता एमएन झा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अयोध्या की सभी सड़कों, गलियों व नाले-नालियों को संवारने का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। सोमवार को नगर आयुक्त के देखने के बाद शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति व बजट आवंटन के बाद काम शुरू होगा।