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अयोध्या के घाटों से दूर हुईं सरयू, अब गोंडा तट से प्रवाह

Sun, 05 Jan 2020 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2020 10:39 PM IST
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अयोध्या में घाटों से दूर पहुंची सरयू की धारा। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। कड़ाके की ठंड में सरयू की धारा भी घाटों से दूर चली गई है। अयोध्या का जलस्तर निरंतर घटता जा रहा है, जिससे प्रतिदिन दर्शन-पूजन से पहले स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नया घाट, लक्ष्मण घाट, गोला घाट, तुलसी घाट से लेकर फोरलेन हाईवे पुल तक अयोध्या से सरयू की जलधारा रूठ गई है।
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यहां से पांच सौ मीटर आगे धारा बह रही है, जो गोंडा जिले के तटों को स्पर्श कर रही है। यही नहीं जलस्तर भी काफी नीचे सरक गया है। सरयू के जलस्तर में प्रतिदिन पांच सेमी. की गिरावट दर्ज की जा रही है। वैज्ञानिक भी इसे अच्छा नहीं मानते। वह भूजल संकट और बढ़ने की आशंका जता रहे हैं।
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अयोध्या के उत्तर दिशा में बहने वाली सरयू का अत्यंत महत्व है। भीषण ठंड के बीच सरयू की धारा तेजी से सिमटने लगी है, जिससे प्रतिदिन सरयू आने वाले श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि लक्ष्मणघाट की ओर से सरयू की धारा प्रवाहित हो रही है, जो घाटों तक पहुंच रही है। लेकिन संत तुलसीदास घाट की ओर सरयू की धारा रूठ कर घाटों से नित प्रतिदिन दूरी बनाती जा रही है। संत तुलसीदास घाट पर तो करीब 500 मीटर की दूरी तय करने पर सरयू की धारा का स्पर्श संभव है।
धर्मनगरी में प्रतिदिन हजारों लेाग सरयू स्नान व दर्शन-पूजन को आते हैं तो बड़ी संख्या में अंत्येष्टि को भी लोग आते हैं। ऐसे में धारा घाटों के समीप न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अभियंता संजय कुशवाहा के मुताबिक सरयू प्रतिदिन 5 सेमी. घट रही है। आयोग के मुताबिक सरयू का शून्य लेवल 85 मीटर है। एक सप्ताह के भीतर सरयू 25 सेमी. घट चुकी है।
सरयू में जलस्तर की कमी से वैज्ञानिक चिंतित, खेती पर भी असर
पर्यावरणविद अवध विश्वविद्यालय के प्रो.जसवंत सिंह ने बताया कि जलस्तर तेजी से खिसकना चिंता का विषय है। खेती भी प्रभावित होगी। जैव परिस्थिति तंत्र पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। नदी को अपने नेचुरल रास्ते से हटकर बहना इको सिस्टम के लिए ठीक नहीं है। नदी की जैव विविधता प्रभावित होती है। खेती किसानी पर भी संकट बढ़ेगा। जलीय जीव जंतुओं को भी अपना आशियाना बदलना पड़ेगा। यही नहीं नदी का बहाव कम होने से सरयू में प्रदूषण बढ़ने की संभावना भी प्रबल हो जाती हेै। भूजल संकट का भी संकेत है।

पहाड़ों पर बर्फ जमना जलस्तर में कमी का बड़ा कारण
सर्दी के मौसम में पहाड़ी नदियों का पानी कम होता है, पहाड़ों पर बर्फ जम जाने के कारण सरयू के जलस्तर में कमी आई है। सरयू का जलस्तर कम होने का एक कारण नहरों का भी डायवर्ट होना है। दूसरी तरफ सिंचाई हेतु लगातार बढ़ती पानी की डिमांड भी कारण है। बर्फ जमने के कारण विभिन्न श्रोतों से पानी की आमद कम होने से सरयू का जलस्तर भी प्रभावित हुआ है। वैज्ञानिकों की मानें तो यदि कुछ दिन और ठंडी का असर रहा तो जलस्तर में और भी कमी आएगी।
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