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सेहत के लिए हानिकारक है रेडबुल एनर्जी ड्रिंक
फैजाबाद
Updated Wed, 01 Mar 2017 10:56 PM IST
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बाजार में बिकने वाली रेड बुल एनर्जी ड्रिंक सेहत के लिए घातक है। पेय पदार्थ में जरूरत से अधिक कैफीन की मात्रा पाई गई है। केन्द्रीय प्रयोगशाला ने मिथ्या छाप के अलावा इस पेय पदार्थ को सेहत के लिए घातक माना है।
तत्कालीन अभिहित अधिकारी वीके पांडेय की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर पांडेय ने अंगूरीबाग स्थित जैन एजेंसी से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक का नमूना बीते 12 अगस्त 2016 को सील किया गया था। नमूने को जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रदेश प्रयोगशाला में भेजा गया।
लखनऊ की लैब ने तीन नवंबर की जांच में इस पेय पदार्थ को स्वास्थ्य के लिए घातक पाया। इस बारे में विभाग की ओर से एजेंसी के मालिक विकास जैन को सूचित किया गया। विकास ने एनर्जी ड्रिंक को निर्दिष्ट खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद की लैब में दुबारा जांच के लिए भेजा।
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गाजियाबाद की लैब के निदेशक डॉ. जीपी शर्मा ने प्रदेश प्रयोगशाला के विश्लेषण को सही ठहराया। लैब के निदेशक ने बताया कि एनर्जी डिंक मिथ्या-छाप प्रदर्शित कर बेच रही है। और तो और, इसमें जितनी मात्रा कैफीन मिलाए जाने का दावा किया जा रहा है उससे कहीं अधिक मिलाई जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।
इसको पीने की लत लगी तो व्यक्ति बार-बार इस पेय पदार्थ के सेवन का आदी हो जाएगा। लैब के अधिकारियों ने माना की यह पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर पांडेय ने बताया कि केन्द्रीय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में जरूरत से ज्यादा कैफीन की मात्रा पाई गई है। जिस कारण इसके सेवन से सेहत को नुकसान हो सकता है।
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तत्कालीन अभिहित अधिकारी वीके पांडेय की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर पांडेय ने अंगूरीबाग स्थित जैन एजेंसी से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक का नमूना बीते 12 अगस्त 2016 को सील किया गया था। नमूने को जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रदेश प्रयोगशाला में भेजा गया।
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लखनऊ की लैब ने तीन नवंबर की जांच में इस पेय पदार्थ को स्वास्थ्य के लिए घातक पाया। इस बारे में विभाग की ओर से एजेंसी के मालिक विकास जैन को सूचित किया गया। विकास ने एनर्जी ड्रिंक को निर्दिष्ट खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद की लैब में दुबारा जांच के लिए भेजा।
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गाजियाबाद की लैब के निदेशक डॉ. जीपी शर्मा ने प्रदेश प्रयोगशाला के विश्लेषण को सही ठहराया। लैब के निदेशक ने बताया कि एनर्जी डिंक मिथ्या-छाप प्रदर्शित कर बेच रही है। और तो और, इसमें जितनी मात्रा कैफीन मिलाए जाने का दावा किया जा रहा है उससे कहीं अधिक मिलाई जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।
इसको पीने की लत लगी तो व्यक्ति बार-बार इस पेय पदार्थ के सेवन का आदी हो जाएगा। लैब के अधिकारियों ने माना की यह पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर पांडेय ने बताया कि केन्द्रीय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में जरूरत से ज्यादा कैफीन की मात्रा पाई गई है। जिस कारण इसके सेवन से सेहत को नुकसान हो सकता है।