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Ayodhya News: रामनगरी आज फिर रचेगी इतिहास
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अयोध्या। हनुमान जयंती के मौके पर रामनगरी शनिवार को फिर से इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है। राम की पैड़ी के 51 घाटों पर दीपमालिकाएं सज गई हैं। 24.60 लाख दीये बिछाए जा चुके हैं।
शुक्रवार की देर शाम तक दीयों की गणना गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड की टीम करने में जुटी रही। शनिवार सुबह से दीपों में तेल व बाती डालने की प्रक्रिया शुरू होगी।
शाम को सभी घाटों पर दीप जलाए जाएंगे। अवध विश्वविद्यालय के युवा फिर इतिहास रचेंगे। इसको लेकर वालंटियर्स में गजब का उत्साह दिख रहा है।
दीये में तेल भरने के लिए एक-एक लीटर सरसों की बोतल दी जाएगी। हर एक दीये में 30 एमएल तेल डाला जाएगा। दीये का ऊपरी हिस्सा कुछ खाली रखा जाएगा, ताकि तेल घाट पर न गिरे।
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एक लीटर तेल की बोतल खाली होने के बाद पुनः उसी गत्ते में वापस सुरक्षित रखी जाएगी। दीये में तेल डालने के बाद बाती के आगे वाले भाग पर कपूर का पाउडर लगाएंगे, जिससे वालंटियर्स को दीये प्रज्ज्वलित करने में आसानी होगी।
प्रत्येक घाट पर दीयों को प्रज्ज्वलित करने के लिए कैंडल, माचिस, डंडे लगे कैंडल व अन्य सामग्री निर्धारित दीयों की संख्या के अनुपात में एक ही बार में समन्वयकों को उपलब्ध करा दी जाएगी। दीयों को प्रज्वलित करने वाले स्वयंसेवक, समन्वयक सूती कपड़ों में ही घाटों पर उपस्थित रहेंगे। प्रज्वलित करते समय अपना व दूसरों का भी ध्यान रखेंगे।
दीयों की सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी
दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो़ संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव अद्भुत होगा। 51 घाटों पर दीयों की सुरक्षा पुलिस प्रशासन व विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जा रही है। शनिवार को दीपोत्सव के दिन प्रातः 10 बजे से पर्यवेक्षक, घाट प्रभारी, समन्वयक व गणना वालंटियर्स की देखरेख में 24.60 लाख दीये में तेल डालने, बाती लगाने व देर शाम शासन की ओर से नियत समय पर दीये प्रज्जवलित किए जाएंगे।
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शुक्रवार की देर शाम तक दीयों की गणना गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड की टीम करने में जुटी रही। शनिवार सुबह से दीपों में तेल व बाती डालने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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शाम को सभी घाटों पर दीप जलाए जाएंगे। अवध विश्वविद्यालय के युवा फिर इतिहास रचेंगे। इसको लेकर वालंटियर्स में गजब का उत्साह दिख रहा है।
दीये में तेल भरने के लिए एक-एक लीटर सरसों की बोतल दी जाएगी। हर एक दीये में 30 एमएल तेल डाला जाएगा। दीये का ऊपरी हिस्सा कुछ खाली रखा जाएगा, ताकि तेल घाट पर न गिरे।
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एक लीटर तेल की बोतल खाली होने के बाद पुनः उसी गत्ते में वापस सुरक्षित रखी जाएगी। दीये में तेल डालने के बाद बाती के आगे वाले भाग पर कपूर का पाउडर लगाएंगे, जिससे वालंटियर्स को दीये प्रज्ज्वलित करने में आसानी होगी।
प्रत्येक घाट पर दीयों को प्रज्ज्वलित करने के लिए कैंडल, माचिस, डंडे लगे कैंडल व अन्य सामग्री निर्धारित दीयों की संख्या के अनुपात में एक ही बार में समन्वयकों को उपलब्ध करा दी जाएगी। दीयों को प्रज्वलित करने वाले स्वयंसेवक, समन्वयक सूती कपड़ों में ही घाटों पर उपस्थित रहेंगे। प्रज्वलित करते समय अपना व दूसरों का भी ध्यान रखेंगे।
दीयों की सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी
दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो़ संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव अद्भुत होगा। 51 घाटों पर दीयों की सुरक्षा पुलिस प्रशासन व विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जा रही है। शनिवार को दीपोत्सव के दिन प्रातः 10 बजे से पर्यवेक्षक, घाट प्रभारी, समन्वयक व गणना वालंटियर्स की देखरेख में 24.60 लाख दीये में तेल डालने, बाती लगाने व देर शाम शासन की ओर से नियत समय पर दीये प्रज्जवलित किए जाएंगे।