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धार्मिक पर्यटन का हब बनती दिखी रामनगरी, नए साल के पहले दिन भक्तों ने तोड़ा रिकॉर्ड, होटल-रेस्टोरेंट फुल
Sat, 02 Jan 2021 10:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 02 Jan 2021 10:03 AM IST
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रामलला को लगाया गया छप्पन भोग
- फोटो : अमर उजाला
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नए वर्ष का शुभारंभ रामनगरी अयोध्या के लिए उत्साहित करने वाला रहा। कारोबार की दृष्टि से नववर्ष 2021 का आगाज अयोध्यावासियों को शुभ संकेत दे गया। रामनगरी धार्मिक पयर्टन का हब बनी नजर आई तो कारोबार को भी पंख लगे। पहले की तुलना में इस बार नए वर्ष पर रामलला के दर्शन का भी रिकॉर्ड टूट गया।
47621 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इस बार खास बात यह रही कि अस्थायी मंदिर में रामलला के आने के बाद यह पहला नया वर्ष रहा, जिसे भक्तों ने पूरे उत्साह से मनाया। उधर, प्रसाद, पूजन सामग्री व अन्य सामान की भी खूब बिक्री से कारोबारी प्रसन्न दिखे तो होटल-रेस्टोरेंट भी फुल रहे।
नए साल में रामनगरी तरक्की की उम्मीदों में तैरती नजर आई। अनुमान से कहीं ज्यादा भक्त अयोध्या में दर्शन-पूजन को उमड़ पड़े। भक्तों में सबसे ज्यादा रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन की ललक दिखी। टेंट से निकलकर अस्थायी मंदिर में चांदी के सिंहासन पर विराजने के बाद रामलला के लिए भी यह पहला वर्ष रहा।
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जिसको भक्तों ने यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बड़ी संख्या में भक्तों का रेला रामलला के दरबार में दर्शन-पूजन को उमड़ पड़ा। दोनों पालियों को मिलाकर 47621 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। पहली पाली में जहां 27510 भक्तों ने वहीं दूसरी पाली में 20111 भक्तों ने रामलला के सम्मुख अपनी श्रद्घा अर्पित की।
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47621 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इस बार खास बात यह रही कि अस्थायी मंदिर में रामलला के आने के बाद यह पहला नया वर्ष रहा, जिसे भक्तों ने पूरे उत्साह से मनाया। उधर, प्रसाद, पूजन सामग्री व अन्य सामान की भी खूब बिक्री से कारोबारी प्रसन्न दिखे तो होटल-रेस्टोरेंट भी फुल रहे।
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नए साल में रामनगरी तरक्की की उम्मीदों में तैरती नजर आई। अनुमान से कहीं ज्यादा भक्त अयोध्या में दर्शन-पूजन को उमड़ पड़े। भक्तों में सबसे ज्यादा रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन की ललक दिखी। टेंट से निकलकर अस्थायी मंदिर में चांदी के सिंहासन पर विराजने के बाद रामलला के लिए भी यह पहला वर्ष रहा।
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जिसको भक्तों ने यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बड़ी संख्या में भक्तों का रेला रामलला के दरबार में दर्शन-पूजन को उमड़ पड़ा। दोनों पालियों को मिलाकर 47621 भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। पहली पाली में जहां 27510 भक्तों ने वहीं दूसरी पाली में 20111 भक्तों ने रामलला के सम्मुख अपनी श्रद्घा अर्पित की।
श्रीरामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि इस बार नववर्ष पर तो रिकॉर्ड ही टूट गया। रामलला का दर्शन कर भक्त निहाल नजर आ रहे थे। भक्तों में रामलला का एक दर्शन पाने की बेसब्री स्पष्ट नजर आ रही थी। वहीं, सिद्घपीठ हनुमानगढ़ी में भी लाखों भक्तों ने माथा टेका।
पुजारी राजूदास ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला रात्रि शयन आरती तक अनवरत जारी रहा। नए साल के पहले ही दिन रामनगरी में धार्मिक पर्यटन का माहौल दिखा। राजूदास ने कहा कि यह रामनगरी के लिए शुभ संकेत है। नया वर्ष रामनगरी के लिए तरक्की का वर्ष साबित होगा, ऐसी प्रबल संभावना है।
कारोबारी बोले-अब तेजी से होगी तरक्की
हनुमानगढ़ी पर प्रसाद की दुकान करने वाले विकास गुप्ता ने कहा कि मेरा अनुमान है कि आज लाखों भक्तों ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किया है। हमारा कारोबार भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष खूब चमका। पिछले नववर्ष पर बमुश्किल 10 से 12 हजार का प्रसाद बिका था तो इस वर्ष शाम तक करीब तीस हजार की ब्रिकी हो गई थी। प्रसाद व्यवसायी आशीष गुप्ता, अशोक गुप्ता भी उत्साहित थे कहा कि अयोध्या में वर्षों बाद धार्मिक पयर्टन का माहौल दिखा।
उम्मीद है कि राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही रामनगरी में भक्तों का रेला उमड़ेगा और कारोबार चमकेगा। फूल-माला व्यवसायी रामकुमार पटवा ने कहा कि भक्तों ने खूब माला-फूल भी खरीदा। अमित निषाद ने कहा कि बड़ी संख्या में भक्तों ने धार्मिक पुस्तकें, माला आदि भी खरीदी हैं। रामनगरी के होटल व्यवसाई भी आशान्वित हैं कि अब रामनगरी पयर्टन का बड़ा हब बनने जा रही है।
पुजारी राजूदास ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला रात्रि शयन आरती तक अनवरत जारी रहा। नए साल के पहले ही दिन रामनगरी में धार्मिक पर्यटन का माहौल दिखा। राजूदास ने कहा कि यह रामनगरी के लिए शुभ संकेत है। नया वर्ष रामनगरी के लिए तरक्की का वर्ष साबित होगा, ऐसी प्रबल संभावना है।
कारोबारी बोले-अब तेजी से होगी तरक्की
हनुमानगढ़ी पर प्रसाद की दुकान करने वाले विकास गुप्ता ने कहा कि मेरा अनुमान है कि आज लाखों भक्तों ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किया है। हमारा कारोबार भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष खूब चमका। पिछले नववर्ष पर बमुश्किल 10 से 12 हजार का प्रसाद बिका था तो इस वर्ष शाम तक करीब तीस हजार की ब्रिकी हो गई थी। प्रसाद व्यवसायी आशीष गुप्ता, अशोक गुप्ता भी उत्साहित थे कहा कि अयोध्या में वर्षों बाद धार्मिक पयर्टन का माहौल दिखा।
उम्मीद है कि राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही रामनगरी में भक्तों का रेला उमड़ेगा और कारोबार चमकेगा। फूल-माला व्यवसायी रामकुमार पटवा ने कहा कि भक्तों ने खूब माला-फूल भी खरीदा। अमित निषाद ने कहा कि बड़ी संख्या में भक्तों ने धार्मिक पुस्तकें, माला आदि भी खरीदी हैं। रामनगरी के होटल व्यवसाई भी आशान्वित हैं कि अब रामनगरी पयर्टन का बड़ा हब बनने जा रही है।
रामलला को पहली बार लगा छप्पन भोग
नववर्ष पर रामलला को पहली बार छप्पन भोग लगाया गया। करीब तीन दशक बाद पहली बार अस्थायी मंदिर में रामलला को छप्पन व्यंजनों का भोग लगाकर विधिविधान पूर्वक पूजन किया गया। श्रीरामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि जब रामलला टेंट में थे इस तरह की सुविधाएं उन्हें नहीं मिल पातीं थी। 2021 में पहली बार नववर्ष पर उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराते हुए विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया।
सुबह 11.30 बजे की आरती के बाद रामलला को 56 अलग प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। 56 भोग विशेष रूप से लखनऊ के मशहूर मधुरिमा से मंगाए गए। भोग में मेवा और अलग-अलग तरह के मिष्ठान जैसे रसगुल्ला, गुलगुले, मालपुआ, रसमलाई आदि हैं। श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास अपने साथ यह छप्पन भोग रामलला परिसर ले गए और भगवान को अर्पित किया।
सुबह 11.30 बजे की आरती के बाद रामलला को 56 अलग प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। 56 भोग विशेष रूप से लखनऊ के मशहूर मधुरिमा से मंगाए गए। भोग में मेवा और अलग-अलग तरह के मिष्ठान जैसे रसगुल्ला, गुलगुले, मालपुआ, रसमलाई आदि हैं। श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास अपने साथ यह छप्पन भोग रामलला परिसर ले गए और भगवान को अर्पित किया।