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Ayodhya News: कल से शहर में शुरू होगा रामलीलाओं का मंचन
Wed, 07 Oct 2026 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:00 AM IST
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अयोध्या। रामनगरी में रामलीला मंचन की तैयारियां तेज हो गई हैं। संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति की ओर से श्री अवध आदर्श रामलीला मंडल, पत्थर मंदिर वासुदेवघाट की ओर से आठ से 22 अक्तूबर तक भगवदाचार्य स्मारक सदन में रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसका शुभारंभ आठ अक्तूबर को होगा। प्रतिदिन शाम सात से 10 बजे तक रामलीला का मंचन किया जाएगा।
भगवदाचार्य स्मारक सदन की रामलीला अयोध्या की प्राचीन रामलीला परंपरा का हिस्सा है। यहां वर्ष 1964 से रामलीला का मंचन होता आ रहा है। छह दशक से अधिक पुरानी इस परंपरा में इस बार भी रामकथा के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
आठ अक्तूबर को नारद मोह और रावण जन्म से रामलीला की शुरुआत होगी। नौ अक्तूबर को श्रीराम जन्म व मुनि आगमन, 10 को पुष्पवाटिका (फुलवारी लीला) व नगर दर्शन, 11 को धनुषयज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद होगा। 12 अक्तूबर को श्रीसीताराम विवाहोत्सव व श्रीराम कलेवा का मंचन होगा। 13 अक्तूबर को कैकेयी कोपभवन व वनगमन, 14 को निषाद मिलन, दशरथ मरण व चित्रकूट, 15 को जयंत, नककटैया, सीताहरण व सुग्रीव मिताई और 16 को बालि वध व लंका दहन का मंचन होगा।
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17 अक्तूबर को विभीषण शरणागति व सेतुबन्ध, जबकि 18 को अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति व पहाड़ की लीला होगी। 19 अक्तूबर को कुंभकरण वध, मेघनाद वध व सुलोचना सती, 20 को अहिरावण वध व रावण वध होगा। 21 अक्तूबर को भरत मिलाप की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसका आयोजन श्रीहनुमानगढ़ी में होगा। 22 अक्तूबर को स्मारक सदन में श्रीराम राज्याभिषेक व बंदर विदाई के साथ रामलीला का समापन होगा।
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भगवदाचार्य स्मारक सदन की रामलीला अयोध्या की प्राचीन रामलीला परंपरा का हिस्सा है। यहां वर्ष 1964 से रामलीला का मंचन होता आ रहा है। छह दशक से अधिक पुरानी इस परंपरा में इस बार भी रामकथा के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
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आठ अक्तूबर को नारद मोह और रावण जन्म से रामलीला की शुरुआत होगी। नौ अक्तूबर को श्रीराम जन्म व मुनि आगमन, 10 को पुष्पवाटिका (फुलवारी लीला) व नगर दर्शन, 11 को धनुषयज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद होगा। 12 अक्तूबर को श्रीसीताराम विवाहोत्सव व श्रीराम कलेवा का मंचन होगा। 13 अक्तूबर को कैकेयी कोपभवन व वनगमन, 14 को निषाद मिलन, दशरथ मरण व चित्रकूट, 15 को जयंत, नककटैया, सीताहरण व सुग्रीव मिताई और 16 को बालि वध व लंका दहन का मंचन होगा।
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17 अक्तूबर को विभीषण शरणागति व सेतुबन्ध, जबकि 18 को अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति व पहाड़ की लीला होगी। 19 अक्तूबर को कुंभकरण वध, मेघनाद वध व सुलोचना सती, 20 को अहिरावण वध व रावण वध होगा। 21 अक्तूबर को भरत मिलाप की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसका आयोजन श्रीहनुमानगढ़ी में होगा। 22 अक्तूबर को स्मारक सदन में श्रीराम राज्याभिषेक व बंदर विदाई के साथ रामलीला का समापन होगा।