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रामलीला के मुस्लिमों कलाकारों ने छोड़ा मांसाहार
फैजाबाद/अमर उजाला
Updated Mon, 19 Oct 2015 11:22 PM IST
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समिति के मेला प्रबंधक सैयद साजिद अली हैं। 35 वर्ष से अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन डॉ. माजिद अली निभा रहे हैं। इससे पहले इनके पिता स्व. डॉ. वाजिद अली ये जिम्मेदारी उठा रहे थे। इन दिनों चल रहे मंचन में रावण के मंत्री का किरदार इकबाल अहमद, लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला का शाही नूर और सुषेन वैद्य का रोल अल्लू निभा रहे हैं।
जुड़वा भाई मो. सैफ व मो. कैफ नील-साधु और सलमान उर्फ नब्बू नारांतक की भूमिका में हैं। एकलाख, नियाज अहमद, शाहिद, नफीस, जाबिर व रियाज भी मंचन में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से कई अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
खास बात ये है कि रामलीला मंचन से जुड़े कई मुस्लिम युवकों ने मांसाहार छोड़ दिया है। सलमान उर्फ नब्बू और मो. शाही नूर का कहना है कि रामदल से जुड़े पात्रों की श्रद्धालु आरती उतारते हैं, इस वजह से हमने उनकी आस्था को देखते हुए इन दिनों मांसाहार त्याग दिया है। कई अन्य मुस्लिम युवकों ने भी इन दिनों मांसाहार छोड़ दिया है।
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एकसाथ मनाते होली और ईद
मो. सैफ व मो. कैफ का कहना है कि, मंचन में जो भी भूमिका उन्हें मिलती है, करते हैं। हम दोनों भाई नल-नील बनते हैं तो कभी साधु। वहीं, सलमान उर्फ नब्बू और मो. शाही नूर कहते हैं कि, भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रामदल से जुड़े पात्रों की लोग आरती उतारते हैं और चरण छूते हैं।
ऐसे में हमें भी भक्तों की आस्था का ख्याल रखना है। बस, इसी वजह से मांसाहार त्याग दिया। रावण बनने वाले चंद्रशेखर तिवारी कहते हैं कि, हम एक-दूसरे के त्योहारों के साथ ही हर सुख-दुख में हिस्सा लेते हैं। समिति के मंत्री एवं प्रधान शिवशंकर मौर्य ने बताया कि गांव के हिंदू-मुस्लिम दुर्गापूजा, दशहरा, होली, दीपावली और ईद एकसाथ मनाते हैं। मुस्लिम हमारे साथ होली खेलते हैं और हिंदू मोहर्रम में तासा, झांझ बजाते हुए करबला तक जाते हैं।
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जुड़वा भाई मो. सैफ व मो. कैफ नील-साधु और सलमान उर्फ नब्बू नारांतक की भूमिका में हैं। एकलाख, नियाज अहमद, शाहिद, नफीस, जाबिर व रियाज भी मंचन में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से कई अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
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खास बात ये है कि रामलीला मंचन से जुड़े कई मुस्लिम युवकों ने मांसाहार छोड़ दिया है। सलमान उर्फ नब्बू और मो. शाही नूर का कहना है कि रामदल से जुड़े पात्रों की श्रद्धालु आरती उतारते हैं, इस वजह से हमने उनकी आस्था को देखते हुए इन दिनों मांसाहार त्याग दिया है। कई अन्य मुस्लिम युवकों ने भी इन दिनों मांसाहार छोड़ दिया है।
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एकसाथ मनाते होली और ईद
मो. सैफ व मो. कैफ का कहना है कि, मंचन में जो भी भूमिका उन्हें मिलती है, करते हैं। हम दोनों भाई नल-नील बनते हैं तो कभी साधु। वहीं, सलमान उर्फ नब्बू और मो. शाही नूर कहते हैं कि, भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रामदल से जुड़े पात्रों की लोग आरती उतारते हैं और चरण छूते हैं।
ऐसे में हमें भी भक्तों की आस्था का ख्याल रखना है। बस, इसी वजह से मांसाहार त्याग दिया। रावण बनने वाले चंद्रशेखर तिवारी कहते हैं कि, हम एक-दूसरे के त्योहारों के साथ ही हर सुख-दुख में हिस्सा लेते हैं। समिति के मंत्री एवं प्रधान शिवशंकर मौर्य ने बताया कि गांव के हिंदू-मुस्लिम दुर्गापूजा, दशहरा, होली, दीपावली और ईद एकसाथ मनाते हैं। मुस्लिम हमारे साथ होली खेलते हैं और हिंदू मोहर्रम में तासा, झांझ बजाते हुए करबला तक जाते हैं।