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एसी में रह रहे रामलला, पूजा-भोग की भी धनराशि बढ़ी

Thu, 03 Jun 2021 11:13 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 11:13 PM IST
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Ramlala living in AC, the amount of worship-bhog also increased
अयोध्या। रामलला के अस्थायी भवन में विराजित होने के बाद से ही राग-भोग का प्रबंधन बेहतर हो गया है। पहले गर्मी के मौसम में जहां रामलला को एक पंखा भी नसीब नहीं होता था। वहीं अब अस्थायी मंदिर में रामलला के लिए एसी सहित कूलर व पंखे की भी व्यवस्था की गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यकाल में रामलला के राग-भोग प पूजा-पाठ पर खर्च की जाने वाली धनराशि भी बढ़ा दी गई है।
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राममंदिर के हक में फैसले आने के पूर्व रामजन्मभूमि परिसर से लेकर टेंट में विराजमान रामलला के प्रबंधन की सारी व्यवस्था रिसीवर के हाथों में थी। फैसले आने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रामलला के प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहा है। ट्रस्ट के कार्यकाल में रामलला के पूजा-भोग की धनराशि बढ़ी है। पहले प्रतिमाह 30 और अब करीब 42 हजार खर्च किए जा रहे हैं।
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रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि ट्रस्ट के कार्यकाल में रामलला के राग-भोग, पूजा से लेकर समस्त व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। वेतन के अलावा राम लला के भोग के लिए पहले 30 हजार प्रतिमाह सरकार से प्राप्त होते थे। ट्रस्ट के कार्यकाल में अब 40 से 42 हजार प्रति माह रामलला के भोग पर खर्च किए जा रहे हैं।
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रामलला की सेवा में प्रतिदिन उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं और अन्य सभी सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। अमावस्या और पूर्णिमा पर रामलला को पूरी, सब्जी ,खीर आदि का विशेष भोग लगाया जाता है, जबकि अन्य दिनों में दोनों समय चावल, दाल, सब्जी-रोटी का भोग लगाया जाता है। अचार व पापड़ भी भोग में शामिल होता है।
रामलला को प्रतिदिन दो किलो खुरचन के पेड़ा का भोग लगता है। एकादशी पर्व पर रामलला के लिए फलाहारी भोग की व्यवस्था की जाती है। पर्व व त्योहारों पर पहले से बेहतर इंतजाम भव्यता पूर्वक किए जाते हैं। कोरोना महामारी के चलते श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राममंदिर में भक्तों को प्रसाद व चरणामृत देने पर रोक लगा दी थी। इस बीच लॉकडाउन लगा दिया गया तो मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर भी पाबंदी दी गई।

अब एक जून से रामनगरी के मठ-मंदिर नए नियमों के तहत भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। इसी क्रम में श्रीरामलला का दरबार भी खुल गया है। पहले दिन ही 1400 भक्तों ने रामलला के दर पर माथा टेका। मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि एक बार में पांच भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही अब भक्तों को प्रसाद देने पर रोक हटा दी गई है, इलायची दाना प्रसाद स्वरूप दिया जा रहा है, हालांकि अभी चरणामृत देने पर रोक जारी है।
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