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सरयू तट पर 18 से 21 तक होगा रामायण मेला, मिली अनुमति
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अयोध्या। सरयू तट पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी चार दिवसीय रामायण मेला 18 दिसंबर से लगेगा। इस बार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत सीमित कार्यक्रमों के बीच मेला होगा। इस दौरान रामलीला व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति मिल गई है। शुक्रवार को समिति के पदाधिकारियों की डीएम के साथ हुई बैठक में रामायण मेले को लेकर मंथन हुआ।
अयोध्या में सरयू तट पर 39वें चार दिवसीय रामायण मेला के आयोजन की अनुमति शासन ने दी है। रामायण मेले के दौरान दिन में जहां रामलीला वहीं सायंकाल सांस्कृतिक संध्या में भजन लोक गीत, नृत्य आदि के कार्यक्रम होंगे। ऐसे कार्यक्रमों को नहीं रखा जा रहा है जिसमें ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना हो। इस बार कोरोना के चलते सीमित संख्या में दर्शक भी रामायण मेले में आ सकेंगे।
शुक्रवार जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के साथ नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की मौजूदगी में समिति के पदाधिकारियों शीतला सिंह, दीपकृष्ण वर्मा आदि ने बैठक कर रामायण मेले का स्वरूप तय किया। तय हुआ कि रामायण मेला 18 से 21 दिसंबर के बीच रामकथा पार्क में लगेगा।
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कोरोना प्रोटोकॉल के तहत होने वाले इस आयोजन में सीमित संख्या में दर्शकों को आने की अनुमति होगी, कार्यक्रम भी इस बार सीमित ही रखे जाएंगे। बैठक में शामिल नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि भले ही रामायण मेले का आयोजन कोरोना को देखते हुए थोड़ा सीमित कर दिया गया है लेकिन चार दिवसीय इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैठक में शामिल अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह ने बताया कि रामायण मेले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी शनिवार को तैयार हो जाएगी।
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अयोध्या में सरयू तट पर 39वें चार दिवसीय रामायण मेला के आयोजन की अनुमति शासन ने दी है। रामायण मेले के दौरान दिन में जहां रामलीला वहीं सायंकाल सांस्कृतिक संध्या में भजन लोक गीत, नृत्य आदि के कार्यक्रम होंगे। ऐसे कार्यक्रमों को नहीं रखा जा रहा है जिसमें ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना हो। इस बार कोरोना के चलते सीमित संख्या में दर्शक भी रामायण मेले में आ सकेंगे।
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शुक्रवार जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के साथ नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की मौजूदगी में समिति के पदाधिकारियों शीतला सिंह, दीपकृष्ण वर्मा आदि ने बैठक कर रामायण मेले का स्वरूप तय किया। तय हुआ कि रामायण मेला 18 से 21 दिसंबर के बीच रामकथा पार्क में लगेगा।
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कोरोना प्रोटोकॉल के तहत होने वाले इस आयोजन में सीमित संख्या में दर्शकों को आने की अनुमति होगी, कार्यक्रम भी इस बार सीमित ही रखे जाएंगे। बैठक में शामिल नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि भले ही रामायण मेले का आयोजन कोरोना को देखते हुए थोड़ा सीमित कर दिया गया है लेकिन चार दिवसीय इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। बैठक में शामिल अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह ने बताया कि रामायण मेले में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी शनिवार को तैयार हो जाएगी।