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सरयू तट पर बन रहा संगमरमर का भव्य आरती घाट
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सरयू तट पर निर्माणाधीन आरती स्थल।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण शुरू होने के बाद रामनगरी में दीपोत्सव इस बार बेहद खास होने जा रहा है। काशी की तर्ज पर आरती के लिए सरयू तट पर संगमरमर का भव्य नया घाट बन रहा है। जहां से सीएम योगी आदित्यनाथ मां सरयू की आरती करके शुभारंभ करेंगे।
राम की नगरी अयोध्या में इस बार कोरोना महामारी के बीच दीपोत्सव मनाया जाएगा। चौथे साल होने वाले दीपोत्सव को और भी भव्य तरीके से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। तीन दिवसीय त्रेेतायुग जैसी दिवाली में सीएम योगी 13 नवंबर को शामिल होंगे।
इस दौरान राम की पैड़ी साढ़े पांच लाख दीपों से जगमगाएगी। सरयू तट पर भव्य आतिशबाजी की जाएगी। मुख्यमंत्री मां सरयू की आरती भी उतारेगें। इसके लिए नया आरती स्थल बनाया जा रहा है जिसमें पांच भव्य बुर्ज बनाए जा रहे हैं। ये बुर्ज सफेद संगमरमर पत्थर में आकर्षक नजर आएंगें। इसी नए आरती स्थल पर सीएम मां सरयू की 5051 बत्ती की महाआरती उतारेंगे।
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अविवि की छात्राएं सजाएंगी रामायण की थ्री-डी कलाकृतियां
दीपोत्सव पर जहां एक तरफ पूरी अयोध्या दीयों से जगमगाएगी तो वहीं, इस बार रामलला के जन्मस्थान पर भी भव्य उत्सव मनाने की तैयारी है। सरयू तट से लेकर राम की पैड़ी व रामकथा पार्क को भव्य रूप देने में एजेंसियां जुटी हुई हैं। अवध विश्वविद्यालय का फाइन आर्ट विभाग इस बार मुख्यमंत्री के मंच के सामने घाट पर दैवीय शक्ति स्वरूप रामायण आधारित कलाकृति बनाएगा।
फाइन आर्ट के 100 छात्राएं व पांच शिक्षिकाएं दीपों के जरिए लंका से पुष्पक विमान से लौटे भगवान राम व उनके परिवार का चित्रण करेगें। इसे थ्री डी इफेक्ट के जरिए दर्शाया जाएगा। दूसरी ओर दीपोत्सव में इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा कहीं अधिक जगह उपलब्ध होगी। राम की पैड़ी के घाटों का विस्तार चौधरी चरण सिंह घाट तक कर दिया है। अब राम की पैड़ी करीब एक किलोमीटर लंबी हो गयी है।
राज्याभिषेक में दो सौ, आरती में शामिल हो पाएंगे 50 लोग
दीपोत्सव का आयोजन कोरोना के प्रोटोकाल के तहत किया जाएगा। इस बार दीपोत्सव में आम लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। रामराज्याभिषेक में भी इस बार भीड़ एकत्र नहीं की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रामराज्याभिषेक के कार्यक्रम में खास मेहमानों, साधु-संतों सहित मात्र 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। वहीं सरयू घाट पर जहां सीएम मां सरयू की आरती करेगें वहां भी केवल 50 लोगों को ही मौजूद रहने की अनुमति दी जाएगी।
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राम की नगरी अयोध्या में इस बार कोरोना महामारी के बीच दीपोत्सव मनाया जाएगा। चौथे साल होने वाले दीपोत्सव को और भी भव्य तरीके से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। तीन दिवसीय त्रेेतायुग जैसी दिवाली में सीएम योगी 13 नवंबर को शामिल होंगे।
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इस दौरान राम की पैड़ी साढ़े पांच लाख दीपों से जगमगाएगी। सरयू तट पर भव्य आतिशबाजी की जाएगी। मुख्यमंत्री मां सरयू की आरती भी उतारेगें। इसके लिए नया आरती स्थल बनाया जा रहा है जिसमें पांच भव्य बुर्ज बनाए जा रहे हैं। ये बुर्ज सफेद संगमरमर पत्थर में आकर्षक नजर आएंगें। इसी नए आरती स्थल पर सीएम मां सरयू की 5051 बत्ती की महाआरती उतारेंगे।
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अविवि की छात्राएं सजाएंगी रामायण की थ्री-डी कलाकृतियां
दीपोत्सव पर जहां एक तरफ पूरी अयोध्या दीयों से जगमगाएगी तो वहीं, इस बार रामलला के जन्मस्थान पर भी भव्य उत्सव मनाने की तैयारी है। सरयू तट से लेकर राम की पैड़ी व रामकथा पार्क को भव्य रूप देने में एजेंसियां जुटी हुई हैं। अवध विश्वविद्यालय का फाइन आर्ट विभाग इस बार मुख्यमंत्री के मंच के सामने घाट पर दैवीय शक्ति स्वरूप रामायण आधारित कलाकृति बनाएगा।
फाइन आर्ट के 100 छात्राएं व पांच शिक्षिकाएं दीपों के जरिए लंका से पुष्पक विमान से लौटे भगवान राम व उनके परिवार का चित्रण करेगें। इसे थ्री डी इफेक्ट के जरिए दर्शाया जाएगा। दूसरी ओर दीपोत्सव में इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा कहीं अधिक जगह उपलब्ध होगी। राम की पैड़ी के घाटों का विस्तार चौधरी चरण सिंह घाट तक कर दिया है। अब राम की पैड़ी करीब एक किलोमीटर लंबी हो गयी है।
राज्याभिषेक में दो सौ, आरती में शामिल हो पाएंगे 50 लोग
दीपोत्सव का आयोजन कोरोना के प्रोटोकाल के तहत किया जाएगा। इस बार दीपोत्सव में आम लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। रामराज्याभिषेक में भी इस बार भीड़ एकत्र नहीं की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रामराज्याभिषेक के कार्यक्रम में खास मेहमानों, साधु-संतों सहित मात्र 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। वहीं सरयू घाट पर जहां सीएम मां सरयू की आरती करेगें वहां भी केवल 50 लोगों को ही मौजूद रहने की अनुमति दी जाएगी।