{"_id":"5f9d85148ebc3e9bf62375b0","slug":"ram-nagri-faizabad-news-lko547955935","type":"story","status":"publish","title_hn":"राममंदिर विवाद समाप्त होने के बाद बदला अयोध्या का माहौल: मोदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राममंदिर विवाद समाप्त होने के बाद बदला अयोध्या का माहौल: मोदी
विज्ञापन
हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मौजूद प्रहलाद दामोदर दास मोदी।
- फोटो : FAIZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। प्रधानमंत्री जनकल्याण योजना के प्रचार-प्रसार अभियान के तहत अयोध्या पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद दामोदर दास मोदी ने रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में हाजिरी लगाई। दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि जब पहले मैं यहां आया था तो राम जन्मभूमि विवाद चल रहा था। तब माहौल और था और आज का माहौल अलग है। इकबाल भाई हमारे साथ हैं, इसलिए आपको भी माहौल का पता लगता होगा। अयोध्या का माहौल बदल चुका है।
उन्होंने कहा कि अब हिंदुस्तान में हिंदू-मुसलमान का कोई झगड़ा है ही नहीं और रहेगा भी नहीं। मैं इतना ही कहता हूं कि मेरे मुसलमान भाइयों को कि अब आपके दिल में जो व्यथा थी वह संपूर्ण रूप से रामलला ने खत्म कर दी है।
अब हमें देश को एक मैसेज देना है। रावण ने हनुमान जी की पूछ में आग लगाई थी लेकिन हनुमान जी बुद्धि चातुर्य इंसान थे, उन्होंने पूरी लंका ही जलाकर राख कर दी। इस दौरान उनके साथ मौजूद इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है। यहां हमेशा लोग आते-जाते रहते हैं। एक दूसरे से प्रेम से मिलते-जुलते रहते हैं। यही अयोध्या की संस्कृति की पहचान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब हिंदुस्तान में हिंदू-मुसलमान का कोई झगड़ा है ही नहीं और रहेगा भी नहीं। मैं इतना ही कहता हूं कि मेरे मुसलमान भाइयों को कि अब आपके दिल में जो व्यथा थी वह संपूर्ण रूप से रामलला ने खत्म कर दी है।
विज्ञापन
अब हमें देश को एक मैसेज देना है। रावण ने हनुमान जी की पूछ में आग लगाई थी लेकिन हनुमान जी बुद्धि चातुर्य इंसान थे, उन्होंने पूरी लंका ही जलाकर राख कर दी। इस दौरान उनके साथ मौजूद इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या धर्म की नगरी है। यहां हमेशा लोग आते-जाते रहते हैं। एक दूसरे से प्रेम से मिलते-जुलते रहते हैं। यही अयोध्या की संस्कृति की पहचान है।
विज्ञापन