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होली पर रामनगरी में चटख हुआ सद्भाव का रंग
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गुलाल लगाकर पुजारी राजू दास से गले मिलते इकबाल अंसारी
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। रंगों के पर्व होली के मौके पर राम नगरी में सद्भाव का रंग चटख हुआ। मस्जिद के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी के साथ संतों ने होली खेलकर एकता और भाईचारा का संदेश दिया। होली का यह रंग रामनगरी में एकादशी से ही बिखरा हुआ है।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य के आश्रम हरिधाम में शनिवार को पहुंचे। इकबाल का फूलों की पंखुड़ी और अबीर से स्वागत हुआ। इकबाल भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी जगद्गुरु सहित उनके सहयोगियों को जी भर कर गुलाल लगाया।
इकबाल के साथ होली का सिलसिला आगे भी बढ़ता गया। इकबाल ने दर्शन भवन पहुंचकर मणिराम दास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास, महंत डॉ. ममता शास्त्री, हनुमानगढ़ी से जुड़े संत राजू दास के साथ सद्भाव की होली खेली। साथ ही कहा कि यहां सभी संप्रदायों के रंग शामिल हैं।
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इकबाल तपस्वी छावनी पहुंचे, यहां उन्होंने महंत परमहंस दास एवं रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास सहित दशरथ गद्दी के महंत बृजमोहन दास के साथ होली का जश्न मनाया। संतों ने इकबाल के साथ पूरे चाव से होली की गुजिया भी खाई।
रामनगरी में मंदिर-मस्जिद विवाद खत्म होने के बाद यह पहली होली थी। इकबाल अंसारी ने कहा कि होली के त्योहार पर यहां से सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश पूरी दुनिया में जाना चाहिए। महंत परमहंस दास ने कहा कि स्थिति कोई भी रही हो रामनगरी ने हमेशा सौहार्द का संदेश दिया है। राममंदिर का फैसला आने के बाद भी मुस्लिमों का रुख सराहनीय रहा, बड़ी संख्या में मुस्लिम राममंदिर निर्माण चाहते हैं, अब वह दिन दूर नहीं जब भव्य राममंदिर में हमारे रामलला विराजेंगे।
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जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य के आश्रम हरिधाम में शनिवार को पहुंचे। इकबाल का फूलों की पंखुड़ी और अबीर से स्वागत हुआ। इकबाल भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी जगद्गुरु सहित उनके सहयोगियों को जी भर कर गुलाल लगाया।
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इकबाल के साथ होली का सिलसिला आगे भी बढ़ता गया। इकबाल ने दर्शन भवन पहुंचकर मणिराम दास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास, रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास, महंत डॉ. ममता शास्त्री, हनुमानगढ़ी से जुड़े संत राजू दास के साथ सद्भाव की होली खेली। साथ ही कहा कि यहां सभी संप्रदायों के रंग शामिल हैं।
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इकबाल तपस्वी छावनी पहुंचे, यहां उन्होंने महंत परमहंस दास एवं रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास सहित दशरथ गद्दी के महंत बृजमोहन दास के साथ होली का जश्न मनाया। संतों ने इकबाल के साथ पूरे चाव से होली की गुजिया भी खाई।
रामनगरी में मंदिर-मस्जिद विवाद खत्म होने के बाद यह पहली होली थी। इकबाल अंसारी ने कहा कि होली के त्योहार पर यहां से सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश पूरी दुनिया में जाना चाहिए। महंत परमहंस दास ने कहा कि स्थिति कोई भी रही हो रामनगरी ने हमेशा सौहार्द का संदेश दिया है। राममंदिर का फैसला आने के बाद भी मुस्लिमों का रुख सराहनीय रहा, बड़ी संख्या में मुस्लिम राममंदिर निर्माण चाहते हैं, अब वह दिन दूर नहीं जब भव्य राममंदिर में हमारे रामलला विराजेंगे।