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महंत नृत्यगोपाल दास के अध्यक्ष बनने पर खुशी से झूम उठी रामनगरी

Thu, 20 Feb 2020 12:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Feb 2020 12:27 AM IST
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अयोध्या। महंत नृत्यगोपाल दास को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाए जाने पर रामनगरी खुशी से झूम उठी। मंदिरों में संतों ने फूलों की होली खेली और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। दिनभर अयोध्या के संत-धर्माचार्य जहां बैठक को लेकर कयास लगाते रहे। शाम होते ही रामनगरी को एक बार फिर शुभ समाचार मिला। इसके बाद संत समाज खुशी में डूब गया।
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रामजन्मभूमि निर्माण के लिए बनाए गए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महंत नृत्यगोपाल दास को शामिल न किए जाने से संतों ने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया। अमित शाह ने महंत नृत्यगोपाल दास से वार्ता कर उन्हें आश्वस्त किया।
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इसके बाद 17 फरवरी को ट्रस्ट के सदस्यों बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, डॉ.अनिल मिश्र व चंपत राय ने उनसे मुलाकात कर ट्रस्ट की बैठक में आने के लिए आमंत्रित किया था। बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों ने सर्वसम्मति से महंत नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष पद के लिए चुना।
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इससे पूर्व रामनगरी बुधवार सुबह से ही ट्रस्ट की बैठक को लेकर उत्सुक नजर आई। संत-धर्माचार्य मंदिर निर्माण कब शुरू होगा, वह कैसा होगा और ट्रस्ट में अन्य कौन-कौन लोग शामिल होंगे, इन सब बातों को लेकर उत्सुक थे। शाम करीब 7:30 बजे जैसे ही महंत नृत्यगोपाल दास को अध्यक्ष व चंपत राय को महासचिव बनाए जाने की सूचना मिली रामनगरी में हर्ष का माहौल बन गया।

अब अलौकिक राममंदिर निर्माण शुरू होने का इंतजार
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पहली बैठक होने के बाद ही अब अयोध्या में अलौकिक राममंदिर निर्माण की बेसब्री बढ़ गई है। वहीं रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के अध्यक्ष व चंपत राय के महामंत्री बनाए जाने के बाद इस बाद की भी उम्मीद प्रबल हो गई है कि विहिप व न्यास के प्रस्तावित राममंदिर मॉडल पर ही मंदिर का निर्माण होगा। राममंदिर निर्माण के लिए रामनगरी का जो कोना सर्वाधिक बेकरार प्रतीत होता है। वह राम जन्मभूमि न्यास कार्यशाला है। यहां सिंतबर 1991 से ही रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थरों की तराशी चल रही है। विहिप नेता अशोक सिंहल की अगुवाई में तैयार हुए रामजन्मभूमि मॉडल के अनुसार रामजन्मभूमि की लंबाई 268 फीट पांच इंच, चौड़ाई 140 फीट। ऊंचाई 128 फीट रहेगा। मंदिर में कुल 212 खंभे बनेंगे। इसमें से 16 फीट ऊंचाई के 106 खंभे पहली मंजिल पर और इतने ही लंबे 14 फीट 6 इंच ऊंचाई के दूसरी मंजिल पर लगेंगे। इन सभी खंभों में 16 मूर्तियां होंगी। मंदिर के अगले भाग में सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह बनेगा। इसी गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति लगाई जाएगी। राममंदिर के लिए अब तक सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी भी हो चुकी है।
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