फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   ram nagri

रामलला के दर्शन कर निहाल हुए तारिक फतेह

Wed, 22 Jan 2020 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
ram nagri
अयोध्या में तारिक फतेह को रामनामी भेंट करते जगदगुरु। - फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। प्रख्यात समालोचक और पाकिस्तानी मूल के कनाडियन पत्रकार तारिक फतेह बुधवार को रामनगरी पहुंचे। रामलला व हनुमानगढ़ी का दर्शन किया। उन्होंने हरिधामगोपाल पीठ पहुंचकर ज.गु.रामदिनेशाचार्य से आशीर्वाद लिया। करीब एक घंटे तक उनके साथ मंदिर के महात्म पर चर्चा की। रामलला के दर्शन कर वह अभिभूत दिखे। कहा कि अयोध्या आने से हज जैसा अहसास हो रहा है। उन्होंने राममंदिर बनने पर पुन: अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करने की इच्छा जताई।
विज्ञापन

तारिक फतेह ने रामलला का दर्शन करने के बाद हरिधामगोपाल पीठ में अयोध्या, राम व राममंदिर पर करीब एक घंटे तक सधे हुए अंदाज में चर्चा की। पीस पार्टी द्वारा राम मंदिर मामले पर रिव्यू पिटिशन दाखिल करने पर कहा कि रिव्यू पिटिशन दाखिल करने से उनकी हिंदी और इंग्लिश ठीक हो जाएगी। उसी बहाने सीएए भी पढ़ लेंगे, दिमाग ठीक नहीं है उनका, अपने धर्म के विरोध में जाएंगे।
विज्ञापन

बाबर पर हमलावर होते हुए कहा द्घस्र बाहर से आकर एक मस्जिद किसी ने बना दिया उस पर बड़ा दर्द है। मक्के में कई मस्जिद टूटीं उस पर कोई दर्द नहीं है। इस तरह का दोगलापन उर्दू में चल सकता है दुनिया में नहीं चल सकता। तारिक ने एनआरसी पर कहा कि मुस्लिम महिलाएं एनआरसी और सीएए का विरोध नहीं कर रही हैं। उनके पतियों ने उन्हें विरोध में बैठाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुस्लिम पति पहले बीवियों को बुर्के से बाहर करें। उनसे पाबंदी हटाएं। एनआरसी का विरोध मुस्लिम समाज में बांग्लादेशी हिंदुओं के भारत में आने पर जगी असुरक्षा की भावना है। अभी भी पार्टीशन के दौर में नहीं निकले हैं मुस्लिम समाज के लोग वरना एनआरसी का विरोध मुस्लिम यूनिवर्सिटी से न शुरू होकर जेएनयू से शुरू होता।
यूनिवर्सिटी में धर्म का क्या काम यह समझ से बाहर है। उन्होंने कहा मुस्लिम यूनिवर्सिटी बंद की जाए, जिन्ना की तस्वीर उतारी जाए तब माना जाएगा कि आप देश के लिए बात कर रहे हैं। कहा कि कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद आगे आकर सीएए के विरोध में इलेक्शन करें। इलेक्शन में तय हो जाएगा अगर व जीत जाते हैं तो सीएए को हटा दें।
नमाज के लिए मस्जिद की जरूरत नहीं
सुप्रीम कोर्ट के द्वारा मुस्लिम समाज को 5 एकड़ जमीन देने पर बोले हिंदुस्तान में मस्जिद की कमी है क्या। जहां मस्जिद है जुम्मे की नमाज वहां पर भी हमारे भाई सड़कों पर अदा कर रहे हैं। नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद की जरूरत नहीं है। घर बैठे भी नमाज अदा की जा सकती है लेकिन वहां पर मौलवी नहीं होगा घर पर आप नमाज अदा करते हैं तो जिसकी दुकान लगी है वह कुछ नहीं कर सकता है।

राममंदिर की लड़ाई लड़ने वाले ट्रस्ट में हों शामिल
राममंदिर ट्रस्ट पर कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण की लड़ाई लड़ी है, वह लोग ट्रस्ट में शामिल हाें। राम मंदिर की जंग 500 साल की थी। एक बाहरी व्यक्ति आया उसने बिना किसी से पूछे मस्जिद बना दिया। राम जन्मभूमि विवाद 500 साल से चल रहा है अगर अंग्रेज न आए होते तो अब तक फैसला हो चुका होता। कोई नहीं पूछता कि बाबर कौन है इसको यहां आने का वीजा किसने दिया था। वहीं राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद राम जन्मभूमि के दर्शन पर बोलते हुए कहा कि अगर वीजा मिलता है तो जरूर राम मंदिर का दर्शन करूंगा ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed