{"_id":"5dc853bd8ebc3e5b467ef56d","slug":"ram-nagri-faizabad-news-lko4915331149","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैसले के दूसरे दिन तीन गुना बढ़ी रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैसले के दूसरे दिन तीन गुना बढ़ी रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या
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अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने की पहली सुबह में रामनगरी सख्त पहरे में शांत और संयमित नजर आई। फैसले के दूसरे दिन रामनगरी अपने रौ में रही।
बंदिशों के बीच सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों तक दर्शन-पूजन के लोग आते-जाते रहे। रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या भी फैसले के दूसरे दिन तीन गुना बढ़ गई। पहले दिन जहां लगभग 1750 लोगों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी, वहीं दूसरे दिन 5363 ने रामलला के दरबार में श्रद्धा अर्पित की।
हालांकि श्रद्घालुओं की संख्या कम होने से रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग पर दुकान करने वाले व्यापारी जरूर परेशान हैं। पूजा सामग्री की दुकान करने वाले राघवेंद्र ने बताया कि श्रद्घालु कम आ रहे हैं। इसलिए दुकानदारी नहीं हो रही है।
आशीष यादव व श्रवण कुमार गुप्ता ने भी उनकी बात को सहमति प्रदान की है। रामलला को दर्शन करने जा रही भोपाल की श्रद्घालु वंदना, उर्मिला ने बताया कि फैसला आने की पूर्व संध्या पर हमें शहर से पुलिस द्वारा बाहर निकाला जा रहा था लेकिन हम नहीं गए।
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अब कार्तिक पूर्णिमा का स्नान कर 15 को वापस जाएंगे। अयोध्या का फैसला सराहनीय है, राममंदिर बनना चाहिए। बिहार के श्रद्घालु रामबहादुर ने कहा कि रामलला का दर्शन कर मन निहाल हो उठा। उम्मीद है कि अगली बार मंदिर में रामलला के दर्शन होंगे इसी बीच उनके साथ खड़ी उनकी पत्नी सुधा देवी ने कहा कि मोदी सरकार ने जो कर के दिखाया है कोई नहीं कर सकता।
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बंदिशों के बीच सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों तक दर्शन-पूजन के लोग आते-जाते रहे। रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या भी फैसले के दूसरे दिन तीन गुना बढ़ गई। पहले दिन जहां लगभग 1750 लोगों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई थी, वहीं दूसरे दिन 5363 ने रामलला के दरबार में श्रद्धा अर्पित की।
हालांकि श्रद्घालुओं की संख्या कम होने से रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग पर दुकान करने वाले व्यापारी जरूर परेशान हैं। पूजा सामग्री की दुकान करने वाले राघवेंद्र ने बताया कि श्रद्घालु कम आ रहे हैं। इसलिए दुकानदारी नहीं हो रही है।
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आशीष यादव व श्रवण कुमार गुप्ता ने भी उनकी बात को सहमति प्रदान की है। रामलला को दर्शन करने जा रही भोपाल की श्रद्घालु वंदना, उर्मिला ने बताया कि फैसला आने की पूर्व संध्या पर हमें शहर से पुलिस द्वारा बाहर निकाला जा रहा था लेकिन हम नहीं गए।
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अब कार्तिक पूर्णिमा का स्नान कर 15 को वापस जाएंगे। अयोध्या का फैसला सराहनीय है, राममंदिर बनना चाहिए। बिहार के श्रद्घालु रामबहादुर ने कहा कि रामलला का दर्शन कर मन निहाल हो उठा। उम्मीद है कि अगली बार मंदिर में रामलला के दर्शन होंगे इसी बीच उनके साथ खड़ी उनकी पत्नी सुधा देवी ने कहा कि मोदी सरकार ने जो कर के दिखाया है कोई नहीं कर सकता।