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Ayodhya News: महाराष्ट्र से पहुंची सागौन की लकड़ी की दूसरी खेप
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अयोध्या। रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन राममंदिर के भूतल का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। छत का काम लगभग पूरा होने को है तो वहीं मंदिर दरवाजे व खिड़कियों का काम भी शुरू हो चुका है। इसी क्रम में रामसेवकपुरम में दरवाजे व खिड़कियां बनाने के लिए कार्यशाला का भी शुभारंभ पूजन-अर्चन के साथ हो गया है। मंदिर के दरवाजे महाराष्ट्र के सागौन की लकड़ियों से बनाए जाने हैं। मंगलवार की 700 क्यूबिक फीट सागौन की लकड़ियों की दूसरी खेप अयोध्या पहुंची।
मंदिर के लिए दरवाजे तैयार करने का काम हैदराबाद की अनुराधा टिंबर इंटरनेशनल प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है। रामसेवकपुरम कार्यशाला में 20 कारीगरों की टीम लगाई गई है। सागौन की लकड़ियों के दरवाजों पर प्राचीन सभ्यता के चिह्न, शुभता के प्रतीक, रामकथा से संबंधित चित्र दिखाई देंगे। तीन मंजिला राममंदिर में कुल 42 दरवाजे लगने हैं। हर मंजिल पर 14-14 दरवाजे लगेंगे। बताया कि दरवाजों के निर्माण में करीब दो हजार क्यूबिक फीट सागौन की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाना है। इसमें से अब तक करीब 1400 क्यूबीक फीट सागौन की लकड़ी महाराष्ट्र से आ चुकी है। शेष लकड़ियों की खेप भी एक पखवारे के भीतर अयोध्या पहुंच जाएगी। मंदिर के गर्भगृह का मुख्यद्वारा स्वर्ण व रजत मंडित हो, ऐसी भी योजना है।
संगमरमर के पत्थरों की एक और खेप आई
- राममंदिर के भूतल की छत बिछाने का काम जोरों पर चल रहा है। गर्भगृह, परिक्रमा, कोली मंडप, रंग मंडप, नृत्य मंडप, गुड मंडप और दो कीर्तन मंडप पर छत के पत्थर बिछाए जा चुके हैं। छत का काम पूरा होने के बाद मंदिर की फर्श का काम शुरू होगा। फर्श मकराना के संगमरमर से बनाई जानी है। इसके अलावा चार ट्रक पत्थर सोमवार को राजस्थान से आए हैं।
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राममंदिर की छत का काम अंतिम चरण में है। 15 जून तक छत का काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद फर्श का निर्माण शुरू होगा। फर्श में लगने वाले संगमरमर के पत्थरों की खेप लगातार पहुंच रही है। वहीं मंदिर के खिड़की व दरवाजों का निर्माण भी अयोध्या में ही शुरू कर दिया गया है।
डॉ.अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
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मंदिर के लिए दरवाजे तैयार करने का काम हैदराबाद की अनुराधा टिंबर इंटरनेशनल प्राइवेट कंपनी को सौंपा गया है। रामसेवकपुरम कार्यशाला में 20 कारीगरों की टीम लगाई गई है। सागौन की लकड़ियों के दरवाजों पर प्राचीन सभ्यता के चिह्न, शुभता के प्रतीक, रामकथा से संबंधित चित्र दिखाई देंगे। तीन मंजिला राममंदिर में कुल 42 दरवाजे लगने हैं। हर मंजिल पर 14-14 दरवाजे लगेंगे। बताया कि दरवाजों के निर्माण में करीब दो हजार क्यूबिक फीट सागौन की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाना है। इसमें से अब तक करीब 1400 क्यूबीक फीट सागौन की लकड़ी महाराष्ट्र से आ चुकी है। शेष लकड़ियों की खेप भी एक पखवारे के भीतर अयोध्या पहुंच जाएगी। मंदिर के गर्भगृह का मुख्यद्वारा स्वर्ण व रजत मंडित हो, ऐसी भी योजना है।
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संगमरमर के पत्थरों की एक और खेप आई
- राममंदिर के भूतल की छत बिछाने का काम जोरों पर चल रहा है। गर्भगृह, परिक्रमा, कोली मंडप, रंग मंडप, नृत्य मंडप, गुड मंडप और दो कीर्तन मंडप पर छत के पत्थर बिछाए जा चुके हैं। छत का काम पूरा होने के बाद मंदिर की फर्श का काम शुरू होगा। फर्श मकराना के संगमरमर से बनाई जानी है। इसके अलावा चार ट्रक पत्थर सोमवार को राजस्थान से आए हैं।
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राममंदिर की छत का काम अंतिम चरण में है। 15 जून तक छत का काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद फर्श का निर्माण शुरू होगा। फर्श में लगने वाले संगमरमर के पत्थरों की खेप लगातार पहुंच रही है। वहीं मंदिर के खिड़की व दरवाजों का निर्माण भी अयोध्या में ही शुरू कर दिया गया है।
डॉ.अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट