राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र चंदे को इन बैंकों में कराया जाएगा जमा, तैयार हो रहे जरूरी कागजात
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इससे पूर्व अप्रैल में राममंदिर ट्रस्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ट्रस्ट का खाता खोला था। जिसमें अभी तक एक अरब से ज्यादा की धनराशि जो कि राममंदिर निर्माण के लिए चंदे के रूप में मिली थी उसे जमा कराया जा चुका है।
अब ट्रस्ट ने पंजाब नेशनल बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा से भी एंग्रीमेंट कर लिया है। जरूरी कागजात तैयार किए जा रहे हैं, कागजी कार्रवाई पूरी होते ही दोनों बैंकों में ट्रस्ट का खाता खुल जाएगा। आगामी मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी से 27 फरवरी तक ट्रस्ट व्यापक स्तर पर धन संग्रह अभियान चलाने जा रहा है।
बताया जा रहा है कि धनसंग्रह अभियान से जो चंदा मिलेगा उसे इन्हीं दोनों बैंकों में जमा कराने की तैयारी है। उधर, ट्रस्ट ने विदेशी चंदा लेने की भी तैयारी तेज कर दी है। बड़ी संख्या में विदेशी रामभक्त राममंदिर निर्माण में सहयोग देना चाहते हैं कि लेकिन विदेशी चंदे के लिए आवश्यक सुविधाएं न होने के कारण वे दान नहीं दे पा रहे हैं।
राममंदिर निर्माण से 46 करोड़ लोगों को जोड़ेगा ट्रस्ट
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट धन संग्रह अभियान के माध्यम से 11 करोड़ हिंदू परिवारों के 46 करोड़ से अधिक सदस्यों को श्रीराम मंदिर निर्माण से जोड़ेगा। इनमें 10 रुपये के 2,49,25,000 और 100 रुपये के 6,88,25,000 कूपन भेजे जाएंगे।
अभियान से जुड़े लोगों ने एक परिवार में पांच सदस्यों का अनुमान लगाया है। चूंकि धन संग्रह अभियान बड़े पैमाने पर पूरे देश में चलाया जाना है इसलिए इसमें संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों के सहयोग की भी अपेक्षा की गई है। आरएसएस ने पूरे देश को 44 प्रांतों में बांट कर अभियान चलाने की रणनीति बनाई है।
मंदिर निर्माण के लिए श्रमदानियों का होगा पंजीकरण
राममंदिर निर्माण में धन और श्रम बल के लिए संघ और विश्व हिंदू परिषद ने ईंट और नोट अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। दिसंबर में इस कार्ययोजना पर काम शुरू हो जाएगा। विहिप के कार्यकर्ता देशभर के दस करोड़ परिवारों से संपर्क साधेंगे और मंदिर निर्माण में सहयोग लेंगे।
करोड़ों रामभक्तों की इच्छाओं का सम्मान करते हुए उन्हें मंदिर निर्माण में अपने हाथ से एक ईंट रखने का मौका भी दिया जाएगा। इस अभियान के जरिए 11 करोड़ श्रमदानियों को जोड़ने की योजना है। मंदिर निर्माण के श्रमदानियों का 15 जनवरी से पंजीकरण भी शुरू हो जाएगा।