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15 जनवरी तक पूरा होगा राफ्ट ढलाई का काम
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण का कार्य जोरों पर चल रहा है। अभी मंदिर की नींव के ऊपर डेढ़ मीटर की राफ्ट ढालने का काम संचालित है। पहले राफ्ट की ढलाई पत्थर के 17 ब्लॉकों में की जानी थी, लेकिन ढलाई के दौरान ब्लॉकों में दरार आने लगी जिसके बाद इंजीनियरों के सुझाव पर ट्रस्ट ने राफ्ट की डिजाइन में परिवर्तन कर दिया है। राफ्ट की साइज कम कर दी गई है, इसलिए अब 32 ब्लॉकों में राफ्ट की ढलाई की जाएगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को राममंदिर निर्माण की प्रगति बताते हुए कहा कि राफ्ट का काम अब 15 जनवरी तक पूरा हो सकेगा।
उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति साझा करते हुए बताया कि मंदिर की नींव को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राफ्ट की ढलाई की जा रही है। पहले 17 ब्लॉक डाले जाने थे, लेकिन अब 9 गुणे 9 के 32 ब्लॉक डाले जाएंगे। पहले 25 डिग्री तापमान पर ढलाई होती थी अब 20 डिग्री तापमान पर ही ढलाई की जा रही है। एक ब्लॉक को सूखने में 28 दिन लग रहे हैं।
ब्लॉक को ठंडा करने के लिए मसाले में बर्फ का चूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। एक ब्लॉक को प्राकृतिक रूप से ठंडा होने मे 28 दिन लग जा रहे हैं। इसलिए हमारा अनुमान है कि 15 जनवरी तक राफ्ट की ढलाई का काम पूरा हो सकेगा। बताया कि इसके बाद राफ्ट के ऊपर करीब 20 फिट ऊंची प्लिंथ का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कारसेवकपुरम में कुछ पत्थर पहले से डंप हैं, उन पर नक्काशी का काम शुरू करा दिया गया है। रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाने के सवाल पर कहा कि दर्शन अवधि बढ़ाने में अभी कई समस्याएं हैं सुरक्षा की दृष्टि से भी बाधाएं हैं, इसलिए लोग दिन में ही दर्शन करने आएं।
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पानी के रिसाव से बचाने के लिए लगेंगे ग्रेनाइट
चंपत राय ने बताया कि राफ्ट के बाद पत्थरों की फिटिंग के पहले नींव के चारों ओर एक और पत्थरों की मोटी लेयर डालने का निर्णय हुआ है। ग्रेेनाइट पत्थरों से यह लेयर डाली जाएगी। बताया कि नींव में पानी का रिसाव न होने पाए इसलिए यह निर्णय लिया गया है। ग्रेनाइट पत्थर मजबूत होते हैं इसको लगाने से पानी के रिसाव की संभावना नाम मात्र की रह जाएगी।
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उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति साझा करते हुए बताया कि मंदिर की नींव को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राफ्ट की ढलाई की जा रही है। पहले 17 ब्लॉक डाले जाने थे, लेकिन अब 9 गुणे 9 के 32 ब्लॉक डाले जाएंगे। पहले 25 डिग्री तापमान पर ढलाई होती थी अब 20 डिग्री तापमान पर ही ढलाई की जा रही है। एक ब्लॉक को सूखने में 28 दिन लग रहे हैं।
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ब्लॉक को ठंडा करने के लिए मसाले में बर्फ का चूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। एक ब्लॉक को प्राकृतिक रूप से ठंडा होने मे 28 दिन लग जा रहे हैं। इसलिए हमारा अनुमान है कि 15 जनवरी तक राफ्ट की ढलाई का काम पूरा हो सकेगा। बताया कि इसके बाद राफ्ट के ऊपर करीब 20 फिट ऊंची प्लिंथ का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कारसेवकपुरम में कुछ पत्थर पहले से डंप हैं, उन पर नक्काशी का काम शुरू करा दिया गया है। रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाने के सवाल पर कहा कि दर्शन अवधि बढ़ाने में अभी कई समस्याएं हैं सुरक्षा की दृष्टि से भी बाधाएं हैं, इसलिए लोग दिन में ही दर्शन करने आएं।
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पानी के रिसाव से बचाने के लिए लगेंगे ग्रेनाइट
चंपत राय ने बताया कि राफ्ट के बाद पत्थरों की फिटिंग के पहले नींव के चारों ओर एक और पत्थरों की मोटी लेयर डालने का निर्णय हुआ है। ग्रेेनाइट पत्थरों से यह लेयर डाली जाएगी। बताया कि नींव में पानी का रिसाव न होने पाए इसलिए यह निर्णय लिया गया है। ग्रेनाइट पत्थर मजबूत होते हैं इसको लगाने से पानी के रिसाव की संभावना नाम मात्र की रह जाएगी।