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Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज दाखिल होगी 40 हजार पन्नों की चार्जशीट
Wed, 23 Sep 2026 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:38 AM IST
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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार कर ली है। बुधवार को इसे अदालत में दाखिल किया जाएगा।
विवेचना के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने मामले को और गंभीर बना दिया है। 27 अप्रैल से पांच जून के बीच 105 से अधिक ऐसी घटनाएं चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है, जिनमें चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर छिपाने या निकालने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। पुलिस ने इन फुटेज के साथ आरोपियों के बयान, बरामदगी, वाहनों, दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया है।
रिमांड में सामने आई रकम के बंटवारे की कड़ी :
जांच की शुरुआत में करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी का उल्लेख किया गया था। इसके बाद पुलिस रिमांड में हुई पूछताछ और बरामदगी ने जांच का दायरा बढ़ाया। सूत्रों के अनुसार, रकम के अलावा तीन-चार पहिया वाहन, बाइक, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच के केंद्र में रहे। पुलिस ने कथित तौर पर रकम निकालने, छिपाने, बांटने और उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर आठों आरोपियों- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, रमा शंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश और करुणेश से पूछताछ की।
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गणना के दौरान रकम निकालने का आरोप : विवेचना में दर्ज बयानों के अनुसार, चोरी की कथित रकम का कुछ हिस्सा गणना प्रभारी सुभाष चंद्र तक पहुंचाए जाने का दावा किया गया है। आरोपियों के बयानों में गणना के दौरान रकम निकालकर उसे मोजे आदि में छिपाने की बात भी सामने आई है। जांच में आरोपी अनुकल्प मिश्रा से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का भी उल्लेख है। गणना के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध दिखाई देने की बात सामने आई है। इन दावों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
टिन्नू पर दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने का आरोप :
मामले की जांच में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के चालक रहे टिन्नू यादव के बयान में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने और उन रुपयों से आभूषण खरीदने की बात कही गई है। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि मंदिर से जुड़े संपर्कों और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वाहनों को किराये पर चलाने से उसे करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय होती थी। पुलिस ने इन दावों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य चार्जशीट में शामिल किए हैं।
पूर्व पदाधिकारियों से भी पूछताछ : विवेचना के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव समेत मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। हालांकि, किस व्यक्ति की भूमिका जांच में किस स्तर तक सामने आई है और किन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई प्रस्तावित है, इसकी स्पष्ट तस्वीर चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही सामने आएगी।
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विवेचना के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने मामले को और गंभीर बना दिया है। 27 अप्रैल से पांच जून के बीच 105 से अधिक ऐसी घटनाएं चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है, जिनमें चढ़ावे की रकम को कथित तौर पर छिपाने या निकालने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। पुलिस ने इन फुटेज के साथ आरोपियों के बयान, बरामदगी, वाहनों, दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया है।
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रिमांड में सामने आई रकम के बंटवारे की कड़ी :
जांच की शुरुआत में करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी का उल्लेख किया गया था। इसके बाद पुलिस रिमांड में हुई पूछताछ और बरामदगी ने जांच का दायरा बढ़ाया। सूत्रों के अनुसार, रकम के अलावा तीन-चार पहिया वाहन, बाइक, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जांच के केंद्र में रहे। पुलिस ने कथित तौर पर रकम निकालने, छिपाने, बांटने और उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर आठों आरोपियों- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, रमा शंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश और करुणेश से पूछताछ की।
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गणना के दौरान रकम निकालने का आरोप : विवेचना में दर्ज बयानों के अनुसार, चोरी की कथित रकम का कुछ हिस्सा गणना प्रभारी सुभाष चंद्र तक पहुंचाए जाने का दावा किया गया है। आरोपियों के बयानों में गणना के दौरान रकम निकालकर उसे मोजे आदि में छिपाने की बात भी सामने आई है। जांच में आरोपी अनुकल्प मिश्रा से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का भी उल्लेख है। गणना के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध दिखाई देने की बात सामने आई है। इन दावों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
टिन्नू पर दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने का आरोप :
मामले की जांच में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के चालक रहे टिन्नू यादव के बयान में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने और उन रुपयों से आभूषण खरीदने की बात कही गई है। जांच में यह भी सामने आने का दावा है कि मंदिर से जुड़े संपर्कों और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वाहनों को किराये पर चलाने से उसे करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय होती थी। पुलिस ने इन दावों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य चार्जशीट में शामिल किए हैं।
पूर्व पदाधिकारियों से भी पूछताछ : विवेचना के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और पूर्व आमंत्रित सदस्य गोपाल राव समेत मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। हालांकि, किस व्यक्ति की भूमिका जांच में किस स्तर तक सामने आई है और किन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई प्रस्तावित है, इसकी स्पष्ट तस्वीर चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही सामने आएगी।