{"_id":"6ab2d1b284e1da41760bb139","slug":"28-million-lamps-to-be-lit-during-deepotsav-ayodhya-news-c-13-1-lko1125-1931560-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: दीपोत्सव में जलेंगे 28 लाख दीये, कुम्हारों को ऑर्डर का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: दीपोत्सव में जलेंगे 28 लाख दीये, कुम्हारों को ऑर्डर का इंतजार
Wed, 23 Sep 2026 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या। दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार दीपोत्सव का मुख्य पर्व सात नवंबर को मनाया जाएगा। इस बार 28 लाख दीये जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है, लेकिन जिन कुम्हारों के चाक पर इस आयोजन के लिए लाखों दीये आकार लेते हैं, उनके सामने अभी अनिश्चितता है। अयोध्या धाम के करीब 40 कुम्हार परिवार दीपोत्सव में बड़े पैमाने पर दीये बनाने का ऑर्डर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल ऑर्डर के बावजूद बड़ी संख्या में दीये नहीं उठाए जाने से हुए नुकसान ने इस बार कुम्हारों को बिना ऑर्डर के उत्पादन शुरू करने से रोक दिया है। कुम्हारों को आशंका है कि यदि पिछले साल की तरह दीये बनाकर रख लिए और समय पर उठान नहीं हुआ तो उनकी पूंजी फिर फंस जाएगी।
पिछले साल के पांच लाख दीये अब भी पड़े
कुम्हार राकेश प्रजापति ने बताया कि पिछले साल दीपोत्सव के लिए उन्होंने बड़ी संख्या में दीये तैयार किए थे। करीब पांच लाख दीये अब भी उनके पास पड़े हैं। उनका कहना है कि ऑर्डर मिलने के बाद दीये तैयार किए गए थे, लेकिन ठेकेदार ने पूरी मात्रा का उठान नहीं किया। पिछले साल का नुकसान सामने होने के कारण इस बार ऑर्डर मिलने से पहले बड़ी मात्रा में दीये तैयार करने का जोखिम नहीं लेना चाहते।
इस बार पहले ऑर्डर, फिर उत्पादन
एक अन्य कुम्हार बबलू प्रजापति ने बताया कि पिछले साल उन्हें भी दीपोत्सव के लिए दीये बनाने का ऑर्डर मिला था। ऑर्डर के अनुसार दीये तैयार किए गए, लेकिन करीब 25 हजार दीये नहीं उठाए गए। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना है कि इस बार जब तक पक्का ऑर्डर नहीं मिलेगा, तब तक बड़ी संख्या में दीये नहीं बनाएंगे। उन्हें डर है कि पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा बनी तो तैयार माल फिर पड़ा रह जाएगा।
विज्ञापन
बिना ऑर्डर के दीये बनाना जोखिम
कुम्हार सुनीता प्रजापति ने बताया कि अभी तक दीपोत्सव के लिए उन्हें ऑर्डर नहीं मिला है। ऑर्डर मिलने के बाद ही दीयों का निर्माण शुरू करेंगे। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में दीये बनाने में मिट्टी, मेहनत और समय के साथ पूंजी भी लगती है। ऐसे में बिना पक्के ऑर्डर के उत्पादन करना जोखिम भरा है।
विज्ञापन
पिछले साल के पांच लाख दीये अब भी पड़े
कुम्हार राकेश प्रजापति ने बताया कि पिछले साल दीपोत्सव के लिए उन्होंने बड़ी संख्या में दीये तैयार किए थे। करीब पांच लाख दीये अब भी उनके पास पड़े हैं। उनका कहना है कि ऑर्डर मिलने के बाद दीये तैयार किए गए थे, लेकिन ठेकेदार ने पूरी मात्रा का उठान नहीं किया। पिछले साल का नुकसान सामने होने के कारण इस बार ऑर्डर मिलने से पहले बड़ी मात्रा में दीये तैयार करने का जोखिम नहीं लेना चाहते।
विज्ञापन
इस बार पहले ऑर्डर, फिर उत्पादन
एक अन्य कुम्हार बबलू प्रजापति ने बताया कि पिछले साल उन्हें भी दीपोत्सव के लिए दीये बनाने का ऑर्डर मिला था। ऑर्डर के अनुसार दीये तैयार किए गए, लेकिन करीब 25 हजार दीये नहीं उठाए गए। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना है कि इस बार जब तक पक्का ऑर्डर नहीं मिलेगा, तब तक बड़ी संख्या में दीये नहीं बनाएंगे। उन्हें डर है कि पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा बनी तो तैयार माल फिर पड़ा रह जाएगा।
विज्ञापन
बिना ऑर्डर के दीये बनाना जोखिम
कुम्हार सुनीता प्रजापति ने बताया कि अभी तक दीपोत्सव के लिए उन्हें ऑर्डर नहीं मिला है। ऑर्डर मिलने के बाद ही दीयों का निर्माण शुरू करेंगे। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में दीये बनाने में मिट्टी, मेहनत और समय के साथ पूंजी भी लगती है। ऐसे में बिना पक्के ऑर्डर के उत्पादन करना जोखिम भरा है।