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Ayodhya : मॉरीशस के राष्ट्रपति बोले, भा गई रामनगरी की धार्मिकता, दिव्य, पवित्र व बहुत शांतिपूर्ण अयोध्या
Mon, 21 Nov 2022 10:14 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 21 Nov 2022 10:14 PM IST
सार
मॉरीशस के राष्ट्रपति सोमवार को अयोध्या पहुंचे जहां उन्होंने हनुमानगढ़ी के दर्शन किए और राम मंदिर का निर्माण कार्य देखा। राम मंदिर निर्माण के साक्षी बनकर वह काफी खुश नजर आए।
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अयोध्या पहुंचे मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अयोध्या दिव्य स्थल है। बहुत पवित्र और बहुत शांतिपूर्ण है। ये बातें सोमवार को मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने कही। वह सपरिवार अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने रामलला के दर्शन किये। इसके साथ ही वह अयोध्या आने वाले विदेश के पहले राष्ट्राध्यक्ष बन गए। उन्होंने अयोध्या में चार घंटे बिताए और दर्शन-पूजन कर निहाल दिखे।
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मॉरीशस के राष्ट्रपति सपरिवार सोमवार सुबह नौ बजे रामकथा पार्क स्थित सरयू होटल पहुंचे। उनके साथ प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु भी थे। यहां से राष्ट्रपति हनुमानगढ़ी पहुंचे। जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा-अर्चना की। हनुमंतलला की आरती उतारी। यहां हनुमानगढ़ी के संत पुजारी राजू दास ने उनका अभिनंदन किया।
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करीब 15 मिनट तक हनुमानगढ़ी में आस्था अर्पित करने के बाद राष्ट्रपति का काफिला श्रीराम जन्मभूमि के लिए निकला। उन्हें क्षीरेश्वरनाथ के समीप स्थित वीआईपी प्रवेश द्वार क्रॉसिंग टू से रामजन्मभूमि में प्रवेश कराया गया। वह करीब दो मिनट तक रामलला को अपलक निहारते रहे। उनके चेहरे पर भक्ति भाव का चरम दिख रहा था। पुजारियों से कहा जय श्रीराम...तो पुजारियों ने भी राम-राम का अभिवादन किया। उन्होंने सिर नवाया, पूजा-अर्चना की और रामलला की आरती उतारी। राष्ट्रपति को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राममंदिर निर्माण कार्य से भी रू-ब-रू कराया गया। राष्ट्रपति ने राममंदिर के पत्थरों पर सिर नवाकर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
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इसके बाद राष्ट्रपति कनक भवन पहुंचे। इसकी भव्यता देखकर बोले सो ब्यूटीफुल..। यहां करीब 10 मिनट तक पूजा-अर्चना की। इसके बाद राष्ट्रपति ने दीपोत्सव स्थल राम की पैड़ी को देखा। सरयू में आचमन किया और बोटिंग का भी आनंद उठाया। सरयू तट पर करीब 15 मिनट बिताने के बाद वे रामकथा संग्रहालय गए। जहां उन्हें रामकथा से संबंधित प्रदर्शनी दिखाई गई। उन्होंने रामजन्मभूमि में खोदाई के दौरान मिले अवशेषों को भी देखा। पार्क में लगे बाजार से खरीदारी भी की।
राष्ट्रपति ने दर्शन-पूजन के बाद सरयू होटल में भोजन किया और दोपहर एक बजे लखनऊ के लिए रवाना हुए। पर्यटन विभाग के गाइड अभिषेक सावंत ने उन्हें रामनगरी की पौराणिकता व महत्ता से अवगत कराया। इससे पहले अयोध्या पहुंचने पर सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र, मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, डीएम नितीश कुमार व एसएसपी प्रशांत वर्मा ने उनकी अगवानी की। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। रूट डायवर्जन भी लागू रहा।
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भारत-मॉरीशस का संबंध 200 साल पुराना
मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि भारत-मॉरीशस का संबंध 200 साल पुराना है। मॉरीशस में भी रामकथा प्रचलित है। रामायण व गीता का पाठ होता है। सनातन धर्म प्रचलित त्योहार होली, दिवाली भी मनाई जाती है। अयोध्या की महान संस्कृति से दुनिया परिचित हो रही है।
राष्ट्रपति पृथ्वीराज ने कहा कि अयोध्या आकर दर्शन-पूजन करना सौभाग्य की बात है। लखनऊ आने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुझे अयोध्या में दर्शन-पूजन के लिए आमंत्रित किया। कहा प्रभु श्रीराम की कृपा हुई तभी हमको अयोध्या आने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि आई एम सो ग्रेटफुट टू योगी आदित्यनाथ...।
बोले कि वसुदेव कुटुंबकम के तहत यह पूरी धरती एक परिवार है और यही हिंदू धर्म की विशेषता भी है। हिंदू धर्म एक साथ रहने और जीने का संदेश देता है। मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह से काशी को भव्यता प्रदान की गई है, वह कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी होगी। कहा कि हम भारत में तीर्थाटन करना चाहते हैं क्योंकि तीर्थों का देश है भारत।
हम पहले प्रयागराज, वाराणसी जा चुके हैं। दक्षिण भी गए। मुंबई के सिद्धिविनायक में भी हमने दर्शन पूजन किया था। जहां से प्रभु का बुलावा आता है हम हर उस दरबार में जाते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इतिहास फिर से दोहराया जा रहा है। राममंदिर के लिए हुए संघर्ष से युवा पीढ़ियां परिचित होंगी।