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गोशाला में मवेशियों को छोड़ने गए पांच किसानों पर केस
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मवई (अयोध्या)। गोवंश को गोशाला में छोड़ने गए मवई थाना क्षेत्र के उमापुर गांव के पांच किसानों पर रुदौली ब्लाक के पारा पहाड़पुर गांव के पंचायत सचिव की तहरीर पर पुलिस ने एससी-एसटी समेत सेवादारों को जाति सूचक गाली देने व पशु क्रूरता के आरोप में केस दर्ज किया है।
इसकी जानकारी होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर इस तरह की कोई घटना नहीं हुई, वे सभी फसलों को नष्ट कर रहे आवारा गोवंश को गोशाला में छोड़ने गए थे। वहीं, पंचायत सचिव का आरोप है कि ये सभी पालतू मवेशी लेकर आए थे।
मवई थाना क्षेत्र के ग्राम पारा पहाड़पुर में गोशाला है। यहां के पंचायत सचिव सौरभ गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 30 दिसंबर को ग्राम उमापुर के लगभग आधा दर्जन लोग अपने दर्जन भर पालतू मवेशी गोशाला में छोड़ने आए थे।
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गोशाला में कार्यरत सेवादारों ने जब पालतू मवेशी गोशाला में रखने से इन्कार कर दिया तो उन लोगों ने गाली गलौज करते हुए जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जबरन गोशाला का दरवाजा खोलकर अपने मवेशी अंदर कर दिया। वहीं, आरोपी बनाए गए उमापुर गांव निवासी किसान पंकज तिवारी, विपिन तिवारी, शिवपूजन तिवारी, संदीप यादव व नंद किशोर मिश्रा का कहना है कि वे लोग छुट्टा गोवंश को बड़ी मशक्कत के बाद पकड़कर गोशाला लेकर गए थे, जहां गाली गलौच और मारपीट की कोई घटना नहीं हुई।
आरोप लगाया कि पंचायत सचिव सौरभ गुप्ता ने मनगढंत कहानी बनाकर उन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। मामले की शिकायत रुदौली विधायक समेत उच्च अधिकारियों से की गई है। मवई थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान यादव का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव की तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
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इसकी जानकारी होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर इस तरह की कोई घटना नहीं हुई, वे सभी फसलों को नष्ट कर रहे आवारा गोवंश को गोशाला में छोड़ने गए थे। वहीं, पंचायत सचिव का आरोप है कि ये सभी पालतू मवेशी लेकर आए थे।
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मवई थाना क्षेत्र के ग्राम पारा पहाड़पुर में गोशाला है। यहां के पंचायत सचिव सौरभ गुप्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 30 दिसंबर को ग्राम उमापुर के लगभग आधा दर्जन लोग अपने दर्जन भर पालतू मवेशी गोशाला में छोड़ने आए थे।
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गोशाला में कार्यरत सेवादारों ने जब पालतू मवेशी गोशाला में रखने से इन्कार कर दिया तो उन लोगों ने गाली गलौज करते हुए जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जबरन गोशाला का दरवाजा खोलकर अपने मवेशी अंदर कर दिया। वहीं, आरोपी बनाए गए उमापुर गांव निवासी किसान पंकज तिवारी, विपिन तिवारी, शिवपूजन तिवारी, संदीप यादव व नंद किशोर मिश्रा का कहना है कि वे लोग छुट्टा गोवंश को बड़ी मशक्कत के बाद पकड़कर गोशाला लेकर गए थे, जहां गाली गलौच और मारपीट की कोई घटना नहीं हुई।
आरोप लगाया कि पंचायत सचिव सौरभ गुप्ता ने मनगढंत कहानी बनाकर उन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कराया है। मामले की शिकायत रुदौली विधायक समेत उच्च अधिकारियों से की गई है। मवई थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान यादव का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव की तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।