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पक्के मकान व पहले से आवास पाए लोगों को दिया गया आवास
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तारुन। गरीबों को दिया जाने वाला आवास अपात्रों में रेवड़ी की तरह बांट दिया गया। जांच में छह में से पांच अपात्र पाए गए। अब जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
मामला क्षेत्र के नसरतपुर का है। प्रधानमंत्री आवास प्लस के लिए चयनित लाभार्थियों की सूची में अपात्रों का नाम दिखा तो गांव के रहने वाले सौरभ मौर्य ने आईजीआरस पोर्टल पर शिकायत ती।
पहली जांच रिपोर्ट में लिखा गया कि आवास पात्रों को दिया जा रहा है। गरीबों को आवास से वंचित करने की शिकायत पर जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी अयोध्या के व्हाट्सएप पर मेसेज किया।
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डीएम के एक्शन पर जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्रामसभा के अवनीश के पिता पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह पेंशन पाते हैं और अवनीश का एक भाई बैंक में कार्यरत है।
इसके बावजूद अवनीश को आवास आवंटित कर दिया गया। तारुन थाने में तैनात चौकीदार धर्मेंद्र के पिता रामू को पहले से आवास आवंटित है और आवास बना है। दिलीप की पत्नी किरन के नाम आवास आवंटित है जबकि दिलीप के पास पक्का मकान है।
इसी तरह राम संवारे को आवास आवंटित है जबकि उनको पहले से ही दो आवास दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव में पिछले पांच साल में जो भी आवास दिया गया है उसमें से आधे से अधिक अपात्रों को दिया गया है। ब्लॉककर्मी जब शिकायत की जांच करते हैं तो ग्राम प्रधान के मनमाफिक रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर देते हैं। खंड विकास अधिकारी एसएम श्रीवास्तव ने दूरभाष पर बताया कि आवासों की जांच में छह में से पांच अपात्र को दिए गए हैं। इस मामले में सेक्रेटरी पर कार्रवाई की जाएगी।
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मामला क्षेत्र के नसरतपुर का है। प्रधानमंत्री आवास प्लस के लिए चयनित लाभार्थियों की सूची में अपात्रों का नाम दिखा तो गांव के रहने वाले सौरभ मौर्य ने आईजीआरस पोर्टल पर शिकायत ती।
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पहली जांच रिपोर्ट में लिखा गया कि आवास पात्रों को दिया जा रहा है। गरीबों को आवास से वंचित करने की शिकायत पर जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी अयोध्या के व्हाट्सएप पर मेसेज किया।
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डीएम के एक्शन पर जांच शुरू हुई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्रामसभा के अवनीश के पिता पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं। वह पेंशन पाते हैं और अवनीश का एक भाई बैंक में कार्यरत है।
इसके बावजूद अवनीश को आवास आवंटित कर दिया गया। तारुन थाने में तैनात चौकीदार धर्मेंद्र के पिता रामू को पहले से आवास आवंटित है और आवास बना है। दिलीप की पत्नी किरन के नाम आवास आवंटित है जबकि दिलीप के पास पक्का मकान है।
इसी तरह राम संवारे को आवास आवंटित है जबकि उनको पहले से ही दो आवास दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव में पिछले पांच साल में जो भी आवास दिया गया है उसमें से आधे से अधिक अपात्रों को दिया गया है। ब्लॉककर्मी जब शिकायत की जांच करते हैं तो ग्राम प्रधान के मनमाफिक रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर देते हैं। खंड विकास अधिकारी एसएम श्रीवास्तव ने दूरभाष पर बताया कि आवासों की जांच में छह में से पांच अपात्र को दिए गए हैं। इस मामले में सेक्रेटरी पर कार्रवाई की जाएगी।