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चौरासी कोसी परिक्रमा पूरी कर अयोध्या पहुंचे परिक्रमार्थी

Thu, 04 May 2017 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Thu, 04 May 2017 12:00 AM IST
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Parikramathi reaching Ayodhya after completing round 84 Kosi Parikrama
विहिप के हनुमान मंडल के बैनर तले 12 अप्रैल को मखभूमि से प्रारंभ हुई 84 कोसी परिक्रमा बुधवार को सरयू तट होते हुए कारसेवकपुरम वापस पहुंची। इस अवसर पर परिक्रमार्थियों ने सरयू स्नान, नागेश्वरनाथ मंदिर का दर्शन किया और फिर कारसेवकपुरम पहुंचे।
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यहां पर परिक्रमार्थियों का संतों, विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। परिक्रमा के प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार को सुबह रामार्चा पूजन तथा रामकोट क्षेत्र की परिक्रमा की जाएगी। उसके पश्चात सीताकुंड पर दर्शन-पूजन के साथ परिक्रमा का समापन होगा।       
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परिक्रमा के कारसेवकपुरम पहुंचने पर विहिप के केंद्रीय सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने कहा कि अयोध्या जैसी पौराणिक नगरी का महत्व उसके भीतर तथा बाहर चौरासी कोस में फैली सांस्कृतिक सीमा में स्थापित प्राचीन देव प्रतिमाओं व स्थलों के दर्शन से और भी बढ़ जाता है।
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यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है। ऐसी परंपराओं की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने स्वागत के दौरान कहा कि देश के अनेक प्रांतों में होने वाली परिक्रमा की ही भांति अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा का महत्व धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।

आने वाले एक दो वर्षों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस परिक्रमा में सम्मिलित होकर भगवान श्रीराम के प्रति निष्ठा निवेदित करेंगे। इस अवसर पर महंत चिन्मय दास, रामानंद दास, नारद जी, गया शरण, रामायणी रामशंकर दास, महंत रामकृष्ण दास, प्रबंधक शिवदास सिंह, पवन तिवारी आदि मौजूद रहे।

दूसरी तरफ श्री अयोध्या धाम धर्मार्थ सेवा संस्थान के संचालक महंत गयादास के नेतृत्व में संचालित चौरासी कोसी परिक्रमा दल भी देर शाम सरयू तट पहुंच गया। परिक्रमार्थियों ने सरयू तट पर स्नान व पूजन के बाद वहीं पर डेरा डाल दिया है।


परिक्रमा संचालक श्रीदास ने बताया कि गुरुवार को जानकी नवमी पर्व पर सुबह छह बजे रामकोट की परिक्रमा की जाएगी। उसके बाद परिक्रमार्थी सीताकुंड मंदिर पर पहुंचेंगे। यहां पर श्री रामार्चा महायज्ञ, हवन-पूजन होगा। परिक्रमा का 
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