{"_id":"5da210898ebc3e93da788f90","slug":"opd-is-handling-intern-doctor-absent-faizabad-news-lko4865043191","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटर्न संभाल रहे ओपीडी, डॉक्टर नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटर्न संभाल रहे ओपीडी, डॉक्टर नदारद
विज्ञापन
ओपीडी में डॉक्टर के गैर मौजूदगी में इलाज करता इंटर्न।
- फोटो : FAIZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने को लेकर भले ही दंभ भर रही है, लेकिन तंत्र ही उसके दावे को बेदम कर रहा है। इन दिनों इस तरह के कारनामे आए दिन जिला अस्पताल में देखे जा सकते हैं।
हालात ये हैं कि डॉक्टर ड्यूटी से गायब रहते हैं और इंटर्न ही ओपीडी संभालते नजर आते हैं। वही मरीजों को दवाएं लिखकर जांच आदि कराने की सलाह भी दे रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली पर जिम्मेदार भी खामोश हैं।
जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेजों से छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप के लिए आते हैं। कुछ 15 दिन से लेकर तीन माह तो कुछ छह माह के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जिन्हें यहां तैनात चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्स आदि स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण देते हैं।
विज्ञापन
इन दिनों जिला अस्पताल में ऐसे छात्रों की आमद शुरू हुई तो चिकित्सकों की बल्ले-बल्ले हो गई। जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या 24 में इंटर्नशिप करने आए छात्रों के सहारे ही पिछले दो दिन से सर्जरी ओपीडी संचालित है। चिकित्सक रोज कोई न कोई बहाना मारकर इन्हीं छात्रों के सहारे ओपीडी छोड़कर गायब हो जाते हैं।
बीते शुक्रवार को सर्जरी ओपीडी में डॉ. आरसी गुप्ता की ड्यूटी थी। कुछ देर तक ओपीडी संभालकर वह इन्हीं छात्रों के सहारे मरीजों को छोड़कर चलते बने। यही नजारा शनिवार को भी देखने को मिला।
शनिवार को सर्जन डॉ. एके सिन्हा की ड्यूटी थी। वो भी कुछ देर बैठकर इंटर्नशिप कर रहे दीपक गुप्ता को बैठाकर ओपीडी से निकल लिए।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दीपक गुप्ता ने ही मरीजों को देखकर दवाएं लिखीं और जांच आदि कराने की सलाह भी दी। दोपहर करीब 12:30 बजे इस कक्ष में मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि डॉक्टर साहब ने करीब 30 मरीजों को देखा है। उसके बाद ऑपरेशन करने चले गए।
सोहावल से आई मरीज सरिता मिश्रा ने बताया कि यहीं पर ऑपरेशन कराया था, डिस्चार्ज होने के कुछ समय बाद से दर्द हो रहा है। दिखाने आए मगर डॉक्टर तो नहीं मिले इंटर्नशिप कर रहे व्यक्ति ने ही दवा लिखी है।
इस मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि डॉक्टर दोनों दिन ओपीडी में मौजूद थे। किसी जरूरी काम से ही कुछ देर के लिए ओपीडी से उठे थे।
विज्ञापन
हालात ये हैं कि डॉक्टर ड्यूटी से गायब रहते हैं और इंटर्न ही ओपीडी संभालते नजर आते हैं। वही मरीजों को दवाएं लिखकर जांच आदि कराने की सलाह भी दे रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली पर जिम्मेदार भी खामोश हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेजों से छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप के लिए आते हैं। कुछ 15 दिन से लेकर तीन माह तो कुछ छह माह के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जिन्हें यहां तैनात चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्स आदि स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशिक्षण देते हैं।
विज्ञापन
इन दिनों जिला अस्पताल में ऐसे छात्रों की आमद शुरू हुई तो चिकित्सकों की बल्ले-बल्ले हो गई। जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या 24 में इंटर्नशिप करने आए छात्रों के सहारे ही पिछले दो दिन से सर्जरी ओपीडी संचालित है। चिकित्सक रोज कोई न कोई बहाना मारकर इन्हीं छात्रों के सहारे ओपीडी छोड़कर गायब हो जाते हैं।
बीते शुक्रवार को सर्जरी ओपीडी में डॉ. आरसी गुप्ता की ड्यूटी थी। कुछ देर तक ओपीडी संभालकर वह इन्हीं छात्रों के सहारे मरीजों को छोड़कर चलते बने। यही नजारा शनिवार को भी देखने को मिला।
शनिवार को सर्जन डॉ. एके सिन्हा की ड्यूटी थी। वो भी कुछ देर बैठकर इंटर्नशिप कर रहे दीपक गुप्ता को बैठाकर ओपीडी से निकल लिए।
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दीपक गुप्ता ने ही मरीजों को देखकर दवाएं लिखीं और जांच आदि कराने की सलाह भी दी। दोपहर करीब 12:30 बजे इस कक्ष में मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि डॉक्टर साहब ने करीब 30 मरीजों को देखा है। उसके बाद ऑपरेशन करने चले गए।
सोहावल से आई मरीज सरिता मिश्रा ने बताया कि यहीं पर ऑपरेशन कराया था, डिस्चार्ज होने के कुछ समय बाद से दर्द हो रहा है। दिखाने आए मगर डॉक्टर तो नहीं मिले इंटर्नशिप कर रहे व्यक्ति ने ही दवा लिखी है।
इस मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि डॉक्टर दोनों दिन ओपीडी में मौजूद थे। किसी जरूरी काम से ही कुछ देर के लिए ओपीडी से उठे थे।