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दोगुना से अधिक बढ़ा नगर निगम का दायरा
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अयोध्या। नगर निगम अयोध्या का दायरा दो गुना से अधिक बढ़ गया है। सीमा विस्तार में जनसंख्या के साथ ही क्षेत्रफल में भी नगर निगम में खासी वृद्धि हो गई है। शामिल किए गए 41 राजस्व गांवों का पहचान अब ग्राम पंचायतों के बजाए वार्ड के रूप में होगी।
श्रीराम मंदिर पर फैसला आने के बाद सरकारों का अयोध्या पर फोकस बढ़ने के बाद अयोध्या नगर विकास के लिए ज्यादा बजट आवंटित होने की उम्मीद है। नगरीय इलाके के विस्तार से इन क्षेत्रों में जनसुविधाएं बढ़ने के साथ ही निगम की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी।
नगर निगम के प्रस्ताव पर प्रदेश शासन ने सीमा विस्तार पर मुहर लगा दी है। बताया गया है कि 31 ग्राम पंचायतों के 41 राजस्व गांव को नगर निगम में शामिल किए जाने का प्रस्ताव भेजा था। इसकी संस्तुति होने के बाद अब नगर निगम का दायरा डेढ़ गुना तक बढ़ गया है।
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यह विस्तार जनसंख्या के साथ ही क्षेत्रफल में भी बताया गया है। सीमा विस्तार के बाद इन क्षेत्रों में भी नगर निगम के नियम प्रभावी हो जाएंगे। यहां सड़क बिजली पानी के साथ ही नागरिक सुविधाओं में इजाफा किए जाने का श्रीगणेश होगा।
सीमा विस्तार को लेकर कवायद नगर निगम के सृजन से पहले से चल रही है। अतीत की नगर पालिका फैजाबाद और नगर पालिका अयोध्या का विस्तार किए जाने के लिए पहले 37 गांवों का प्रस्ताव भेजा गया था।
इसके बाद एक बार फिर 25 गांवों को इसमें शामिल किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन सीमा विस्तार को रोक प्रदेश शासन ने पांच मई 2017 को नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव प्रदेश शासन ने मांग लिया। मई में ही बगैर सीमा विस्तार के नगर निगम का सृजन कर दिया गया। अब लगभग ढाई साल बाद नगर निगम का सीमा विस्तार कर दिया गया।
सीमा विस्तार के बाद नगर निगम अयोध्या का क्षेत्रफल बढक़र 8958.57 हेक्टेयर हो गया है। नगर निगम के सृजन के समय इसका क्षेत्रफल 3556.08 हेक्टेयर था। सीमा विस्तार में 5402.49 हेक्टेयर नए क्षेत्रफल को शामिल किया गया।
नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद यहां की कुल जनसंख्या 319730 हो गई है। निगम के सृजन के समय इसकी जनसंख्या 221118 थी। विस्तार में 98612 नई जनसंख्या इसमें बढ़ गई है।
अयोध्या के केंद्र और प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल होने और निगम क्षेत्र बड़ा होने से विकास के लिए ज्यादा बजट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारों कहना है कि अयोध्या को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित किए जाने का दौर है। शहर के लिए तमाम परियोजनाएं प्रस्तावित हैं ऐसे में अयोध्या नगर के विकास के लिए भी ऐसी उम्मीद की जा सकती है।
नगर आयुक्त नीरज शुक्ल ने बताया कि प्रदेश शासन ने नगर निगम के विस्तार को मंजूरी दे दी है। निगम में नए 41 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। इससे निगम का क्षेत्र बढ़ गया है। गजट के बाद इन क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं में विस्तार के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम अयोध्या के सीमा विस्तार से कई ग्राम पंचायतों का वजूद संकट में आ गया है। प्रदेश शासन ने सीमा विस्तार को मंजूरी दे दी है। इसमें कुल 41 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। प्रथम दृष्टया इस सीमा विस्तार में शामिल किए गए 41 राजस्व कुल 31 ग्राम पंचायतों के बताए गए हैं। खासतौर से शहर से सटी छोटी, बड़ी कई ग्राम पंचायतें तो इसमें पूरी तरह से समाहित हो जाएंगी। कुछ का आकार काफी छोटा हो जाएगा। हलांकि इसकी स्थिति पूरी तरह से तो गजट के बाद ही साफ हो पाएगी। ऐसा जानकारों का कहना है।
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श्रीराम मंदिर पर फैसला आने के बाद सरकारों का अयोध्या पर फोकस बढ़ने के बाद अयोध्या नगर विकास के लिए ज्यादा बजट आवंटित होने की उम्मीद है। नगरीय इलाके के विस्तार से इन क्षेत्रों में जनसुविधाएं बढ़ने के साथ ही निगम की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी।
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नगर निगम के प्रस्ताव पर प्रदेश शासन ने सीमा विस्तार पर मुहर लगा दी है। बताया गया है कि 31 ग्राम पंचायतों के 41 राजस्व गांव को नगर निगम में शामिल किए जाने का प्रस्ताव भेजा था। इसकी संस्तुति होने के बाद अब नगर निगम का दायरा डेढ़ गुना तक बढ़ गया है।
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यह विस्तार जनसंख्या के साथ ही क्षेत्रफल में भी बताया गया है। सीमा विस्तार के बाद इन क्षेत्रों में भी नगर निगम के नियम प्रभावी हो जाएंगे। यहां सड़क बिजली पानी के साथ ही नागरिक सुविधाओं में इजाफा किए जाने का श्रीगणेश होगा।
सीमा विस्तार को लेकर कवायद नगर निगम के सृजन से पहले से चल रही है। अतीत की नगर पालिका फैजाबाद और नगर पालिका अयोध्या का विस्तार किए जाने के लिए पहले 37 गांवों का प्रस्ताव भेजा गया था।
इसके बाद एक बार फिर 25 गांवों को इसमें शामिल किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन सीमा विस्तार को रोक प्रदेश शासन ने पांच मई 2017 को नगर निगम बनाए जाने का प्रस्ताव प्रदेश शासन ने मांग लिया। मई में ही बगैर सीमा विस्तार के नगर निगम का सृजन कर दिया गया। अब लगभग ढाई साल बाद नगर निगम का सीमा विस्तार कर दिया गया।
सीमा विस्तार के बाद नगर निगम अयोध्या का क्षेत्रफल बढक़र 8958.57 हेक्टेयर हो गया है। नगर निगम के सृजन के समय इसका क्षेत्रफल 3556.08 हेक्टेयर था। सीमा विस्तार में 5402.49 हेक्टेयर नए क्षेत्रफल को शामिल किया गया।
नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद यहां की कुल जनसंख्या 319730 हो गई है। निगम के सृजन के समय इसकी जनसंख्या 221118 थी। विस्तार में 98612 नई जनसंख्या इसमें बढ़ गई है।
अयोध्या के केंद्र और प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल होने और निगम क्षेत्र बड़ा होने से विकास के लिए ज्यादा बजट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारों कहना है कि अयोध्या को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित किए जाने का दौर है। शहर के लिए तमाम परियोजनाएं प्रस्तावित हैं ऐसे में अयोध्या नगर के विकास के लिए भी ऐसी उम्मीद की जा सकती है।
नगर आयुक्त नीरज शुक्ल ने बताया कि प्रदेश शासन ने नगर निगम के विस्तार को मंजूरी दे दी है। निगम में नए 41 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। इससे निगम का क्षेत्र बढ़ गया है। गजट के बाद इन क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं में विस्तार के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम अयोध्या के सीमा विस्तार से कई ग्राम पंचायतों का वजूद संकट में आ गया है। प्रदेश शासन ने सीमा विस्तार को मंजूरी दे दी है। इसमें कुल 41 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। प्रथम दृष्टया इस सीमा विस्तार में शामिल किए गए 41 राजस्व कुल 31 ग्राम पंचायतों के बताए गए हैं। खासतौर से शहर से सटी छोटी, बड़ी कई ग्राम पंचायतें तो इसमें पूरी तरह से समाहित हो जाएंगी। कुछ का आकार काफी छोटा हो जाएगा। हलांकि इसकी स्थिति पूरी तरह से तो गजट के बाद ही साफ हो पाएगी। ऐसा जानकारों का कहना है।