{"_id":"5cab964abdec22145f53a51e","slug":"mou-between-awadh-university-and-empree-bhopal","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवध विवि व एमप्री भोपाल के बीच हुआ एमओयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवध विवि व एमप्री भोपाल के बीच हुआ एमओयू
Tue, 09 Apr 2019 12:13 AM IST
vivek vivek
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
Published by: vivek vivek
Updated Tue, 09 Apr 2019 12:13 AM IST
विज्ञापन
अवध विवि अयोध्या में एमप्री भोपाल से स्कील डेवलेप्मेंट के लिए एमओयू साइन करते निदेशक व कुलपति।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एडवांस्ड मैटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमप्री) हाई इंड साइंटिफिक इंस्टूमेंट बेव समर्थित संचार सिस्टम तथा स्किल्स डेवलपमेंट जैसे उद्देश्यों को लेकर सोमवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या व एमप्री भोपाल के बीच एमओयू साइन हुआ। एमप्री के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस सहमति पत्र हस्ताक्षर होने के बाद डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं एमप्री के वैज्ञानिक परस्पर शोध एवं एकेडमिक कार्य के लिए एक-दूसरे के यहां आ जा सकेंगे।
साथ मिलकर शोध प्रोग्राम बनाने में सहयोग के साथ ही एमप्री हाई एंड साइंटिफिक इंस्टूमेंट, वेब समर्थित संचार सिस्टम तथा स्किल डेवलपमेंट में परस्पर सहयोग करने का कार्य करेंगे। निदेशक डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी बताया की एमप्री और अवध विश्वविद्यालय भविष्य में सेमिनार, कान्फ्रेंस और वर्कशॉप संयुक्त तत्वावधान में कराएंगे। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा की हमारे प्रदेश में जल प्रदूषण, बाढ़ की समस्या, औद्योगिक वेस्ट मैटेरियल की समस्या से ग्रसित है। जिसके समाधान के लिए हमें विज्ञान व तकनीकी के माध्यम से ही इन समस्याओं का निवारण किया जा सकता है।
चीन व दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा की दोनों देश अपने ही संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से समुचित उपयोग करके विश्व पटल पर विकसित देश की छवि स्थापित की है। कुलपति ने बताया की साइंस एवं इंजीनियरिंग में शोध को धार देने हेतु एडवांस्ड मैटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमप्री) भोपाल के साथ एमओयू कर भौतिकी, प्रयुक्त भौतिकी एवं नैनो टेक्नोलॉजी, प्रयुक्त रसायन शास्त्र, सिविल इंजीनियरिंग, इलेकीट्रकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, सूचना तकनीकी इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मैटेरियल साइस, बायो साइंसेज, रिमोट सेंसिंग, रोबोटिक्स, रूरल टेक्नोलॉजी के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट में परस्पर ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर हो सकेगा।
विज्ञापन
भौतिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. केके वर्मा ने आज के दिन को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा की विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार भौतिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग हेतु उच्च शिक्षण संस्थान के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ है। इस अवसर पर प्रतिकुलपति प्रो. एसएन शुक्ला, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. आरके तिवारी, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय व कुलानुशासक प्रो. आरएन राय, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्रा, प्रो. सिद्वार्थ शुक्ला, प्रो. मृदुला मिश्रा, डॉ. आरके सिंह, डॉ. गीतिका श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
साथ मिलकर शोध प्रोग्राम बनाने में सहयोग के साथ ही एमप्री हाई एंड साइंटिफिक इंस्टूमेंट, वेब समर्थित संचार सिस्टम तथा स्किल डेवलपमेंट में परस्पर सहयोग करने का कार्य करेंगे। निदेशक डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी बताया की एमप्री और अवध विश्वविद्यालय भविष्य में सेमिनार, कान्फ्रेंस और वर्कशॉप संयुक्त तत्वावधान में कराएंगे। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा की हमारे प्रदेश में जल प्रदूषण, बाढ़ की समस्या, औद्योगिक वेस्ट मैटेरियल की समस्या से ग्रसित है। जिसके समाधान के लिए हमें विज्ञान व तकनीकी के माध्यम से ही इन समस्याओं का निवारण किया जा सकता है।
विज्ञापन
चीन व दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा की दोनों देश अपने ही संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से समुचित उपयोग करके विश्व पटल पर विकसित देश की छवि स्थापित की है। कुलपति ने बताया की साइंस एवं इंजीनियरिंग में शोध को धार देने हेतु एडवांस्ड मैटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमप्री) भोपाल के साथ एमओयू कर भौतिकी, प्रयुक्त भौतिकी एवं नैनो टेक्नोलॉजी, प्रयुक्त रसायन शास्त्र, सिविल इंजीनियरिंग, इलेकीट्रकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, सूचना तकनीकी इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मैटेरियल साइस, बायो साइंसेज, रिमोट सेंसिंग, रोबोटिक्स, रूरल टेक्नोलॉजी के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट में परस्पर ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर हो सकेगा।
विज्ञापन
भौतिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. केके वर्मा ने आज के दिन को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा की विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार भौतिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग हेतु उच्च शिक्षण संस्थान के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ है। इस अवसर पर प्रतिकुलपति प्रो. एसएन शुक्ला, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. आरके तिवारी, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय व कुलानुशासक प्रो. आरएन राय, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्रा, प्रो. सिद्वार्थ शुक्ला, प्रो. मृदुला मिश्रा, डॉ. आरके सिंह, डॉ. गीतिका श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।