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मेडिकल कॉलेज में 30 बेड की होगी आईसीयू

Sun, 07 Apr 2019 12:34 AM IST
vivek vivek न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या Published by: vivek vivek Updated Sun, 07 Apr 2019 12:34 AM IST
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Medical College will have 30 beds, ICU
-अयोध्या मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के लिए लगाए जा रहे बेड। - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों की पौध तैयार करने के साथ ही गंभीर मरीजों के लिए भी मेडिकल कॉलेज वरदान साबित होगा। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के कारण संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय में 30 बेड की आईसीयू बनेगा। कई आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी की जा रही है। पखवारे भर में ही सेवाएं मिलने के आसार हैं।
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प्रदेश में चिकित्सकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से निर्माणाधीन राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज कक्षाएं चलाने के लिए लगभग तैयार हो गया है। एमसीआई के निरीक्षण की तैयारी भी लगभग हो चुकी है। अनुमति मिलते ही इसी साल से कक्षाएं चलाई जाएंगी। थ्योरी कक्षाएं गंजा में निर्माणाधीन परिसर में चलेंगी।
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जबकि क्लीनिकल कक्षाओं के लिए दर्शननगर में निर्मित 300 बेड के संयुक्त मंडलीय चिकित्सालय को चुना गया है। इसी चयन के साथ इस अस्पताल के दिन भी बहुरने लगे हैं। सपा सरकार में ही इसका उद्घाटन आनन-फानन कोर्ट की जवाबदेही से बचने के लिए अखिलेश सरकार ने कर दिया, लेकिन आज तक यह अस्पताल वजूद में नहीं आ सका था।
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मेडिकल कॉलेज का हिस्सा बनने पर अब डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, डायलिसिस, पैथोलॉजी आदि सेवाओं के बाद अब गंभीरावस्था में मरीजों की जान बचाने के लिए आईसीयू का निर्माण किया जा रहा है। 30 बेड की इस आईसीयू को शीघ्र संचालित करने के लिए प्राचार्य ने निर्देशित किया है। जिसके अनुपालन में इन दिनों इंस्टालेशन का कार्य शुरू हुआ है।

मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. एमके पांडेय ने बताया कि कुल 30 बेड की आईसीयू बनाई जाएगी। जिसमें 10 बेड आईसीसीयू, 10 बेड एमआईसीयू, 05 बेड पीआईसीयू व 05 बेड का गायनी विभाग के लिए होंगे। 15 दिन के अंदर इसे संचालित किया जाना है। वेंटीलेटर के लिए आचार संहिता हटते ही क्रय आदेश जारी किया जाएगा।

पीपीपी मॉडल पर संचालित करने के लिए अस्पताल में छह माह पूर्व सीटी स्कैन लाई गई है, लेकिन अभी तक रेडियोलॉजिस्ट न होने व कुछ तकनीकी खामियों की वजह से जांच शुरू नहीं हो सकी। अब मेडिकल कॉलेज के नवागत प्राचार्य ने इसे प्रत्येक दशा में एक माह के भीतर संचालित कराने का निर्देश दिया है।

प्राचार्य प्रोफेसर विजय कुमार ने बताया कि एमसीआई के निरीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज अब लगभग तैयार हो चुका है। अनुमति मिलने के लिए ओपीडी करीब 400 होनी चाहिए, जो इन दिनों 900 तक पहुंच रही है। सभी डॉक्टर ओपीडी में चक्रानुक्रम में बैठ रहे हैं। ठप पड़ी ओटी भी संचालित हो गई है।


वहीं भर्ती मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। साफ-सफाई सहित तमाम व्यवस्थाओं को हाईटेक किया जा रहा है। बस, इंतजार है तो एमसीआई टीम का। मेडिकल कॉलेज की अनुमति मिलने के बाद इसे और भी उच्चीकृत किया जाएगा। जिससे अयोध्या ही नहीं अपितु, पूर्वांचल के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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