{"_id":"8ec8892116404ed99590936904e8f923","slug":"matiratan-samman-gives-to-three-personalities-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माटीरतन सम्मान से नवाजी गईं तीन हस्तियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माटीरतन सम्मान से नवाजी गईं तीन हस्तियां
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काकोरी कांड के नायक अशफाक उल्लाह खां के शहादत दिवस पर शनिवार को हिंदी सेवा के लिए साहित्यकार डा. दूधनाथ सिंह, समाजसेवा के लिए आशीष गौतम और उर्दू भाषा सेवा के लिए वजाहत हुसैन रिजवी को माटीरतन सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम में कई मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। माटी रतन सम्मान समारोह का आयोजन अशफाक उल्लाह खां शहीद शोध संस्थान की ओर से जेल परिसर स्थित शहादत स्थल पर हुआ।
समारोह में वन राज्य मंत्री तेज नारायन पांडेय पवन ने कहा कि अशफाक उल्लाह खां हमारे देश की धरोहर हैं। वह गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक है। विस्मिल-अशफाक की शहादत को हम व्यर्थ नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त गंगादीन यादव ने कहा कि हम ऐसे दौर में हैं जिसमें शहीदों की यादों को संजोए रखना जरूरी हो गया है।
शहीदों के व्यक्तित्व व कृतित्व को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की जरूरत है जिससे नई पीढ़ी को पता चले कि आजादी कैसे मिली है। माटी रतन से अलंकृत साहित्यकार दूधनाथ सिंह ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम में कोई भेद नहीं है।
अशफाक उल्लाह खां गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक हैं। आशीष गौतम ने कहा कि जब मैं सेवा करता हूं तो यह नहीं देखता कि सामने वाला जैकब है या मोहम्म्द या राम।
मैं सिर्फ रोगी को देखता हूं और उसको राहत देने के लिए काम करता हूं। वजाहत हुसैन रिजवी ने कहा कि हमें आजादी के मूल्यों को ठीक से समझने की जरूरत है तभी सशक्त देश का निर्माण होगा।
संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने कहा कि अवध की मिट्टी के लोगों में अपने इतिहास को ठीक से याद करने और उसे एहसास करने की समझ है।
उन्होंने कहा कि युवा अपने शहीदी इतिहास से अपरिचित रहें, इसलिए शहीदों की यादों को संजोने के बजाय मिटाने की कोशिशें की जा रही हैं।
कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों ने शहीद अशफाक उल्लाह खां की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। संचालन देश दीपक ने किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह, स्वप्निल श्रीवास्तव, सलाम जाफरी अशोक श्रीवास्तव, सुनील पाठक, सलाम जाफरी, संजीत सिंह, डा. रानी अवस्थी, रमेश शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कई मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। माटी रतन सम्मान समारोह का आयोजन अशफाक उल्लाह खां शहीद शोध संस्थान की ओर से जेल परिसर स्थित शहादत स्थल पर हुआ।
विज्ञापन
समारोह में वन राज्य मंत्री तेज नारायन पांडेय पवन ने कहा कि अशफाक उल्लाह खां हमारे देश की धरोहर हैं। वह गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक है। विस्मिल-अशफाक की शहादत को हम व्यर्थ नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त गंगादीन यादव ने कहा कि हम ऐसे दौर में हैं जिसमें शहीदों की यादों को संजोए रखना जरूरी हो गया है।
शहीदों के व्यक्तित्व व कृतित्व को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की जरूरत है जिससे नई पीढ़ी को पता चले कि आजादी कैसे मिली है। माटी रतन से अलंकृत साहित्यकार दूधनाथ सिंह ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम में कोई भेद नहीं है।
अशफाक उल्लाह खां गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक हैं। आशीष गौतम ने कहा कि जब मैं सेवा करता हूं तो यह नहीं देखता कि सामने वाला जैकब है या मोहम्म्द या राम।
मैं सिर्फ रोगी को देखता हूं और उसको राहत देने के लिए काम करता हूं। वजाहत हुसैन रिजवी ने कहा कि हमें आजादी के मूल्यों को ठीक से समझने की जरूरत है तभी सशक्त देश का निर्माण होगा।
संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने कहा कि अवध की मिट्टी के लोगों में अपने इतिहास को ठीक से याद करने और उसे एहसास करने की समझ है।
उन्होंने कहा कि युवा अपने शहीदी इतिहास से अपरिचित रहें, इसलिए शहीदों की यादों को संजोने के बजाय मिटाने की कोशिशें की जा रही हैं।
कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों ने शहीद अशफाक उल्लाह खां की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। संचालन देश दीपक ने किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह, स्वप्निल श्रीवास्तव, सलाम जाफरी अशोक श्रीवास्तव, सुनील पाठक, सलाम जाफरी, संजीत सिंह, डा. रानी अवस्थी, रमेश शर्मा मौजूद रहे।