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पूर्णांक से अधिक प्राप्तांक मामले में फंसे दो लिपिक
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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि के संत तुलसीदास पीजी कॉलेज, सुल्तानपुर की एमएड छात्रा के मॉर्क्सशीट में पूर्णांक से अधिक प्राप्तांक दिए जाने के प्रकरण में विवि प्रशासन के दो लिपिक दोषी पाए गए हैं। दोनों लिपिकों पर कार्रवाई के आदेश कुलपति कार्यालय से जारी हो गए हैं।
छात्रा को 1200 के पूर्णांक में 1209 अंक मिले थे। कई जगहों पर जांच के बाद भी मॉर्क्सशीट छात्रा तक पहुंच गई थी। इसकी शिकायत रवीश रंजन शुक्ला की ओर से की गई थी।
नवंबर में सोशल मीडिया पर संत तुलसीदास के एमएड छात्रा की एक मॉर्क्सशीट वायरल हुई थी। इसमें छात्रा को 1200 पूर्णांक में 1209 अंक प्राप्त हुए थे।
मामले की जानकारी के लिए विवि प्रशासन ने अपने तौर पर जांच की तो पाया कि मूल पत्रावली में गड़बड़ी नहीं है। इसके बाद छात्रा की मॉर्क्सशीट जमा होकर नई मॉर्क्सशीट जारी हो गई, जिससे बाद रवीश रंजन शुक्ला नामक व्यक्ति ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने का पत्र कुलपति समेत परीक्षा नियंत्रक को लिखा। इसमें कुलपति की ओर से परीक्षा नियंत्रक को जांच कर पूरे मामले से अवगत कराने का निर्देश जारी किया गया।
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25 नवंबर को परीक्षा नियंत्रक की ओर से मामले की जांच कर विवि के वरिष्ठ सहायक छेदालाल व राजेश पांडेय के स्तर से लापरवाही किए जाने की रिपोर्ट अवगत कराया गया।
कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए विवि की छवि धूमिल करने वाले दोनों लिपिकों पर कार्रवाई के लिए प्रति कुलपति को लिख दिया। मौजूदा समय में फाइल प्रतिकुलपति के पास है। जल्द ही इन पर कार्रवाई होने की बात बताई जा रही है। यह भी खबर है कि इसी घटना के बाद कर्मचारियों के आंदोलन ने रफ्तार पकड़ी है।
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छात्रा को 1200 के पूर्णांक में 1209 अंक मिले थे। कई जगहों पर जांच के बाद भी मॉर्क्सशीट छात्रा तक पहुंच गई थी। इसकी शिकायत रवीश रंजन शुक्ला की ओर से की गई थी।
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नवंबर में सोशल मीडिया पर संत तुलसीदास के एमएड छात्रा की एक मॉर्क्सशीट वायरल हुई थी। इसमें छात्रा को 1200 पूर्णांक में 1209 अंक प्राप्त हुए थे।
मामले की जानकारी के लिए विवि प्रशासन ने अपने तौर पर जांच की तो पाया कि मूल पत्रावली में गड़बड़ी नहीं है। इसके बाद छात्रा की मॉर्क्सशीट जमा होकर नई मॉर्क्सशीट जारी हो गई, जिससे बाद रवीश रंजन शुक्ला नामक व्यक्ति ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने का पत्र कुलपति समेत परीक्षा नियंत्रक को लिखा। इसमें कुलपति की ओर से परीक्षा नियंत्रक को जांच कर पूरे मामले से अवगत कराने का निर्देश जारी किया गया।
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25 नवंबर को परीक्षा नियंत्रक की ओर से मामले की जांच कर विवि के वरिष्ठ सहायक छेदालाल व राजेश पांडेय के स्तर से लापरवाही किए जाने की रिपोर्ट अवगत कराया गया।
कुलपति ने परीक्षा नियंत्रक की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए विवि की छवि धूमिल करने वाले दोनों लिपिकों पर कार्रवाई के लिए प्रति कुलपति को लिख दिया। मौजूदा समय में फाइल प्रतिकुलपति के पास है। जल्द ही इन पर कार्रवाई होने की बात बताई जा रही है। यह भी खबर है कि इसी घटना के बाद कर्मचारियों के आंदोलन ने रफ्तार पकड़ी है।