{"_id":"5f9d8c178ebc3e9be10568b7","slug":"market-faizabad-news-lko5479657109","type":"story","status":"publish","title_hn":"करवाचौथ से सराफा बाजार में लौटी रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करवाचौथ से सराफा बाजार में लौटी रौनक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। शहर में करवाचौथ पर्व को लेकर सराफा बाजार में रौनक लौट आई है। शहर के प्रतिष्ठित सराफा दुकानों पर अभी से खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। हालांकि सोने व चांदी के मूल्यों में इजाफा हुआ है।
इसके बाद भी दुकानों पर खरीदारों की तादाद बढ़ती जा रही है। शहर के व्यवसायियों का मानना है कि इससे कारोबार के दोबारा खड़े होने में मदद मिलेगी। अगर दीपावली में भी इसी प्रकार ग्राहकों की भीड़ बनी रही तो लगन के सीजन तक कारोबार अपने पुराने स्टेज पर पहुंच सकता है।
जिले में लॉकडाउन के बाद सराफा व्यापार बिल्कुल से ठप हो गया था। अनलॉक प्रक्रिया के बाद भी सराफा व्यवसाय में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आ रहा था। अब करवाचौथ में ग्राहकों का आना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
सराफा व्यवसायी विपिन बंसल का कहना है कि चांदी के दाम में तेजी आई है लेकिन ग्राहक भी आ रहे हैं। अब उम्मीद है कि अब व्यवसाय चलेगा अगर दीपावली भी इसी प्रकार की रही तो लगन के सीजन तक कारोबार ढर्रे पर आ जाएगा।
सराफा व्यवसायी आलोक बंसल का कहना है कि ग्राहकों की चहल-पहल शुरू हो गई है। ग्राहकों का अधिक फोकस चांदी पर ही है। वह कहते हैं कि हालांकि चांद केे दाम बढ़े हैं फिर भी लोग चांदी के सामनों पर ही अधिक ध्यान दे रहे हैं।
इस बार देर से दिखेगा चांद
करवाचौथ का पर्व चार नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं दिनभर निर्जल व्रत रखकर रात में चंद्र को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करती हैं। मगर इस बार अधिमास होने के चलते निर्धारित समय से अधिक देर से चांद दिखेगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ चार नवंबर को तड़के तीन बजे बजकर 24 मिनट तक होगा।
चतुर्थी तिथि का समापन पांच नवंबर गुरुवार को प्रात:काल पांच बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में करवाचौथ का व्रत चार नवंबर को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि चंद्रोदय देखने के एक घड़ी यानी 24 मिनट के अंदर पूजन करना उत्तम होगा। इस बार चंद्रोदय करीब आठ बजकर पांच मिनट से होना शुरू होगा लेकिन चतुर्थी का चांद होने के कारण इसे दिखाई देने में करीब 20 से 25 मिनट समय और लग जाएगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य शिवेंद्र ने बताया है कि करवाचौथ में व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रदर्शन कर अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विधिविधान से पूजन करें।
विशेष डिजाइन महिलाओं को रिझायेंगी
शहर में करवाचौथ के लिए सराफा व्यवसाय सज चुका है। इस बार करवा चौथ पर विशेष रूप से चांदी के करवा व विशेष प्रकार के मंगलसूत्र डिजाइन किए जाएंगे। यह शहर के प्रतिष्ठित दुकानों पर मिल रहे हैं। आमतौर से चांदी के करवा पांच हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक के बाजार में उपलब्ध हैं। विशेष तौर शुभ लाभ की डिजाइनों युक्त छोटे चांदी के करवा की विशेष मांग है। यही हाल मंगलसूत्रों का भी है। मंगलसूत्र भी भगवान की आकृतियों के साथ डिजाइन किए गए हैं। इनकी मांग 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक के उपलब्ध है। खासतौर पर भगवान की आकृतियों वाले मंगलसूत्र की मांग अधिक है।
विज्ञापन
इसके बाद भी दुकानों पर खरीदारों की तादाद बढ़ती जा रही है। शहर के व्यवसायियों का मानना है कि इससे कारोबार के दोबारा खड़े होने में मदद मिलेगी। अगर दीपावली में भी इसी प्रकार ग्राहकों की भीड़ बनी रही तो लगन के सीजन तक कारोबार अपने पुराने स्टेज पर पहुंच सकता है।
विज्ञापन
जिले में लॉकडाउन के बाद सराफा व्यापार बिल्कुल से ठप हो गया था। अनलॉक प्रक्रिया के बाद भी सराफा व्यवसाय में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आ रहा था। अब करवाचौथ में ग्राहकों का आना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
सराफा व्यवसायी विपिन बंसल का कहना है कि चांदी के दाम में तेजी आई है लेकिन ग्राहक भी आ रहे हैं। अब उम्मीद है कि अब व्यवसाय चलेगा अगर दीपावली भी इसी प्रकार की रही तो लगन के सीजन तक कारोबार ढर्रे पर आ जाएगा।
सराफा व्यवसायी आलोक बंसल का कहना है कि ग्राहकों की चहल-पहल शुरू हो गई है। ग्राहकों का अधिक फोकस चांदी पर ही है। वह कहते हैं कि हालांकि चांद केे दाम बढ़े हैं फिर भी लोग चांदी के सामनों पर ही अधिक ध्यान दे रहे हैं।
इस बार देर से दिखेगा चांद
करवाचौथ का पर्व चार नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं दिनभर निर्जल व्रत रखकर रात में चंद्र को अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण करती हैं। मगर इस बार अधिमास होने के चलते निर्धारित समय से अधिक देर से चांद दिखेगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ चार नवंबर को तड़के तीन बजे बजकर 24 मिनट तक होगा।
चतुर्थी तिथि का समापन पांच नवंबर गुरुवार को प्रात:काल पांच बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में करवाचौथ का व्रत चार नवंबर को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि चंद्रोदय देखने के एक घड़ी यानी 24 मिनट के अंदर पूजन करना उत्तम होगा। इस बार चंद्रोदय करीब आठ बजकर पांच मिनट से होना शुरू होगा लेकिन चतुर्थी का चांद होने के कारण इसे दिखाई देने में करीब 20 से 25 मिनट समय और लग जाएगा। ज्योतिषाचार्य आचार्य शिवेंद्र ने बताया है कि करवाचौथ में व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रदर्शन कर अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विधिविधान से पूजन करें।
विशेष डिजाइन महिलाओं को रिझायेंगी
शहर में करवाचौथ के लिए सराफा व्यवसाय सज चुका है। इस बार करवा चौथ पर विशेष रूप से चांदी के करवा व विशेष प्रकार के मंगलसूत्र डिजाइन किए जाएंगे। यह शहर के प्रतिष्ठित दुकानों पर मिल रहे हैं। आमतौर से चांदी के करवा पांच हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक के बाजार में उपलब्ध हैं। विशेष तौर शुभ लाभ की डिजाइनों युक्त छोटे चांदी के करवा की विशेष मांग है। यही हाल मंगलसूत्रों का भी है। मंगलसूत्र भी भगवान की आकृतियों के साथ डिजाइन किए गए हैं। इनकी मांग 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक के उपलब्ध है। खासतौर पर भगवान की आकृतियों वाले मंगलसूत्र की मांग अधिक है।